केंद्रीय मंत्री शिवराज का विदिशा में लखपति दीदियों से संवाद, शुरू हुआ ग्रामीण समृद्धि का नया मॉडल

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  • Sep 19, 2026
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विदिशा। हर ग्रामीण परिवार की आय बढ़ाने और विदिशा जिले के गांवों को गरीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य के साथ ‘समृद्ध विदिशा मॉडल’ की शुरुआत की गई है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को विदिशा में लखपति दीदियों से संवाद किया और जिला समृद्धि मॉडल की बैठक में ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने, युवाओं और महिलाओं को रोजगार से जोड़ने तथा विकास कार्यों की प्रभावी निगरानी की कार्ययोजना पर चर्चा की।

चौहान ने कहा कि उनका सपना है कि विदिशा जिले का हर गांव गरीबी मुक्त हो। इसके लिए जरूरी है कि प्रत्येक परिवार के पास आय के कम से कम दो-तीन साधन हों। उन्होंने कहा कि ‘समृद्ध विदिशा मॉडल’ एक नया आरंभ है, जिसकी शुरुआत विदिशा से की जा रही है और सफल होने पर इसे देश के अन्य क्षेत्रों में भी दोहराने का प्रयास किया जाएगा।

छोटे किसानों को बहुआयामी आजीविका से जोड़ने की योजना

समृद्ध विदिशा मॉडल के तहत छोटे किसानों को आधुनिक कृषि के साथ गाय-भैंस पालन, बकरी पालन, मुर्गी पालन और मधुमक्खी पालन जैसी गतिविधियों से जोड़कर कम से कम दो आजीविका के साधन उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा। महिलाओं को विभिन्न आयवर्धक गतिविधियों से जोड़कर अधिक से अधिक लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

चौहान ने कहा कि केवल उत्पादन बढ़ाना पर्याप्त नहीं है। किसानों और ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने के लिए उन्हें एफपीओ के माध्यम से सामूहिक बिक्री, उत्पादों की प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और मार्केटिंग से जोड़ा जाएगा। इसके लिए प्रशिक्षण के साथ बैंक लिंकेज की व्यवस्था भी की जाएगी।

मॉडल को भारत सरकार, राज्य सरकार, जिला प्रशासन, पंचायतों और स्वयंसेवी संगठनों के सहयोग से आगे बढ़ाया जाएगा।

15 हजार युवाओं को आजीविका से जोड़ने का लक्ष्य

‘समृद्धि मॉडल, परियोजना प्रारूप, विदिशा जिला’ के विमोचन के अवसर पर चौहान ने बताया कि जिले में 15 हजार युवाओं को आजीविका और रोजगार से जोड़कर उनका काम-धंधा शुरू कराने का लक्ष्य रखा गया है।

आरसेटी के माध्यम से युवाओं और महिलाओं को ब्यूटीशियन, सिलाई सहित विभिन्न रोजगारपरक प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं। करीब 30 दिन के प्रशिक्षण के बाद प्रतिभागियों से उनके रोजगार की स्थिति और आगे की योजनाओं की जानकारी ली जा रही है।

उन्होंने बताया कि ब्यूटीशियन प्रशिक्षण ले रही बेटियों में करीब 70 प्रतिशत ने नौकरी के बजाय स्वयं का काम शुरू करने की इच्छा जताई है। ऐसे युवाओं और महिलाओं को प्रशिक्षण के बाद बैंक लोन उपलब्ध कराने में सहयोग किया जाएगा, ताकि वे अपना रोजगार शुरू कर सकें। प्रशिक्षण के एक बैच के बाद दूसरा और फिर तीसरा बैच लगातार संचालित किया जाएगा, जिससे अधिक से अधिक युवा और बेटियां हुनर से जुड़कर आत्मनिर्भर बन सकें।

रियल टाइम डैशबोर्ड से होगी विकास कार्यों की निगरानी

चौहान ने कहा कि विदिशा में गरीबी उन्मूलन और विकास के लिए कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, ग्रामीण विकास, पंचायत, जल संसाधन, कौशल विकास और आजीविका मिशन समेत विभिन्न विभागों की योजनाओं को एक साथ जोड़कर काम किया जाएगा।

उन्होंने आगामी 2 अक्टूबर की ग्राम सभाओं में गांवों को गरीबी मुक्त बनाने और ग्राम पंचायत विकास की कार्ययोजना तैयार करने के प्रस्ताव पारित कराने को कहा। ग्राम सभा, स्वयं सहायता समूह, ग्राम संगठन, एफपीओ और पंचायत प्रतिनिधि मिलकर योजनाओं के निर्माण, क्रियान्वयन और निगरानी में भागीदारी करेंगे।

