उज्जैन में आज से उज्जैनी शॉर्ट फिल्म फेस्टिवल, 232 प्रविष्टियों में से चुनी गईं 35 फिल्में

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  • Oct 24, 2026
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24 और 25 अक्टूबर को होगा आयोजन; संजय मेहता और जे. नंदकुमार करेंगे शुभारंभ, राजेश तेलंग, भाषा सुंबली सहित कई फिल्मी हस्तियां लेंगी मास्टर क्लास और चर्चा सत्रों में भाग

उज्जैन, 24 अक्टूबर 2026। 

विश्व संवाद केंद्र मालवा और सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय, उज्जैन के संयुक्त तत्वावधान में 24 और 25 अक्टूबर को उज्जैनी शॉर्ट फिल्म फेस्टिवल आयोजित किया जा रहा है। इस आयोजन में शॉर्ट फिल्म, माइक्रो ड्रामा, एआई फिल्म और विज्ञापन फिल्मों की स्क्रीनिंग होगी। फिल्म निर्माण, अभिनय, पटकथा लेखन, संगीत और सिनेमा के सामाजिक प्रभाव जैसे विषयों पर विशेषज्ञों के साथ संवाद भी होगा।

फेस्टिवल का शुभारंभ प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता एवं रंगकर्मी संजय मेहता, जिन्हें फिल्म धुरंधर से भी जाना जाता है, और प्रज्ञा प्रवाह के अखिल भारतीय संयोजक जे. नंदकुमार करेंगे। उद्घाटन सत्र में नंदकुमार ‘भारतीय समाज को गढ़ने में सिनेमा की भूमिका’ विषय पर व्याख्यान देंगे।

अभिनय, निर्देशन और पटकथा लेखन पर होंगे विशेष सत्र

फेस्टिवल में फिल्म और रंगमंच से जुड़े कई प्रमुख व्यक्तित्व अपने अनुभव साझा करेंगे। अभिनेता राजेश तेलंग ‘रंगमंच, सिनेमा और ओटीटी’ विषय पर चर्चा करेंगे। द कश्मीर फाइल्स जैसी फिल्म में अभिनय कर चुकीं अभिनेत्री भाषा सुंबली ‘सत्य का अभिनय’ विषय पर मास्टर क्लास लेंगी।

वहीं, वॉइस कोच विजय विक्रम सिंह अभिनय और ध्वनि की बारीकियों पर चर्चा करेंगे। रैपर एवं गायक योगेश कुरमे और संजय पटेल संगीत की नवीन विधाओं पर अपने विचार रखेंगे। द केरला स्टोरी 2 के निर्माता कामाख्या नारायण सिंह फिल्म निर्माण एवं निर्देशन पर चर्चा करेंगे, जबकि राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित फिल्म समीक्षक दीपक दुआ दर्शकों के नजरिए से सिनेमा को समझने के विभिन्न पहलुओं पर बात करेंगे।

कहानी को पटकथा में बदलने की कला पर शैलेश प्रताप सिंह संवाद करेंगे। वहीं, दीपक लोकरे शॉर्ट फिल्म निर्माण की प्रक्रिया और उससे जुड़ी बारीकियों पर अपने अनुभव साझा करेंगे।

232 प्रविष्टियों में से 35 फिल्मों का चयन

फेस्टिवल के लिए भारत के विभिन्न राज्यों के साथ अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, ईरान, अफगानिस्तान, स्पेन, ब्राजील और चीन सहित कई देशों से फिल्म प्रविष्टियां प्राप्त हुई हैं। आयोजकों के अनुसार, कुल 232 प्रविष्टियों में से 35 शॉर्ट फिल्मों को स्क्रीनिंग के लिए चुना गया है।

चयनित फिल्मों में भारतीय समाज, लोक संस्कृति, नागरिक व्यवहार, महिला सशक्तीकरण, राष्ट्रबोध, परिवार, इतिहास और पर्यावरण जैसे विविध विषयों को स्थान दिया गया है। विषयगत संदर्भों में सिंहस्थ, मांझी का स्वदेश और नदिया के पार से लेकर कांतारा तक लोक संस्कृति से जुड़ी फिल्मों का उल्लेख है। नागरिक व्यवहार के संदर्भ में भीड़ में अनेक और न्यूटन, नारी विषयों में मदर इंडिया और नीरजा, जबकि इतिहास से जुड़े विषयों में मोहनजोदड़ो और छावा जैसी फिल्मों को संदर्भ के रूप में रखा गया है। इसके अलावा ‘वो भारत देश है मेरा’, ‘हम साथ-साथ हैं’ और ‘पंचतत्व’ जैसे विषयों के माध्यम से भारत, भारतीय परिवार और पर्यावरण से जुड़े पहलुओं को भी सामने लाया जाएगा।

ओटीटी प्लेटफॉर्म की लॉन्चिंग और स्मारिका का विमोचन

फेस्टिवल के दौरान ओटीटी प्लेटफॉर्म की लॉन्चिंग और स्मारिका का विमोचन भी किया जाएगा। आयोजकों का उद्देश्य विभिन्न माध्यमों से सिनेमा की रचनात्मक संभावनाओं को सामने लाना और फिल्म निर्माण से जुड़े लोगों को संवाद तथा सीखने का अवसर उपलब्ध कराना है।

दो दिवसीय फिल्म फेस्टिवल का समापन 25 अक्टूबर को शाम 5 बजे पुरस्कार वितरण समारोह के साथ होगा।

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