3 अक्टूबर से नवीन आपराधिक कानूनों पर प्रदर्शनी, अपराध से न्याय तक की पूरी प्रक्रिया दिखेगी अमित शाह करेंगे उद्घाटन; पुलिस, FSL, अभियोजन, जेल समेत कई विभाग लगाएंगे स्टॉल, डिजिटल तकनीक और वैज्ञानिक साक्ष्यों की भी मिलेगी जानकारी

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  • Sep 26, 2026
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भोपाल | 26 सितंबर 2026

नवीन आपराधिक कानूनों के प्रावधानों और आपराधिक न्याय प्रणाली की पूरी प्रक्रिया को आम नागरिकों तक सरल तरीके से पहुंचाने के लिए विशेष प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार 3 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे।

प्रदर्शनी की तैयारियों को लेकर पुलिस मुख्यालय, भोपाल के कॉन्फ्रेंस हॉल में विशेष पुलिस महानिदेशक पंकज श्रीवास्तव की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया और प्रदर्शनी की रूपरेखा तथा तैयारियों की समीक्षा की।

अपराध की सूचना से न्याय तक पूरी प्रक्रिया

प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को यह समझाना है कि अपराध की सूचना मिलने से लेकर जांच, अभियोजन और न्यायालय की कार्यवाही तक पूरी प्रक्रिया किस तरह आगे बढ़ती है।

पुलिस की कार्यप्रणाली को चरणबद्ध तरीके से प्रदर्शित किया जाएगा। इसमें थाना अथवा राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112 में सूचना प्राप्त होने, घटनास्थल पर पुलिस और FSL टीम के पहुंचने, साक्ष्य संकलन तथा वैज्ञानिक विवेचना की प्रक्रिया दिखाई जाएगी।

इसके साथ ही थाने में प्रकरण की कार्रवाई, CCTNS, मालखाना और अन्य डिजिटल व्यवस्थाओं को भी प्रदर्शित किया जाएगा।

अभियोजन से हाईकोर्ट की अपील तक दिखेगी प्रक्रिया

प्रदर्शनी में पुलिस कार्रवाई के बाद अभियोजन की भूमिका और जिला न्यायालय में प्रकरण की कार्यवाही को भी दर्शाया जाएगा। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेशी तथा उच्च न्यायालय में अपील की प्रक्रिया की जानकारी भी प्रदर्शित की जाएगी।

इस पूरी प्रक्रिया को वीडियो, डिजिटल स्क्रीन, पोस्टर, मॉडल और अन्य दृश्य माध्यमों के जरिए सरल एवं रोचक तरीके से समझाने की तैयारी है।

साइबर अपराध और FSL तकनीक पर भी फोकस

प्रदर्शनी में नवीन आपराधिक कानून लागू होने के बाद आपराधिक न्याय प्रणाली में तकनीक और वैज्ञानिक साक्ष्यों के उपयोग को विशेष रूप से दिखाया जाएगा।

साइबर अपराध, FSL, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और आधुनिक पुलिसिंग व्यवस्थाओं से संबंधित जानकारी भी डिजिटल और दृश्य माध्यमों के जरिए नागरिकों तक पहुंचाई जाएगी।

पुलिस के अभियानों और उपलब्धियों की भी जानकारी

प्रदर्शनी में मध्यप्रदेश पुलिस की विभिन्न उपलब्धियों और जनहितकारी पहलों को भी प्रदर्शित किया जाएगा। साइबर अपराध जागरूकता, साइबर क्विज, नक्सल उन्मूलन सहित 'नशे से दूरी है जरूरी' और 'सेफ क्लिक' जैसे अभियानों की जानकारी भी लोगों तक पहुंचाई जाएगी।

इन गतिविधियों को वीडियो, पोस्टर, डिजिटल माध्यम और अन्य दृश्य सामग्री के जरिए प्रस्तुत किया जाएगा।

मध्यप्रदेश की संस्कृति और विरासत भी दिखेगी

प्रदर्शनी में केवल आपराधिक न्याय प्रणाली ही नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान की झलक भी देखने को मिलेगी।

प्रवेश द्वार और विभिन्न स्थानों की सज्जा के साथ प्रदेश के ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थलों, वन एवं वन्यजीवन, पारंपरिक कला-संस्कृति और जनजातीय विरासत को प्रदर्शित करने पर भी चर्चा हुई।

पांच दिनों तक आम नागरिकों के लिए खुली रहेगी प्रदर्शनी

प्रदर्शनी लगभग पांच दिनों तक आयोजित की जाएगी। इसके लिए निर्धारित स्थल पर विभिन्न विभागों के स्टॉल तैयार किए जाएंगे और 3 अक्टूबर से आम नागरिकों के लिए प्रदर्शनी शुरू होगी।

विद्यार्थियों, युवाओं, स्वयंसेवी संगठनों और आम नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है।

अधिकारियों को समय-सीमा में तैयारी पूरी करने के निर्देश

बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों को उनके स्टॉल के लिए नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपने, आवश्यक फोटो, वीडियो और लिखित सामग्री उपलब्ध कराने तथा प्रदर्शनी तैयार करने वाली एजेंसी के साथ समन्वय करने के निर्देश दिए गए।

अधिकारियों से अपने-अपने स्टॉल को प्रभावी और आकर्षक बनाने तथा निर्धारित समय-सीमा में सभी तैयारियां पूरी करने को कहा गया।

बैठक में डीआईजी साकेत प्रकाश पांडे, डीआईजी डॉ. विनीत कपूर, डीआईजी (CID) प्रशांत खरे, FSL डायरेक्टर राहुल कुमार लोढ़ा, FSL के ज्वाइंट डायरेक्टर सहित जेल, अभियोजन, स्वास्थ्य, पर्यटन और अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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