जम्मू कश्मीर पर सेना की रिपोर्ट; वर्ष 2025 में पत्थरबाजी कोई घटना नहीं हुई, 12 पाकिस्तानी आतंकी मारे

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  • Sep 15, 2026
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जम्मू/नई दिल्ली।

वर्ष 2025 में सुरक्षा के मोर्चे पर जम्मू-कश्मीर से लेकर लद्दाख तक कई परिवर्तन देखने को मिले एक तरफ LAC पर चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) की तैनाती में कमी दर्ज की गई, तो दूसरी ओर जम्मू-कश्मीर में पत्थरबाजी और स्थानीय युवाओं के आतंकी संगठनों में शामिल होने की घटनाओं में बड़ी गिरावट आई है। हालांकि, पाकिस्तान की तरफ से LoC पर सीजफायर उल्लंघन में अचानक बढ़ोतरी देखने को मिली। रक्षा मंत्रालय की 2025-26 की वार्षिक रिपोर्ट बदलावों की पूरी तस्वीर सामने रखती है।

जम्मू-कश्मीर में पत्थरबाजी

जम्मू-कश्मीर के लिए रिपोर्ट का सबसे अहम पहलू कानून-व्यवस्था और आतंरिक सुरक्षा की स्थिति में सुधार है।

पत्थरबाजी – शून्य घटनाएं

स्थानीय युवकों का आतंकी संगठन में शामिल होना – 1 मामला

LoC से घुसपैठ की कोशिश – 6

मारे गए पाकिस्तानी आतंकी – 12

2024 में सीजफायर उल्लंघन – 2 मामले

2025 में सीजफायर उल्लंघन – 163 मामले

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सीजफायर उल्लंघन – 124 मामले

आंकड़े बताते हैं कि घाटी के भीतर सुरक्षा स्थिति में सुधार हुआ है, लेकिन LoC पर सीमा पार से चुनौती बनी रही।

LAC पर घटी चीनी सैनिकों की तैनाती

रिपोर्ट के अनुसार, चीन ने वास्तविक नियंत्रण रेखा यानी LAC पर अपनी सैन्य मौजूदगी को कुछ कम किया है। जबकि भारतीय सेना की LAC के सभी सेक्टरों में मजबूत तैनाती है। यानी चीन की तैनाती में कमी के बावजूद भारत ने सीमा पर अपनी सैन्य तैयारी को कमजोर नहीं होने दिया है।

रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में सीजफायर उल्लंघन के सिर्फ 2 मामले सामने आए थे, लेकिन 2025 में इनकी संख्या बढ़कर 163 हो गई। इनमें से 124 मामले ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दर्ज किए गए।

इसी दौरान सुरक्षा बलों ने LoC के आसपास घुसपैठ की 6 कोशिशों को नाकाम किया। अलग-अलग मुठभेड़ों में 12 पाकिस्तानी आतंकियों को मार गिराया गया।

यानी 2025 में जम्मू-कश्मीर के अंदर हिंसा और पत्थरबाजी पर नियंत्रण मजबूत हुआ, लेकिन सीमा पार से होने वाले खतरे में कमी नहीं आई।

वर्ष 2025 में भारत और चीन के बीच सीमा विवाद को लेकर बातचीत का सिलसिला भी आगे बढ़ा। मार्च और जुलाई में WMCC की 33वीं और 34वीं बैठक हुई। इसके अलावा दोनों देशों के विशेष प्रतिनिधियों के बीच भी बातचीत हुई।

अगस्त 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन का दौरा किया और तियानजिन में आयोजित SCO शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया। इसके बाद 25-26 अक्तूबर को पूर्वी लद्दाख में 23वीं कोर कमांडर स्तर की बैठक हुई। सीमा पर दोनों देशों के सैनिकों के बीच बॉर्डर पर्सनल मीटिंग भी जारी रही। सेना के अनुसार, इन बैठकों का माहौल शांतिपूर्ण रहा और विवादों को बातचीत के जरिए सुलझाने पर जोर दिया गया।
ड्रोन से हथियार और नशे की तस्करी नई चुनौती

पश्चिमी सीमा पर पाकिस्तान की ओर से ड्रोन के जरिए हथियार और नशीले पदार्थ भेजना सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। अंतरराष्ट्रीय सीमा के आसपास 2025 में सुरक्षा बलों ने 2 AK-47 राइफल, 75 पिस्टल और 281.41 किलोग्राम नशीला पदार्थ बरामद किया। यह सामान ड्रोन के माध्यम से सीमा पार से भेजे जाने की कोशिश की गई थी। विशेषकर पंजाब से लगी पश्चिमी सीमा पर ड्रोन के जरिए होने वाली हथियार और ड्रग्स की तस्करी पर सुरक्षा एजेंसियों की नजर बनी हुई है।

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