कोलकाता में इंडिया एनर्जी वीक 2027 के ज़रिए वैश्विक ऊर्जा संवाद की तैयारी

  • Admin
  • Sep 28, 2026
  • 4,643 views

कोलकाता में जुटेगा दुनिया का ऊर्जा जगत, जनवरी 2027 में होगा इंडिया एनर्जी वीक

कोलकाता, 28 सितंबर। भारत के बढ़ते ऊर्जा प्रभाव और वैश्विक ऊर्जा चुनौतियों के बीच इंडिया एनर्जी वीक 2027 का आयोजन पहली बार पूर्वी भारत में होने जा रहा है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने सोमवार को आधिकारिक रूप से घोषणा की कि कोलकाता इंडिया एनर्जी वीक 2027 का मेजबान शहर होगा। पांचवें संस्करण का आयोजन 28 से 31 जनवरी 2027 तक न्यू टाउन कन्वेंशन सेंटर, कोलकाता में किया जाएगा।‘नवाचार को बढ़ावा देना। ऊर्जा को सुरक्षित करना। भविष्य को आकार देना’ थीम के साथ होने वाला यह सम्मेलन वर्ष का पहला बड़ा वैश्विक ऊर्जा सम्मेलन होगा। इसमें दुनिया भर के नीति-निर्माता, ऊर्जा क्षेत्र के दिग्गज, तकनीकी विशेषज्ञ, निवेशक और उद्योग जगत के प्रतिनिधि एक मंच पर जुटेंगे। सम्मेलन में वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने, किफायती ऊर्जा उपलब्ध कराने और स्थायित्व को आगे बढ़ाने के लिए तकनीक, नवाचार और साझेदारी पर व्यापक मंथन होगा।

75 हजार से अधिक ऊर्जा पेशेवर और 700 से अधिक प्रदर्शकों के पहुंचने की उम्मीद

इंडिया एनर्जी वीक 2027 में 75,000 से अधिक ऊर्जा क्षेत्र के पेशेवरों और 700 से अधिक अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शकों के शामिल होने की उम्मीद है। प्रदर्शनी और सम्मेलन में तेल एवं गैस, एलएनजी, रिफाइनिंग एवं पेट्रोकेमिकल्स, हाइड्रोजन, जैव ईंधन, डिजिटल प्रौद्योगिकी और एआई सहित ऊर्जा क्षेत्र के उभरते क्षेत्रों में हो रहे बदलावों और नवाचारों को प्रदर्शित किया जाएगा।यह आयोजन ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े हितधारकों को नवाचारों को विस्तार देने, ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने, दक्षता बढ़ाने और तकनीक आधारित प्रगति को गति देने के लिए साझेदारी के नए अवसर तलाशने का मंच देगा।

पश्चिम बंगाल में निवेश और रोजगार के नए अवसर

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने इंडिया एनर्जी वीक 2027 को राज्य में लाने के लिए पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय और हरदीप सिंह पुरी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सफल आयोजन से पश्चिम बंगाल में नए निवेश आकर्षित करने, मौजूदा परियोजनाओं के विस्तार और रोजगार के अवसर बढ़ाने में मदद मिलेगी।कोलकाता में आयोजन से इंडिया एनर्जी वीक पहली बार पूर्वी भारत में पहुंचेगा। इससे पूर्वी क्षेत्र के व्यवसायों, संस्थानों और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े लोगों को अंतरराष्ट्रीय भागीदारों से सीधे जुड़ने तथा वैश्विक ऊर्जा विमर्श में भागीदारी का अवसर मिलेगा।

बेंगलुरु से शुरू हुआ सफर, गोवा तक बढ़ा वैश्विक प्रभाव

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के संरक्षण में इंडिया एनर्जी वीक की शुरुआत 2023 में बेंगलुरु से हुई थी। इसके बाद इसके आकार, अंतरराष्ट्रीय भागीदारी और विमर्श के विषयों का लगातार विस्तार हुआ है।2026 में गोवा में आयोजित चौथे संस्करण में 75,000 से अधिक ऊर्जा क्षेत्र के पेशेवर, 700 से अधिक प्रदर्शक कंपनियां, 120 से अधिक देशों के प्रतिभागी और 6,500 से अधिक सम्मेलन प्रतिनिधि शामिल हुए। यह भागीदारी वैश्विक ऊर्जा सम्मेलन के रूप में इंडिया एनर्जी वीक की बढ़ती भूमिका को दर्शाती है।

