पत्थलगांव में बिजली पोल शिफ्टिंग के दौरान हादसा, दो श्रमिकों की मौत; परिजनों को 15-15 लाख की सहायता.

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  • Oct 02, 2026
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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर कनिष्ठ अभियंता अमृत बेक निलंबित, हादसे की होगी मजिस्ट्रियल जांच

जशपुर, 1 अक्टूबर 2026।


जशपुर जिले के पत्थलगांव विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत पाकरगांव में बिजली पोल शिफ्टिंग के दौरान हुए दर्दनाक हादसे में दो श्रमिकों की मौत हो गई। घटना पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गहरा दुःख व्यक्त करते हुए शोकसंतप्त परिवारों के प्रति संवेदना जताई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दुःख की इस घड़ी में राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर हादसे में जान गंवाने वाले दोनों श्रमिकों के परिजनों को 15-15 लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने जिला प्रशासन को पीड़ित परिवारों को हर आवश्यक सहायता तत्परता से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

हादसे की होगी मजिस्ट्रियल जांच, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई

मुख्यमंत्री साय ने घटना को गंभीरता से लेते हुए पूरे मामले की मजिस्ट्रियल जांच कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि हादसे के कारणों और इसके लिए जिम्मेदार लोगों की भूमिका की निष्पक्ष जांच की जाए। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

घटना में प्रथम दृष्टया सामने आई लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने जिम्मेदार अधिकारी के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद मुख्यमंत्री के निर्देश पर पत्थलगांव विद्युत विभाग के कनिष्ठ अभियंता अमृत बेक को निलंबित कर दिया गया है।

श्रमिकों की सुरक्षा से समझौता नहीं

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि विद्युत संबंधी कार्यों के दौरान निर्धारित सुरक्षा मानकों और प्रक्रियाओं का हर हाल में पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। श्रमिकों की सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार्य नहीं है। सुरक्षा मानकों के पालन में लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

घायलों के बेहतर उपचार के निर्देश

मुख्यमंत्री ने हादसे में घायल श्रमिकों के समुचित उपचार की बेहतर से बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं। उन्होंने जिला प्रशासन से कहा है कि घायलों के उपचार में किसी प्रकार की कमी न हो और उन्हें आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं प्राथमिकता के साथ उपलब्ध कराई जाएं।

राज्य सरकार ने घटना के बाद एक ओर जहां मृतक श्रमिकों के परिवारों को आर्थिक सहायता देने का निर्णय लिया है, वहीं मजिस्ट्रियल जांच के जरिए हादसे के कारणों और जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

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