विदिशा में पोषण व्यवस्था का मैदानी जायजा, कुपोषित बच्चों के उपचार पर जोर महिला एवं बाल विकास सचिव ने आंगनबाड़ी केंद्रों, पोषण पुनर्वास केंद्र और सामुदायिक रसोई का किया निरीक्षण

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  • Sep 25, 2026
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विदिशा | 25 सितंबर 2026

मध्यप्रदेश में बच्चों के पोषण स्तर में सुधार और कुपोषण की रोकथाम के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से आंगनबाड़ी केंद्रों की व्यवस्थाओं को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। इसी क्रम में महिला एवं बाल विकास सचिव जी.वी. रश्मि ने शुक्रवार को विदिशा जिले का दौरा कर विभिन्न केंद्रों और पोषण से जुड़ी व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

सचिव ने आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को दिए जा रहे पोषण आहार, स्वास्थ्य सेवाओं, शैक्षणिक गतिविधियों और विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति देखी। कलेक्टर अंशुल गुप्ता भी उनके साथ रहे और जिले में संचालित योजनाओं की जानकारी दी।

कई आंगनबाड़ी केंद्रों का किया निरीक्षण

जी.वी. रश्मि ने ग्राम कुंआखेड़ी स्थित सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने बच्चों के लिए उपलब्ध सुविधाओं, पोषण आहार और शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी ली।

इसके बाद विदिशा ग्रामीण परियोजना के खरी तथा ग्यारसपुर परियोजना के अटारीखेजड़ा क्रमांक-2 एवं 3 और मानोरा क्रमांक-2 स्थित सक्षम आंगनबाड़ी केंद्रों का भी निरीक्षण किया। इस दौरान बच्चों की उपस्थिति, पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं और योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति की समीक्षा की गई।

कुपोषित बच्चों के उपचार और निगरानी पर जोर

ग्यारसपुर स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र में सचिव ने अतिगंभीर कुपोषित बच्चों के उपचार, पोषण आहार, स्वास्थ्य सेवाओं और पुनर्वास की व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने बच्चों और उनके परिवारों से भी बातचीत कर उपचार एवं पोषण की स्थिति जानी।

सचिव ने कहा कि कुपोषण से निपटने के लिए केवल भोजन उपलब्ध कराना पर्याप्त नहीं है। बच्चों की नियमित पोषण निगरानी, समय पर कुपोषण की पहचान, आवश्यक उपचार और परिवार की सहभागिता भी जरूरी है।

पौष्टिक पोहा चखकर जांची भोजन की गुणवत्ता

ग्यारसपुर में अमेरिकन इंडिया फाउंडेशन के सहयोग से लक्ष्मी स्व-सहायता समूह द्वारा संचालित सामुदायिक रसोई का भी निरीक्षण किया गया। यहां आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों के लिए तैयार किए जा रहे भोजन की निर्माण प्रक्रिया, स्वच्छता, पोषण गुणवत्ता और वितरण व्यवस्था की जानकारी ली गई।

सामुदायिक रसोई में तैयार पौष्टिक पोहा को सचिव जी.वी. रश्मि और कलेक्टर अंशुल गुप्ता ने स्वयं चखकर गुणवत्ता का जायजा लिया। उन्होंने स्व-सहायता समूह की महिलाओं से भोजन में शामिल की जाने वाली खाद्य सामग्री और पोषक तत्वों की जानकारी ली।

सचिव ने भोजन तैयार करने से लेकर आंगनबाड़ी केंद्रों तक पहुंचाने की प्रक्रिया में स्वच्छता, गुणवत्ता और निर्धारित पोषण मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

पोषण सेवाओं के साथ महिला सशक्तिकरण पर भी जोर

विभाग की ओर से आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों, गर्भवती और धात्री माताओं सहित पात्र हितग्राहियों तक पोषण सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं। निरीक्षण के दौरान पोषण आहार की गुणवत्ता, वितरण व्यवस्था और कुपोषित बच्चों की पहचान एवं उपचार प्रक्रिया को प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया।

सामुदायिक रसोई के माध्यम से बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के साथ स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को स्थानीय स्तर पर आजीविका से जोड़ने का अवसर भी मिल रहा है।

कलेक्टर अंशुल गुप्ता ने जिले में संचालित योजनाओं, आंगनबाड़ी केंद्रों, पोषण पुनर्वास केंद्र और सामुदायिक रसोई की व्यवस्थाओं की जानकारी सचिव को दी। उन्होंने बच्चों के पोषण स्तर में सुधार और हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराने के लिए किए जा रहे प्रयासों की भी जानकारी दी।

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