विजयादशमी पर मोतिहारी में शस्त्र पूजन और पथ संचलन, समाज की एकजुटता पर दिया जोर

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  • Oct 16, 2026
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संघ के सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल ने कहा—संगठित समाज और सांस्कृतिक मूल्यों से सशक्त होगा भारत

मोतिहारी।

विजयादशमी के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, मोतिहारी जिला की ओर से स्थानीय नरसिंह बाबा मंदिर परिसर में शस्त्र पूजन और पथ संचलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित संघ के सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल ने समाज की एकजुटता, नैतिक सुदृढ़ता और भारतीय सांस्कृतिक विरासत के महत्व पर विचार रखे।

डॉ. कृष्ण गोपाल ने कहा कि विजय केवल शस्त्रों के बल पर नहीं, बल्कि समाज के संगठित और नैतिक रूप से सुदृढ़ होने से प्राप्त होती है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना का मूल उद्देश्य भी पूरे समाज को संगठित करना है। उन्होंने कहा कि नवभारत का निर्माण केवल आधुनिक तकनीक और आर्थिक प्रगति के आधार पर नहीं हो सकता, बल्कि इसके लिए प्राचीन सांस्कृतिक विरासत और मूल्यों से जुड़ाव भी आवश्यक है।

उन्होंने भारतीय सांस्कृतिक लोकाचार को समृद्ध बताते हुए कहा कि इनमें बदलते समय की वैश्विक चुनौतियों का सामना करने और दुनिया को दिशा देने की क्षमता है। सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण और उनके अनुरूप जीवन जीने से समाज को मजबूती मिल सकती है।

संघ का कार्य निरंतर आत्म-साधना का संकल्प

संघ के शताब्दी वर्ष की यात्रा का उल्लेख करते हुए डॉ. कृष्ण गोपाल ने कहा कि संघ का कार्य केवल उत्सव या समारोह तक सीमित नहीं है, बल्कि यह निरंतर आत्म-साधना और समाज के प्रति प्रामाणिकता एवं निःस्वार्थ भाव से जीवन समर्पित करने का संकल्प है।

उन्होंने कहा कि भारत को परम वैभव संपन्न और विश्वगुरु बनाने का दायित्व किसी एक व्यक्ति या संस्था तक सीमित नहीं है। इसके लिए देश के सभी नागरिकों को निःस्वार्थ भाव से राष्ट्रहित में योगदान देना होगा। विजयादशमी का पर्व अपनी शक्ति को पहचानने, समाज को आत्म-विस्मृति से बाहर निकालने और राष्ट्रीय चेतना जागृत करने का संदेश देता है।

मुख्य अतिथि ने संघ की भूमिका पर रखे विचार

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि डायट प्रशिक्षण संस्थान की प्राचार्या अर्चना कुमारी ने वर्तमान सामाजिक परिवेश में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की भूमिका पर प्रकाश डाला। आयोजन में विजयादशमी के अवसर पर शस्त्र पूजन और पथ संचलन के माध्यम से संगठन, सामाजिक एकता और राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध का संदेश दिया गया।

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