नए दौर की अर्थव्यवस्था के लिए तैयार हो रहा छत्तीसगढ़, भविष्य के उद्योगों पर हमारा फोकस: CM साय

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  • Sep 18, 2026
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रायपुर में इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर-2026 का शुभारंभ, देशभर के 300 से अधिक एमएसएमई उद्यमी ले रहे हिस्सा

रायपुर, 18 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ की औद्योगिक पहचान अब कोयला, स्टील और सीमेंट तक सीमित नहीं रह गई है। राज्य सरकार आईटी, सेमीकंडक्टर, फार्मा, टेक्सटाइल और ग्रीन एनर्जी जैसे उभरते क्षेत्रों को बढ़ावा देकर प्रदेश को भविष्य की अर्थव्यवस्था के नए औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि सरकार की भूमिका केवल नियामक की नहीं, बल्कि उद्योग और निवेश की राह आसान करने वाले सहयोगी और ‘एक्सीलरेटर’ की है।

मुख्यमंत्री ने राजधानी के साइंस कॉलेज मैदान में लघु उद्योग भारती द्वारा आयोजित तीन दिवसीय इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर-2026 का शुभारंभ किया। 18 से 20 सितंबर तक चलने वाले इस आयोजन में देशभर के 300 से अधिक एमएसएमई उद्यमी हिस्सा ले रहे हैं। मुख्यमंत्री ने विभिन्न राज्यों से आए उद्यमियों और निवेशकों का स्वागत करते हुए उन्हें छत्तीसगढ़ में उपलब्ध औद्योगिक और निवेश संभावनाओं का लाभ उठाने के लिए आमंत्रित किया।

उन्होंने कहा कि खनिज, ऊर्जा, वन संपदा, मानव संसाधन और देश के मध्य में स्थित होने का भौगोलिक लाभ छत्तीसगढ़ की बड़ी ताकत है। इन प्राकृतिक और भौगोलिक खूबियों को आधुनिक तकनीक, बेहतर अधोसंरचना और निवेशक हितैषी नीतियों से जोड़कर राज्य को प्रमुख औद्योगिक एवं निवेश गंतव्य बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

नई औद्योगिक नीति से निवेश को मिली गति

मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योग जगत और विभिन्न हितधारकों से विचार-विमर्श के बाद लागू औद्योगिक विकास नीति 2024-30 का उद्देश्य केवल निवेश आकर्षित करना नहीं, बल्कि ऐसा औद्योगिक इकोसिस्टम तैयार करना है जिसमें निवेश, उत्पादन, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था एक साथ आगे बढ़ें।

नीति में प्रक्रियाओं के सरलीकरण, निवेश प्रोत्साहन, नए एवं उभरते क्षेत्रों और स्थानीय रोजगार को प्राथमिकता दी गई है। नीति लागू होने के बाद प्रदेश में बड़ी संख्या में निवेश प्रस्ताव आए हैं और कई परियोजनाओं पर जमीन पर काम भी शुरू हो चुका है।

सेमीकंडक्टर और टेक्नोलॉजी पर विशेष फोकस

छत्तीसगढ़ में औद्योगिक गतिविधियों को नए क्षेत्रों तक विस्तार दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि करीब 1100 करोड़ रुपये की सेमीकंडक्टर परियोजना पर काम शुरू होना प्रदेश के बदलते औद्योगिक परिदृश्य का उदाहरण है। नवा रायपुर को आधुनिक टेक्नोलॉजी हब के रूप में विकसित करने की दिशा में भी काम जारी है।

राज्य सरकार आईटी, सेमीकंडक्टर, फार्मा, टेक्सटाइल, ग्रीन एनर्जी और तकनीक आधारित अन्य क्षेत्रों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार कर रही है। टेक्नोलॉजी हब और इंडस्ट्री एक्सीलेंस हब विकसित करने की दिशा में भी पहल की जा रही है।

 भविष्य के उद्योगों का नया केंद्र बनने की ओर अग्रसर छत्तीसगढ़: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

निवेशकों के लिए आसान होगी उद्योग स्थापना की प्रक्रिया

मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योगों के तेज विकास के लिए नीतिगत स्थिरता के साथ सरल और पारदर्शी प्रक्रियाएं जरूरी हैं। इसी उद्देश्य से सिंगल विंडो सिस्टम के जरिए उद्योग स्थापना से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल बनाया जा रहा है। निवेशकों को भूमि, अधोसंरचना और अन्य आवश्यक सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि उद्यमियों का समय प्रक्रियागत जटिलताओं में नहीं, बल्कि उत्पादन, नवाचार, विस्तार और रोजगार सृजन में लगे।

 

