इंदौर में संघ का ‘चरैवेति एकत्रीकरण’ संपन्न, सह सरकार्यवाह अतुल लिमये ने स्वयंसेवकों को दिया मार्गदर्शन

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  • Oct 29, 2026
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शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों का हुआ समापन, पांच जिलों के स्वयंसेवकों ने लिया हिस्सा

सामूहिक योग प्रदर्शन, ध्वजारोहण और संघ प्रार्थना के साथ हुआ आयोजन, प्रशांत शाह ने राष्ट्र निर्माण में अनुशासन और देशभक्ति के महत्व पर रखे विचार

इंदौर, 28 अक्टूबर 2026।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के इंदौर विभाग का ‘चरैवेति एकत्रीकरण’ शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों के समापन के अवसर पर आयोजित किया गया। इसमें इंदौर विभाग के पांच जिलों के स्वयंसेवकों ने भाग लिया। कार्यक्रम में संघ के सह सरकार्यवाह अतुल लिमये ने स्वयंसेवकों का मार्गदर्शन किया।

अपने संबोधन में अतुल लिमये ने कहा कि संघ की 100 वर्षों की यात्रा स्वयंसेवकों के निरंतर परिश्रम का परिणाम है। उन्होंने बताया कि इन वर्षों में व्यक्ति निर्माण के लिए शाखा पद्धति विकसित की गई, जिसके माध्यम से देश और समाज के लिए समर्पित स्वयंसेवकों की पीढ़ियां तैयार हुईं। उनके अनुसार, संगठनात्मक गतिविधियों के साथ समाज जीवन में बदलाव के उद्देश्य से सेवा, प्रचार और संपर्क सहित विभिन्न विभागों तथा गतिविधियों का विस्तार किया गया है।

पंच परिवर्तन के माध्यम से सामाजिक आचरण में बदलाव पर जोर

लिमये ने कहा कि स्वयंसेवक समाज के आचरण में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए पंच परिवर्तन का संकल्प लेकर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने संगठन की कार्यशैली में सामूहिकता, अनुशासन और व्यक्ति निरपेक्षता को महत्वपूर्ण बताया।

उन्होंने कहा कि संगठन के विस्तार के साथ संतुष्ट होकर रुकने के बजाय कार्यकर्ताओं को निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए। संगठनात्मक पहुंच को समाज के सभी वर्गों तक बढ़ाने के साथ कार्य की गुणवत्ता बनाए रखना भी जरूरी है। व्यक्ति निर्माण और सामाजिक व्यवहार में सकारात्मक बदलाव के लिए समानांतर रूप से प्रयास करने होंगे।

उन्होंने सामाजिक समरसता, आस्था और आत्मीयता को मजबूत करने तथा समाज में किसी भी प्रकार के भेदभावपूर्ण व्यवहार को समाप्त करने पर जोर दिया। उनके अनुसार, विचारों के साथ व्यवहार में भी सकारात्मक बदलाव आना चाहिए।

सामाजिक संस्थाओं के साथ संवाद और समन्वय की आवश्यकता

अतुल लिमये ने कहा कि देश और समाज के सामने मौजूद समस्याओं और चुनौतियों के समाधान के लिए शासन तथा समाज दोनों की सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने सामाजिक, धार्मिक, आर्थिक, साहित्यिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में कार्यरत संस्थाओं के बीच संवाद और समन्वय बढ़ाने की आवश्यकता बताई।

उन्होंने कहा कि इन संस्थाओं की क्षमता और कौशल के अनुरूप उन्हें कार्य तथा प्रशिक्षण से जोड़ने वाली व्यवस्थाएं विकसित की जानी चाहिए। समाज को साथ लेकर चलने की कार्यशैली विकसित करने के साथ संस्कार, सामाजिक जागरण और समस्याओं के समाधान से जुड़ी गतिविधियों को भी मजबूत करना होगा।

उन्होंने स्वयंसेवकों से परिश्रम और निरंतरता के साथ कार्य करते रहने का आह्वान किया। उनके अनुसार, उपेक्षा, विरोध, उत्साह और सहयोग जैसी विभिन्न परिस्थितियों के बीच भी संगठनात्मक कार्य को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाना आवश्यक है।

ध्वजारोहण और योग प्रदर्शन से हुई कार्यक्रम की शुरुआत

चरैवेति एकत्रीकरण का शुभारंभ ध्वजारोहण और संघ प्रार्थना के साथ हुआ। इसके बाद स्वयंसेवकों ने सामूहिक योग प्रदर्शन किया। इंदौर विभाग कार्यवाह ने शताब्दी वर्ष के दौरान विभाग में आयोजित कार्यक्रमों का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम के मंच पर मालवा प्रांत संघचालक डॉ. प्रकाश शास्त्री, विभाग संघचालक डॉ. मुकेश मोढ और मुख्य अतिथि उद्योगपति एवं समाजसेवी प्रशांत शाह उपस्थित रहे।

मुख्य अतिथि प्रशांत शाह ने अपने संबोधन में राष्ट्र निर्माण में अनुशासन और देशभक्ति के महत्व पर विचार रखे।

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