ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से पहले पूर्ण कराएं जन-मन सभागार का निर्माण कार्य : सीएम मोहन

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  • Sep 21, 2026
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भवन विकास निगम की आय बढ़ाने के लिए बनेगी नई राजस्व इकाई, 25 करोड़ तक की निविदाओं को मंजूरी का अधिकार

भोपाल, 21 सितंबर। मध्यप्रदेश भवन विकास निगम को अधिक सक्षम और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में हुई निगम के संचालक मंडल की पांचवीं बैठक में रेवेन्यू जनरेटिंग बॉडी के गठन को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई। इसके साथ ही 25 करोड़ रुपये तक की प्राक्कलित अनुबंध राशि वाली निविदाओं की स्वीकृति और निरस्तीकरण की प्रक्रिया को भी अधिक विकेंद्रीकृत किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि निगम की आय बढ़ाने के लिए नए और वैकल्पिक राजस्व स्रोत विकसित किए जाएं, ताकि काम शुरू करने और राजस्व प्राप्त करने की संभावनाएं तेजी से विकसित हों। उन्होंने अधिकारियों को नई राजस्व इकाई का गठन जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।

समय-सीमा से पहले पूरी हों बड़ी परियोजनाएं

बैठक में मुख्यमंत्री ने भवन विकास निगम से निर्माणाधीन बड़ी परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा से पहले पूरा करने पर जोर दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री आवास परिसर में 26.57 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे जन-मन सभागार का निर्माण जनवरी 2027 में प्रस्तावित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से पहले पूरा करने के निर्देश दिए।

उन्होंने नए मेडिकल कॉलेजों की इमारतों और अन्य अधोसंरचनाओं के निर्माण में केंद्र सरकार के वायबिलिटी गैप फंडिंग (वीजीएफ) मानकों के अनुरूप कार्य सुनिश्चित करने को कहा।

25 करोड़ तक की निविदाओं के लिए प्रबंध संचालक अधिकृत

बैठक में निगम को प्राप्त होने वाली 25 करोड़ रुपये तक की प्राक्कलित अनुबंध राशि (पीएसी) वाली सभी निविदाओं की स्वीकृति या निरस्तीकरण के लिए निगम के प्रबंध संचालक और गठित अधिकार समिति को अधिकृत करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इससे निविदाओं से जुड़ी प्रक्रियाओं में निर्णय लेने की गति बढ़ने की उम्मीद है।

संचालक मंडल ने निगम की संगठनात्मक संरचना में महाप्रबंधक (तकनीकी) संवर्ग के अंतर्गत महाप्रबंधक (निविदा) और महाप्रबंधक (रीडेंसिफिकेशन) के दो नए पद सृजित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी।

763 परियोजनाओं पर 10,994 करोड़ रुपये का निर्माण कार्य

बैठक में बताया गया कि लोक निर्माण विभाग ने भवन विकास निगम को कुल 763 परियोजनाएं आवंटित की हैं। इन सक्रिय परियोजनाओं की कुल निर्माण लागत करीब 10,994 करोड़ रुपये है।

निगम में भर्ती प्रक्रिया आईआईएम इंदौर के माध्यम से की जा रही है। मानक निविदा दस्तावेज तैयार किए जा रहे हैं, जिससे निविदा प्रक्रिया में पारदर्शिता और मानकीकरण बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।

ठेकेदारों के भुगतान की अवधि 33 से घटकर 11 दिन

निगम की कार्यप्रणाली में किए गए बदलावों का असर भुगतान व्यवस्था पर भी दिखाई दे रहा है। बैठक में बताया गया कि काम पूरा होने के बाद ठेकेदारों को भुगतान की औसत अवधि 33 दिन से घटाकर 11 दिन कर दी गई है। इससे भुगतान प्रक्रिया में तेजी के साथ समय की बचत हो रही है।

पांच मेडिकल कॉलेज और नए अतिथि गृह निर्माणाधीन

भवन विकास निगम द्वारा उज्जैन मेडिसिटी, सिंगरौली, मंडला, रीवा और बुदनी (सीहोर) में पांच मेडिकल कॉलेजों के साथ उज्जैन में संयुक्त प्रशासनिक भवन का निर्माण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इन सभी परियोजनाओं को समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।

इसके अलावा भोपाल में 130 करोड़ रुपये की लागत से 150 कक्षों वाला नया राज्य अतिथि गृह और जबलपुर में 65 करोड़ रुपये की लागत से 75 कक्षों वाला सर्किट हाउस भी निर्माणाधीन है।

बैठक में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव संजय दुबे, अपर मुख्य सचिव मनीष रस्तोगी, प्रमुख सचिव लोक निर्माण सुखबीर सिंह, प्रमुख सचिव वन राघवेंद्र कुमार सिंह, प्रमुख सचिव विवेक पोरवाल, भवन विकास निगम के प्रबंध संचालक सिबि चक्रवर्ती सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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