भारत की बढ़ती ऊर्जा मांग ने बढ़ाया वैश्विक महत्व

भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और देश की ऊर्जा मांग भी तेजी से बढ़ रही है। साथ ही भारत स्वच्छ ऊर्जा प्रणालियों की ओर बढ़ते हुए ऊर्जा सुरक्षा और किफायती ऊर्जा के बीच संतुलन बनाने पर काम कर रहा है। ऐसे में भारत की ऊर्जा नीतियों और विकल्पों का प्रभाव देश की सीमाओं से आगे वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी पड़ रहा है।इसी व्यापक संदर्भ में इंडिया एनर्जी वीक 2027 का फोकस विशेष रूप से वैश्विक दक्षिण के देशों सहित पूरी दुनिया के लिए ऊर्जा सुरक्षा, किफायती ऊर्जा और स्थायित्व सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक तकनीक, नवाचार और साझेदारी पर रहेगा।

तेल-गैस से एआई तक ऊर्जा के हर उभरते क्षेत्र पर चर्चा

सम्मेलन में हाइड्रोकार्बन और व्यापक ऊर्जा मूल्य श्रृंखला से जुड़े सभी प्रमुख हितधारक भाग लेंगे। ऊर्जा सुरक्षा, किफायती ऊर्जा, तकनीक, निवेश और स्थायित्व के बीच बढ़ते संबंधों को देखते हुए सम्मेलन में ऊर्जा क्षेत्र की चुनौतियों के व्यावहारिक समाधान तलाशे जाएंगे।प्रदर्शनी और सम्मेलन कार्यक्रमों में तेल एवं गैस, एलएनजी, रिफाइनिंग एवं पेट्रोकेमिकल्स, हाइड्रोजन, जैव ईंधन, डिजिटलाइजेशन और एआई के साथ ऊर्जा क्षेत्र के अन्य उभरते क्षेत्रों में हुए विकास को प्रदर्शित किया जाएगा।

अंतरराष्ट्रीय भागीदारी का लगातार विस्तार

इंडिया एनर्जी वीक के बढ़ते दायरे के साथ इसका अंतरराष्ट्रीय स्वरूप भी मजबूत हुआ है। पिछले संस्करणों में प्रमुख ऊर्जा उत्पादक और उपभोक्ता अर्थव्यवस्थाओं के वरिष्ठ सरकारी नेताओं तथा ऊर्जा अधिकारियों ने भाग लिया है।इंडिया एनर्जी वीक 2026 में संयुक्त अरब अमीरात, कनाडा, नीदरलैंड, ओमान, ब्रुनेई, म्यांमार और तंजानिया सहित देशों के 17 मंत्री और उप-मंत्री शामिल हुए थे। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा फोरम, बिम्सटेक और यूरेशियन इकोनॉमिक यूनियन जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने भी इसमें भागीदारी की थी।यह भागीदारी वैश्विक ऊर्जा विमर्श की बढ़ती परस्पर निर्भरता को दर्शाती है, जहां देश और कंपनियां ऊर्जा सुरक्षा, निवेश, तकनीक, ऊर्जा संक्रमण और बदलते वैश्विक ऊर्जा परिदृश्य से जुड़ी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।

निवेश, नीति और तकनीकी सहयोग का प्रमुख मंच

इंडिया एनर्जी वीक भारत का प्रमुख वैश्विक ऊर्जा मंच है, जो सुरक्षित, टिकाऊ और किफायती ऊर्जा के भविष्य की दिशा में सरकारी नेतृत्व, उद्योग जगत और नवाचारकर्ताओं को एक साथ लाता है। तटस्थ मंच के रूप में यह निवेश, नीतिगत तालमेल और तकनीकी सहयोग को बढ़ावा देने पर केंद्रित है।पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के संरक्षण में इंडिया एनर्जी वीक 2027 का आयोजन फेडरेशन ऑफ इंडियन पेट्रोलियम इंडस्ट्री (FIPI) द्वारा किया जा रहा है, जबकि इन्फॉर्मा मार्केट्स सम्मेलन आयोजक की भूमिका में है।इंडिया एनर्जी वीक 2027 का आयोजन 28 से 31 जनवरी 2027 तक न्यू टाउन कन्वेंशन सेंटर, कोलकाता में निर्धारित थीम के तहत होगा।

सम्बन्धित खबरें