भारत-सेशेल्स संबंधों को नई गति, संसदीय सहयोग और सांस्कृतिक जुड़ाव बढ़ाने पर जोर

भारत और सेशेल्स के बीच सदियों पुराने सभ्यतागत संबंधों से जुड़े अटूट संबंध रहे हैं: ओम बरला 

 

नई दिल्ली, 2 सितंबर 2026। लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा है कि भारत और सेशेल्स के संबंध केवल कूटनीतिक साझेदारी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि दोनों देशों के बीच सदियों पुराने सभ्यतागत संबंधों, साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और जन-जन के आत्मीय जुड़ाव पर आधारित हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया सेशेल्स यात्रा और वहां की नेशनल असेंबली के विशेष सत्र में उनका संबोधन दोनों देशों के बहुआयामी संबंधों में नई ऊर्जा और गति लेकर आया है।

लोक सभा अध्यक्ष ने बुधवार को संसद भवन परिसर में सेशेल्स की नेशनल असेंबली की स्पीकर अज़ारेल योलांडा अर्नेस्टा के नेतृत्व में आए संसदीय शिष्टमंडल के साथ द्विपक्षीय बैठक की। उन्होंने अर्नेस्टा को सेशेल्स की नेशनल असेंबली की पहली महिला स्पीकर चुने जाने पर बधाई दी।

बिरला ने भारत की आध्यात्मिक परंपराओं, विशेष रूप से योग, में अर्नेस्टा की रुचि की सराहना की। उन्होंने मां काली के प्रति उनकी भक्ति का भी उल्लेख किया और सेशेल्स में भारतीय प्रशिक्षकों के माध्यम से योग को और अधिक लोकप्रिय बनाने में सहयोग का प्रस्ताव रखा।

50 वर्ष की मित्रता और साझा विरासत

लोक सभा अध्यक्ष ने भारत और सेशेल्स के बीच राजनयिक संबंधों की 50वीं वर्षगांठ तथा सेशेल्स की स्वतंत्रता की 50वीं वर्षगांठ पर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के संबंध जीवंत भारतीय प्रवासी समुदाय और दोनों देशों के लोगों के बीच गहरे पारस्परिक स्नेह से निरंतर मजबूत हुए हैं।

उन्होंने कहा कि दोनों देशों के साझा लोकतांत्रिक मूल्य और परंपराएं द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूती प्रदान करती हैं। बिरला ने दोनों संसदों के बीच संवाद और आदान-प्रदान बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि इससे लोकतंत्र एवं लोकतांत्रिक संस्थाओं की साझा विरासत को आगे बढ़ाया जा सकेगा।

सेशेल्स के सांसदों को भारतीय संसद आने का निमंत्रण

ओम बिरला ने सेशेल्स की नेशनल असेंबली के सदस्यों को भारतीय संसद का दौरा करने का निमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे संसदीय आदान-प्रदान से सेशेल्स के सांसदों को भारत की समृद्ध और जीवंत लोकतांत्रिक परंपराओं को करीब से समझने का अवसर मिलेगा।

उन्होंने संसदीय लोकतंत्र अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान (प्राइड) के माध्यम से सेशेल्स के सांसदों और अधिकारियों के लिए विधायी प्रारूपण, संसदीय प्रक्रियाओं तथा अन्य विषयों पर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने की पेशकश भी की।

डिजिटल संसद और एआई में सहयोग की संभावनाएं

बिरला ने संसदीय कामकाज में प्रौद्योगिकी की बढ़ती भूमिका का उल्लेख करते हुए बताया कि भारत की संसद ने पेपरलेस संसद की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि संसदीय कार्यवाही के 22 भारतीय भाषाओं में अनुवाद के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग किया जा रहा है।

उन्होंने डिजिटल संसद सहित अत्याधुनिक तकनीक में भारत के अनुभव को सेशेल्स के साथ साझा करने की इच्छा जताई। स्वास्थ्य, डिजिटल परिवर्तन, बुनियादी ढांचे और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में भी दोनों देशों के बीच सहयोग की व्यापक संभावनाओं को उन्होंने रेखांकित किया।

‘विजन महासागर’ और ग्लोबल साउथ में साझेदारी

लोक सभा अध्यक्ष ने सेशेल्स को हिंद महासागर क्षेत्र में भारत का विश्वसनीय और महत्वपूर्ण सहयोगी बताया। उन्होंने ‘विजन महासागर’ के संदर्भ में दोनों देशों की साझेदारी के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि भारत और सेशेल्स मिलकर ग्लोबल साउथ की आवाज और आकांक्षाओं को अधिक प्रभावशाली बना सकते हैं।

उन्होंने संयुक्त राष्ट्र और अन्य बहुपक्षीय मंचों पर क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए दोनों देशों के बीच सहयोग को महत्वपूर्ण बताया। साथ ही संस्कृति, शिक्षा और पर्यटन के माध्यम से दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क और मजबूत करने पर जोर दिया।

‘भारत मेरे दिल के करीब है’: अज़ारेल अर्नेस्टा

सेशेल्स की नेशनल असेंबली की स्पीकर अज़ारेल अर्नेस्टा ने गर्मजोशी से किए गए स्वागत और आतिथ्य के लिए ओम बिरला का आभार व्यक्त किया। भारत के साथ अपने लंबे जुड़ाव का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, “भारत मेरे दिल के करीब है।”

उन्होंने भारत को “लोकतंत्र की जननी” बताते हुए कहा कि भारतीय मूल के लोग सेशेल्स में शुरुआती प्रवासियों में शामिल रहे हैं और भारतीय संस्कृति आज भी वहां के सामाजिक एवं सांस्कृतिक ताने-बाने का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

अर्नेस्टा ने कहा कि भारत और सेशेल्स केवल साझा महासागर से ही नहीं जुड़े हैं, बल्कि दोनों देशों के बीच साझा इतिहास और अटूट संबंध भी हैं। उन्होंने भारतीय संसद के डिजिटलीकरण और संसदीय कामकाज में प्रौद्योगिकी के व्यापक उपयोग की सराहना की।बैठक में सांसद डॉ. डी. पुरंदेश्वरी, अपराजिता सारंगी और हिमाद्रि सिंह भी उपस्थित रहीं।

सम्बन्धित खबरें

कोई सम्बन्धित खबर नहीं मिली।