एक लाख का इनाम, सोलर पंप से सिंचाई—किसानों के लिए मुख्यमंत्री मोहन यादव के दो बड़े ऐलान

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  • Oct 07, 2026
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वृंदावन ग्राम में होगी उन्नत नस्ल के पशुओं की प्रतियोगिता; पहले तीन स्थान पाने वाले पशुपालकों को 1 लाख, 50 हजार और 25 हजार रुपये का पुरस्कार

उज्जैन/रतलाम | 7 अक्टूबर 2026
मध्यप्रदेश में पशुपालन और खेती को नई दिशा देने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को दो महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए उन्नत नस्ल के पशुपालन को प्रोत्साहित किया जाएगा और इसके लिए वृंदावन ग्राम में उन्नत नस्ल के पशुओं की प्रतियोगिता आयोजित की जाए। प्रतियोगिता में प्रथम आने वाले पशुपालक को एक लाख रुपये, द्वितीय को 50 हजार और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले पशुपालक को 25 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। पुरस्कारों का वितरण दीपावली पर गोवर्धन पूजा के अवसर पर किया जाएगा।

30 लाख किसानों के खेतों पर लगेंगे सोलर सिस्टम

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सिंचाई का रकबा बढ़ाने के साथ किसानों को सिंचाई के लिए दिन में बिजली उपलब्ध कराने पर भी सरकार का जोर है। पंप ऊर्जीकरण के लिए 30 लाख किसानों के खेतों पर सोलर सिस्टम लगाने का लक्ष्य रखा गया है। रबी सीजन में किसानों को सिंचाई के लिए दिन में 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराई जाएगी।

बलराम कृषि महोत्सव को उज्जैन से किया संबोधित

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रतलाम में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव कार्यक्रम को उज्जैन से वर्चुअली संबोधित किया। किसानों से संवाद करते हुए उन्होंने कहा कि रतलाम के किसान खेती में लगातार बदलाव अपना रहे हैं और आय बढ़ाने के लिए फसल उत्पादन के साथ प्रसंस्करण, पशुपालन और उद्यानिकी जैसी गतिविधियों को भी अपना रहे हैं। किसानों को कृषि क्षेत्र में सशक्त बनाने के लिए विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों के माध्यम से निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रतलाम में चंबल के पानी से सिंचाई हो रही है। नदी जोड़ो अभियान से रतलाम के किसानों के जीवन में बदलाव आएगा। एक्सप्रेस-वे के निर्माण से जिले में बेहतर बाजार व्यवस्था उपलब्ध हुई है। रतलाम के किसान बहुउद्देशीय फसलों के उत्पादन के साथ प्रसंस्करण का काम भी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि रतलाम अंगूर की खेती और अंगूर प्रसंस्करण के लिए भी पहचान बना रहा है। रतलाम सेव और उन्नत खेती के लिए प्रसिद्ध है। मुख्यमंत्री ने रतलाम की सेव के साथ स्थानीय तेल वाली कचौरी की भी तारीफ की।

घी का कारोबार अमेरिका और श्रीलंका तक पहुंचा

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने उन्नतशील किसानों से संवाद भी किया। पीएम एफएमई योजना का लाभ लेकर घी का व्यवसाय अमेरिका और श्रीलंका तक पहुंचाने वाले किसान दिलीप पाटीदार ने बताया कि उन्हें योजना के तहत 30 लाख 10 हजार रुपये की सब्सिडी मिली है। वह बिलोना पद्धति से घी तैयार करते हैं, जिससे घी की शुद्धता और स्वाद बेहतर होता है और देश के साथ विदेशों में भी इसकी मांग बढ़ी है। उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
गुलाब की खेती करने वाले प्रवीण पाटीदार ने भी मुख्यमंत्री से अपने अनुभव साझा किए। मुख्यमंत्री ने अमरूद उत्पादक किसान कन्हैयालाल पाटीदार से चर्चा की। कन्हैयालाल ने बताया कि वह कम शुगर वाली वीएनआर, पिंक और रेड डायमंड किस्म के अमरूद का उत्पादन करते हैं और मांग के अनुसार इन्हें मुंबई, दिल्ली तथा असम के बाजारों तक भेजते हैं।

जैविक खाद से लेकर मालवी में किसान संवाद

जैविक उर्वरक के लिए रिसर्च सेंटर संचालित करने वाली रेखा व्यास ने मुख्यमंत्री को अपने जैविक खाद के बारे में जानकारी दी। लहसुन-प्याज उत्पादक किसान धर्मेंद्र जाट ने मुख्यमंत्री से स्थानीय मालवी भाषा में संवाद किया।
कार्यक्रम में किसानों को उन्नत कृषि तकनीक, आधुनिक खेती के तौर-तरीकों और कृषि के साथ पशुपालन, उद्यानिकी तथा अन्य संबद्ध गतिविधियों को अपनाकर आय के विभिन्न स्रोत विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। कार्यक्रम में एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप, जावरा विधायक डॉ. राजेंद्र पांडेय और रतलाम ग्रामीण विधायक मथुरालाल डामर ने भी संबोधित किया।

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