अभियान में सीएसआर, वित्तीय संस्थाओं और स्वयंसेवी संगठनों को भी जोड़ा जाएगा। विकास कार्यों की प्रभावी निगरानी के लिए रियल टाइम डैशबोर्ड तैयार किया जाएगा।

‘विदिशा डेवलपमेंट इंडेक्स’ में मापे जाएंगे विकास के परिणाम

जिले के विकास की प्रगति मापने के लिए ‘विदिशा डेवलपमेंट इंडेक्स’ तैयार किया जाएगा। इसमें पानी, रोजगार, महिलाओं और किसानों की आय, कौशल विकास, प्रोसेसिंग और मार्केटिंग जैसे प्रमुख मानकों को शामिल किया जाएगा।

इंडेक्स के आधार पर ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत, ब्लॉक और जिले के विकास की हर छह माह में समीक्षा होगी। इसमें यह भी देखा जाएगा कि कितने परिवारों की आय बढ़ी, कितनी महिलाएं लखपति दीदी बनीं, कितना जल संरक्षण और भूजल रिचार्ज हुआ, कितने स्वयं सहायता समूह और एफपीओ बाजार से जुड़े तथा पंचायतों ने कितने नए नवाचार किए।

चौहान ने कहा कि पंचायतों का मूल्यांकन केवल अधिकारियों और कर्मचारियों के आधार पर नहीं होगा। ग्राम सभा से प्राप्त फीडबैक और समुदाय की भागीदारी को भी पंचायतों के प्रदर्शन के आकलन में शामिल किया जाएगा।

लखपति दीदियों से संवाद, महिलाओं की आय बढ़ाने पर चर्चा

विदिशा प्रवास के दौरान चौहान ने लखपति दीदियों से संवाद कर महिलाओं की आजीविका और आय बढ़ाने के प्रयासों पर चर्चा की। उन्होंने ग्रामीण महिलाओं को विभिन्न आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रशिक्षण, बैंक ऋण तथा बाजार से जोड़ने की जरूरत पर जोर दिया।

गणेश मंदिर में पूजा-अर्चना, वात्सल्य स्कूल के गणेश उत्सव में हुए शामिल

चौहान ने विदिशा प्रवास की शुरुआत बाढ़ वाले गणेश मंदिर में भगवान गणेश के दर्शन-पूजन से की। इसके बाद वे वात्सल्य स्कूल में आयोजित गणेश उत्सव में शामिल हुए और विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया।

कार्यक्रम में उन्होंने भगवान गणेश और कार्तिकेय की कथा के माध्यम से माता-पिता के सम्मान का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भगवान गणेश ने माता-पिता की परिक्रमा कर यह संदेश दिया कि माता-पिता ही हमारे लिए पूरा संसार हैं।

चौहान ने कहा कि धर्म केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है। सच बोलना, दूसरों की मदद करना और अच्छे कार्यों के लिए आगे बढ़ना ही सच्चे धर्म का मार्ग है। उन्होंने विद्यार्थियों से पढ़ाई के साथ खेलकूद और अन्य रचनात्मक गतिविधियों में भी भाग लेने का आह्वान किया। इससे बच्चों की प्रतिभा सामने आती है और व्यक्तित्व का विकास होता है।

उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन में बड़ा लक्ष्य निर्धारित करने, अपनी प्रतिभा पहचानने तथा माता-पिता और गुरुजनों का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया।

मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप, प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए कोचिंग

चौहान ने कहा कि 10वीं और 12वीं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को लैपटॉप प्रदान किए जाएंगे। 12वीं के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग कक्षाएं भी संचालित की जाएंगी।

उन्होंने कहा कि बच्चों को आगे बढ़ने के लिए खेल, शिक्षा और अन्य आवश्यक गतिविधियों के माध्यम से हरसंभव सहयोग देने का प्रयास किया जाएगा।

इस प्रकार समृद्ध विदिशा मॉडल में कृषि और ग्रामीण आजीविका से लेकर कौशल प्रशिक्षण, स्वरोजगार, बैंक ऋण, महिला सशक्तीकरण, बाजार से जुड़ाव और विकास की रियल टाइम निगरानी तक को एकीकृत किया गया है। इसका घोषित लक्ष्य ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाकर विदिशा के हर गांव को गरीबी मुक्त बनाने की दिशा में आगे बढ़ना है।

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