राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता नहीं, स्टारलिंक को सेवा शुरू करने की अनुमति न दे सरकार : स्वदेशी जागरण मंच

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  • Nov 03, 2026
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भोपाल। स्वदेशी जागरण मंच ने केंद्र सरकार से मांग की कि राष्ट्रीय सुरक्षा, डेटा की गोपनीयता और निगरानी व्यवस्था से जुड़े सवालों का संतोषजनक समाधान होने तक स्टारलिंक को भारत में उपग्रह आधारित इंटरनेट सेवाएं शुरू करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। मांग को लेकर सोमवार दोपहर मंच के कार्यकर्ताओं ने MVM कालेज चौराहे पर प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने स्टारलिंक के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कंपनी को भारत में सेवाएं शुरू करने की अनुमति नहीं देने की मांग की। प्रदर्शन का नेतृत्व सतीश कुमार (अखिल भारतीय सह संगठक, स्वदेशी जागरण मंच) ने किया।

राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े सवालों का जवाब जरूरी

स्वदेशी जागरण मंच के अखिल भारतीय सह-संगठक सतीश कुमार ने कहा कि भारत में स्टारलिंक कंपनी को सेवाएं शुरू करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। यह उपग्रह तकनीक पर आधारित इंटरनेट सेवा है, लेकिन इस तरह की तकनीक भारत में भी उपलब्ध है। भारत में रोजगार के विषय पर किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जा सकता। भले ही स्टारलिंक की सेवाएं सस्ती हों और उनकी गुणवत्ता अच्छी हो, लेकिन अमेरिका, एलन मस्क और उनसे जुड़े लोगों की विश्वसनीयता पर सवाल है।

उन्होंने कहा कि ईरान और रूस-यूक्रेन सहित विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मामलों में उनके रवैये को देखते हुए भारत को भी सतर्क रहने की आवश्यकता है। सुरक्षा की दृष्टि और विश्वसनीयता के इन सवालों को ध्यान में रखते हुए स्टारलिंक को भारत में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।

सतीश कुमार ने कहा कि इस मुद्दे को लेकर स्वदेशी जागरण मंच देशभर में प्रदर्शन कर रहा है। पुतला दहन के माध्यम से दुनिया और भारत सरकार को संदेश दिया जा रहा है। मंच ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि ऐसी कंपनियों को भारत में प्रवेश की अनुमति न दी जाए। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत सरकार स्वदेशी की भावना को ध्यान में रखते हुए देशहित में अंतिम निर्णय लेगी।

उपग्रह इंटरनेट के दुरुपयोग की आशंका

साकेत सिंह राठौर ने कहा कि उपग्रह आधारित इंटरनेट का इस्तेमाल दुश्मन ताकतों, तस्करों और विद्रोही समूहों द्वारा पारंपरिक दूरसंचार नेटवर्क से बाहर रहकर संचार करने के लिए किया जा सकता है। अलगाववादी गतिविधियों, आतंकी घटनाओं, दंगों और विरोध-प्रदर्शनों जैसी परिस्थितियों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए इंटरनेट सेवाओं की निगरानी और नियमन की स्पष्ट व्यवस्था जरूरी है। ऐसे में उपग्रह इंटरनेट सेवाओं के संचालन, निगरानी और कानूनी जवाबदेही को लेकर सरकार को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

एलन मस्क के बयानों पर भी जताई आपत्ति

स्वदेशी जागरण मंच ने एलन मस्क के बयानों की आलोचना करते हुए कहा कि भारत के राजनीतिक और व्यावसायिक मामलों को लेकर इस तरह की टिप्पणियां उचित नहीं हैं। अंबानी को भारत का प्रधानमंत्री बताने संबंधी कथित टिप्पणी निंदनीय है। उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े सवालों का जवाब देने के बजाय सार्वजनिक बयानों के माध्यम से भारतीय कारोबारियों और सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है।

मंच ने स्पष्ट किया कि भारत में कारोबार करने वाली हर कंपनी को भारतीय कानूनों, राष्ट्रीय हितों और देश की संप्रभुता का सम्मान करना होगा। इंटरनेट कनेक्टिविटी और तकनीकी विकास जरूरी हैं, लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक हितों से बढ़कर कुछ नहीं हो सकता।

 

 

 

 


 

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