2047 तक 1.6 ट्रिलियन डॉलर का रसायन उद्योग बनाने का लक्ष्य, ‘इंडिया केम-2026’ में वैश्विक निवेश और साझेदारी पर मंथन

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  • Oct 24, 2026
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तीन दिन के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में 5,000 से अधिक लोगों की भागीदारी

भारत-जापान, भारत-अमेरिका और भारत-यूरोपीय संघ फोरम में व्यापार, तकनीक और निवेश सहयोग पर चर्चा

मुंबई, 24 अक्टूबर 2026 । मुंबई में 22 अक्टूबर से शुरू हुआ तीन दिवसीय ‘इंडिया केम-2026’ शनिवार को संपन्न हो गया। ‘एडवांटेज भारत : एक उभरता हुआ वैश्विक रसायन केंद्र’ विषय पर आयोजित 14वें द्विवार्षिक अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी एवं सम्मेलन ने रसायन और पेट्रोकेमिकल क्षेत्र में वैश्विक साझेदारियों को मजबूत करने, निवेश आकर्षित करने और टिकाऊ विकास को गति देने का मंच तैयार किया। आयोजन में 5,000 से अधिक आगंतुक शामिल हुए।

2047 तक 1.6 ट्रिलियन डॉलर का लक्ष्य

केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने सम्मेलन का उद्घाटन किया। महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और ओडिशा के मुख्यमंत्रियों तथा केंद्रीय राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल की मौजूदगी में नड्डा ने उद्योगपतियों, निवेशकों, नवप्रवर्तकों और नीति-निर्माताओं से ‘विकसित भारत @ 2047’ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया।
नड्डा ने कहा कि रसायन और पेट्रोकेमिकल उद्योग में विकास की अपार संभावनाएं हैं और यह देश की आर्थिक प्रगति में बड़ा योगदान दे सकता है। वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य में इस क्षेत्र की अहम भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि करीब 220 अरब अमेरिकी डॉलर के मौजूदा बाजार आकार वाले इस उद्योग को 2040 तक लगभग 1 ट्रिलियन डॉलर और 2047 तक करीब 1.6 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य है।

वैश्विक प्रतिस्पर्धा और निवेश पर सीईओ फोरम

नड्डा की अध्यक्षता में आयोजित सीईओ फोरम में उद्योग को मजबूत बनाने, प्रतिस्पर्धा बढ़ाने और भारत को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी रसायन एवं पेट्रोकेमिकल केंद्र बनाने पर चर्चा हुई। दुनिया भर के उद्योगपतियों ने भारतीय रसायन उद्योग के सामने मौजूद अवसरों और चुनौतियों पर विचार साझा किए।
सम्मेलन में भारत-जापान, भारत-अमेरिका और भारत-यूरोपीय संघ रसायन एवं पेट्रोकेमिकल फोरम के तहत विचार-विमर्श सत्र, व्यावसायिक वार्ताएं और सार्थक चर्चाएं हुईं। इनमें व्यापार, निवेश और तकनीक के क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करने के अवसर तलाशे गए। जापान इस आयोजन का साझेदार देश था। भारत और जापान के बीच रसायन एवं पेट्रोकेमिकल क्षेत्र में मजबूत व्यापारिक संबंध हैं।

उद्योग की चुनौतियों पर गोलमेज चर्चा

‘एडवांटेज भारत’ विषय पर आयोजित सम्मेलन में विशेष रसायन, रसायन एवं पेट्रोकेमिकल क्षेत्र के बुनियादी ढांचे, कृषि रसायन, पर्यावरण संबंधी मुद्दों, संयंत्र मशीनरी तथा पंप और वाल्व जैसे विषयों पर गोलमेज चर्चाएं हुईं। इन सत्रों में उद्योग की तेज वृद्धि के साथ सामने आ रही समकालीन चुनौतियों पर विचार किया गया।
रसायन एवं पेट्रोकेमिकल विभाग और फिक्की के संयुक्त आयोजन ने उद्योग तथा सरकारी प्रतिनिधियों को निवेश की संभावनाओं, नियामक ढांचे और रणनीतिक चुनौतियों पर चर्चा के लिए साझा मंच उपलब्ध कराया।

युवा नवाचार चुनौती में आईसीटी मुंबई को पहला पुरस्कार

सम्मेलन के 14वें संस्करण में पहली बार ‘इंडिया केम युवा नवाचार चुनौती’ आयोजित की गई। इसका उद्देश्य युवा नवोन्मेषकों को रसायन और पेट्रोकेमिकल उद्योग से जोड़ना था। विद्यार्थियों ने उद्योग से जुड़ी समस्याओं और उनके संभावित समाधानों पर काम किया। उद्योग विशेषज्ञों के निर्णायक मंडल ने प्रस्तुतियों का मूल्यांकन किया।
आईसीटी, मुंबई के सौम्या भोले और सार्थक काले ने पहला पुरस्कार जीता। वीएनआईटी, नागपुर के सुमन बटवे और सलोनी महादेसर दूसरे तथा आईआईटी, गांधीनगर के जश प्रसाद और स्मित बांभोरलिया तीसरे स्थान पर रहे।

सात राज्यों के मंडप, कई देशों की भागीदारी

विश्वस्तरीय प्रदर्शनी में प्रमुख भारतीय और वैश्विक कंपनियों के साथ महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, ओडिशा, उत्तर प्रदेश, गुजरात, आंध्र प्रदेश और बिहार के मंडप लगाए गए। आयोजन में जापान, अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, यूरोपीय संघ के देशों, लैटिन अमेरिका, कोरिया गणराज्य और आसियान देशों सहित कई देशों ने भागीदारी की।

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