गरबा महोत्सवों में शामिल हुए मुख्यमंत्री साय, कहा— मातृशक्ति का सम्मान और सशक्तिकरण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता

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  • Oct 19, 2026
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महतारी वंदन योजना से 68 लाख महिलाओं को हर महीने मिल रही ₹1,000 की सहायता, प्रदेश की 14 लाख महिलाएं बनीं लखपति दीदी

रायपुर, 19 अक्टूबर 2026। 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर में आयोजित विभिन्न गरबा महोत्सवों और दुर्गा पूजा आयोजनों में शामिल हुए। उन्होंने दुर्गा पूजा पंडालों में मां दुर्गा के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, शांति एवं खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि गरबा महोत्सव हमारी समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा, सामाजिक एकता और मातृशक्ति के सम्मान का प्रतीक है। महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और आर्थिक सशक्तिकरण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

मुख्यमंत्री ने माना बाजार सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति और सार्वजनिक श्री श्री दुर्गा पूजा समिति के पंडालों में पहुंचकर मां दुर्गा की आराधना की। इसके बाद वे हुकुम ललित महल में छत्तीसगढ़ सिंधी पंचायत युवा विंग द्वारा आयोजित ‘रास गरबा विथ भजन डांडिया’, रामबाग के रास गरबा, पचपेड़ी नाका स्थित राम मंगलम लॉन में श्री दशा सोरठिया वाणिक समाज के ‘सोरठी रंग रंगीलो’ नवरात्रि उत्सव और शंकर नगर स्थित बीटीआई मैदान में आयोजित ‘संकल्प गरबा’ में शामिल हुए। विभिन्न आयोजनों में समाजजनों और श्रद्धालुओं ने उनका स्वागत किया।

गरबा और दुर्गा पूजा सामाजिक एकता के प्रतीक

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नवरात्रि शक्ति स्वरूपा मां दुर्गा की आराधना का पर्व होने के साथ हमारी आस्था, परंपरा और सामाजिक सद्भाव का उत्सव भी है। गरबा और दुर्गा पूजा जैसे आयोजन लोगों को प्रेम, भाईचारे और सांस्कृतिक एकता के सूत्र में बांधते हैं। गुजरात की सांस्कृतिक परंपरा से निकला गरबा आज देशभर में लोकप्रिय है और विविधता में एकता की भारतीय भावना को मजबूत करता है।

उन्होंने कहा कि नवरात्रि मातृशक्ति के सम्मान, उनकी गरिमा और समाज निर्माण में उनके योगदान को स्मरण करने का अवसर है। महिलाओं के सशक्त होने, निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी बढ़ने और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने से परिवार और समाज दोनों मजबूत होते हैं।

महतारी वंदन से 68 लाख महिलाओं को आर्थिक संबल

मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना के तहत प्रदेश की लगभग 68 लाख महिलाओं के बैंक खातों में प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता राशि सीधे अंतरित की जा रही है। इससे महिलाएं अपनी जरूरतों के संबंध में निर्णय लेने के साथ बच्चों की शिक्षा और घरेलू आवश्यकताओं की पूर्ति में भी सहयोग कर पा रही हैं।

उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ की 14 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। यह महिलाओं की मेहनत, उद्यमशीलता और सामर्थ्य को दर्शाता है। राज्य सरकार स्व-सहायता समूहों, आजीविका गतिविधियों और विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक प्रगति के नए अवसर उपलब्ध करा रही है।

देवी शक्तिपीठों के विकास पर जोर

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ माता कौशल्या की पावन धरती है। मां दंतेश्वरी, मां बम्लेश्वरी, मां महामाया और मां चंद्रहासिनी जैसे देवी स्थलों के कारण प्रदेश की पहचान समृद्ध आध्यात्मिक परंपरा से जुड़ी है। नवरात्रि के दौरान दंतेवाड़ा से डोंगरगढ़ और रतनपुर से चंद्रपुर तक देवी मंदिरों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को सहेजना तथा नई पीढ़ी को इससे जोड़ना जरूरी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास के साथ विरासत के संरक्षण पर भी ध्यान दे रहा है। इसी भावना के अनुरूप छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश के प्रमुख देवी शक्तिपीठों और धार्मिक स्थलों के विकास के लिए काम कर रही है, ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलें और इन स्थलों को व्यापक पहचान मिले।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक विकास के साथ संस्कृति और परंपराओं का संरक्षण भी जरूरी है। विकास और विरासत का समन्वय ही आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों से जोड़े रखेगा।

बस्तर में शांति और विकास का नया दौर: केदार कश्यप

कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने प्रदेशवासियों को शारदीय नवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में नक्सलवाद के विरुद्ध चलाए गए अभियान के परिणामस्वरूप बस्तर शांति, विश्वास और विकास के नए दौर में प्रवेश कर रहा है।

उन्होंने कहा कि बस्तर में पहले जहां हिंसा और बारूद के धमाकों की आवाज सुनाई देती थी, वहां अब खुशहाली के मांदर की थाप गूंज रही है। क्षेत्र में शांति स्थापित होने के साथ जनजातीय संस्कृति, परंपराओं और लोकजीवन को भी नई पहचान मिल रही है।

पारंपरिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां

विभिन्न गरबा महोत्सवों में पारंपरिक परिधानों में सजे प्रतिभागियों ने गरबा और डांडिया की आकर्षक प्रस्तुतियां दीं। भक्ति गीतों और पारंपरिक संगीत के बीच बड़ी संख्या में नागरिकों ने उत्साह के साथ नवरात्रि का पर्व मनाया। मुख्यमंत्री ने आयोजन समितियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन सामाजिक समरसता मजबूत करने और सांस्कृतिक विरासत को पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने मां दुर्गा से प्रदेशवासियों के उत्तम स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना करते हुए छत्तीसगढ़ के शांति एवं विकास के पथ पर निरंतर आगे बढ़ने की कामना की।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री खुशवंत साहेब, विधायक मोतीलाल साहू, छत्तीसगढ़ नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, सिंधी समाज के अमित चिमनानी और महेश दरयानी, श्री दशा सोरठिया वाणिक समाज के नितिन ढोलकिया सहित विभिन्न समाजों के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, आयोजन समितियों के सदस्य और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

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