स्थानीय संसाधनों में वैल्यू एडिशन पर जोर

छत्तीसगढ़ के समृद्ध खनिज और वन संसाधन औद्योगिक विकास की महत्वपूर्ण पूंजी हैं। कोयला, लौह अयस्क और बॉक्साइट जैसे खनिजों के राज्य में ही अधिक से अधिक मूल्य संवर्धन को औद्योगिक रणनीति का हिस्सा बनाया जा रहा है।

प्रदेश का 44 प्रतिशत से अधिक भू-भाग वनाच्छादित है। इमली, महुआ, चिरौंजी, हर्रा-बहेड़ा और अन्य लघु वनोपज तथा औषधीय संसाधनों के वैज्ञानिक प्रसंस्करण से वन क्षेत्रों में उद्योग और रोजगार की नई संभावनाएं विकसित की जा सकती हैं। इससे स्थानीय समुदायों और जनजातीय परिवारों की आय बढ़ाने के अवसर भी पैदा होंगे।

ऊर्जा क्षेत्र को भी औद्योगिक विकास का मजबूत आधार बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में करीब 30 हजार मेगावाट विद्युत उत्पादन क्षमता है। नए निवेश प्रस्तावों के साथ आने वाले वर्षों में उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर भी काम किया जा रहा है।

औद्योगिक विकास के केंद्र में स्थानीय युवा

मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक विकास का वास्तविक लाभ तभी है, जब इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ें। नई औद्योगिक नीति में स्थानीय रोजगार को विशेष महत्व दिया गया है और अधिक स्थानीय लोगों को रोजगार देने वाले उद्योगों के लिए विशेष प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है।

उन्होंने कहा कि लक्ष्य ऐसा वातावरण बनाना है जिसमें प्रदेश का युवा केवल रोजगार तलाशने वाला नहीं, बल्कि कौशल, नवाचार और उद्यमशीलता के माध्यम से रोजगार देने वाला भी बने। एमएसएमई और स्टार्टअप इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

बस्तर में पर्यटन से स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति की संभावना

मुख्यमंत्री ने बस्तर की प्राकृतिक सुंदरता, जनजातीय संस्कृति और पर्यटन की संभावनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जलप्रपात, वन, प्राकृतिक स्थल और विशिष्ट सांस्कृतिक विरासत बस्तर को पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण बनाते हैं।

होम-स्टे जैसी पहलों के माध्यम से पर्यटन को स्थानीय परिवारों की आजीविका से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने देशभर से आए उद्यमियों से औद्योगिक मेले के साथ छत्तीसगढ़ के पर्यटन और तीर्थ स्थलों का भ्रमण करने का आग्रह किया।

एमएसएमई को मिला राष्ट्रीय मंच

उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर के 14वें संस्करण को प्रदेश की औद्योगिक विकास यात्रा के लिए महत्वपूर्ण अवसर बताया। उन्होंने कहा कि मेले में देश के विभिन्न हिस्सों से आए उद्यमियों को उत्पादों, तकनीक, नवाचार और अनुभव साझा करने के साथ नई व्यावसायिक संभावनाएं तलाशने का अवसर मिल रहा है।

उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि नई औद्योगिक नीति में निवेश आकर्षित करने और उद्योग स्थापना की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए अनेक प्रावधान किए गए हैं। सरकार के प्रयासों से निवेश प्रस्तावों के साथ उनके क्रियान्वयन के परिणाम भी जमीन पर दिखाई देने लगे हैं।

लघु उद्योग भारती के प्रकाश चंद्र गुप्त ने बताया कि संगठन देश के 750 से अधिक जिलों में उद्यमियों को संगठित कर रहा है। छत्तीसगढ़ के 25 जिलों में भी 1200 से अधिक लघु एवं मध्यम उद्योग संगठन से जुड़े हैं।

उद्योगों की तकनीक और नवाचार से रूबरू हुए मुख्यमंत्री

मेले में देश और प्रदेश की विभिन्न औद्योगिक इकाइयों ने बड़ी संख्या में स्टॉल लगाए हैं। मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर उत्पादों, मशीनरी, तकनीक और नवाचारों की जानकारी ली। यहां पारंपरिक आयुर्वेदिक औषधियों से लेकर आधुनिक मशीनरी, आईटी और नवीन तकनीक आधारित औद्योगिक उत्पाद प्रदर्शित किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने उद्यमियों और औद्योगिक प्रतिनिधियों से संवाद कर उनकी गतिविधियों, तकनीकी नवाचारों और अनुभवों की जानकारी ली। उन्होंने आयोजन की तैयारियों और औद्योगिक क्षेत्र में योगदान देने वाले पदाधिकारियों, सदस्यों और प्रतिनिधियों को सम्मानित भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ अपने संसाधनों, सामर्थ्य और नई संभावनाओं के साथ औद्योगिक विकास के नए दौर में प्रवेश कर रहा है। सरकार एमएसएमई से लेकर बड़े उद्योगों तक के लिए सहयोगी वातावरण तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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