वैश्विक मापन मानकों की मेजबानी करेगा भारत, पहली बार दिल्ली में जुटेंगे 100 से अधिक अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ

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  • Oct 19, 2026
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26 से 28 अक्टूबर तक होगी अंतरराष्ट्रीय विधिक मापन समिति की 61वीं बैठक; डिजिटल तकनीक, निष्पक्ष व्यापार और उपभोक्ता संरक्षण पर बनेगी रणनीति


ओआईएमएल की रणनीति कार्यशाला और अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में 3 दिन तक मंथन; भारतीय उद्योगों को वैश्विक बाजारों तक पहुंच बनाने में मिलेगी मदद


नई दिल्ली, 19 अक्टूबर 2026। अंतरराष्ट्रीय विधिक मापन के क्षेत्र में भारत की भूमिका को नई मजबूती मिलने जा रही है। भारत पहली बार 26 से 28 अक्टूबर तक नई दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय विधिक मापन समिति (सीआईएमएल) की 61वीं बैठक की मेजबानी करेगा। उपभोक्ता मामलों के विभाग और अंतरराष्ट्रीय विधिक मापन संगठन (ओआईएमएल) के संयुक्त आयोजन में 100 से अधिक अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों और विशेषज्ञों के शामिल होने की उम्मीद है। बैठक में मापन मानकों के वैश्विक सामंजस्य, तकनीकी नवाचार, नियामक प्रक्रियाओं के डिजिटलीकरण और उपभोक्ता हितों की सुरक्षा पर चर्चा होगी।


डिजिटल बदलाव और मापन के भविष्य पर मंथन
बैठक से पहले 26 अक्टूबर को ‘विधिक मापन में विकास’ विषय पर अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित होगी। इसमें विभिन्न देशों के विशेषज्ञ अपनी व्यवस्थाओं के आधुनिकीकरण के अनुभव और सर्वोत्तम प्रक्रियाएं साझा करेंगे। चर्चा के प्रमुख विषयों में नियामक सेवाओं का डिजिटलीकरण, मापन उपकरणों के अंतरराष्ट्रीय मानकों में सामंजस्य और मान्यता, ई-लर्निंग उपकरण तथा विधिक मापन प्रशासन के लिए नए दृष्टिकोण शामिल होंगे।
27 अक्टूबर को ओआईएमएल की रणनीति कार्यशाला आयोजित की जाएगी। इसमें सदस्य देशों और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों के बीच संगठन की भावी रणनीति, तकनीकी प्रगति, डिजिटल परिवर्तन, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और विधिक मापन प्रणालियों की बदलती जरूरतों पर विचार-विमर्श होगा।


मानकों से प्रमाणन तक, अहम मुद्दों पर चर्चा
तीन दिवसीय कार्यक्रम में सीआईएमएल के सदस्य अंतरराष्ट्रीय सिफारिशों के विकास और संशोधन, ओआईएमएल की तकनीकी गतिविधियों, ओआईएमएल प्रमाणन प्रणाली (ओआईएमएल-सीएस), क्षमता निर्माण और अंतरराष्ट्रीय सहयोग जैसे मुद्दों पर विचार करेंगे। बैठक का उद्देश्य देशों के बीच तकनीकी ज्ञान और अनुभव का आदान-प्रदान बढ़ाना तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त मापन मानकों को प्रोत्साहित करना है।
पिछली यानी 60वीं सीआईएमएल बैठक 13 से 15 अक्टूबर 2025 तक फ्रांस की राजधानी पेरिस में हुई थी। इसमें 55 सदस्य देशों के प्रतिनिधियों के अलावा 12 संबंधित सदस्यों और पांच संपर्क संगठनों ने भाग लिया था। बैठक में स्वचालित अपवर्तनांकमापी, भार मापक उपकरणों और यातायात गतिमापी से जुड़े तकनीकी प्रकाशनों को मंजूरी देने के साथ ओआईएमएल प्रमाणन प्रणाली, डिजिटलीकरण और अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर चर्चा हुई थी।


प्रमुख देशों की भागीदारी, भारत को वैश्विक अनुभव साझा करने का अवसर
नई दिल्ली की बैठक में फ्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन, जापान, चीन, ऑस्ट्रेलिया, स्विट्जरलैंड, अमेरिका, दक्षिण अफ्रीका और ब्राजील सहित विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है। संबंधित सदस्य देशों और संबद्ध अंतरराष्ट्रीय संगठनों की भागीदारी भी प्रस्तावित है। इस मंच पर भारत अपने नियामक सुधारों, डिजिटल पहलों और कारोबार को आसान बनाने के प्रयासों का अनुभव साझा कर सकेगा।उपभोक्ता मामलों के विभाग ने नियामक ढांचे को आधुनिक बनाने, अनुपालन प्रक्रियाओं को सरल करने और विश्वास-आधारित विनियमन को बढ़ावा देने के लिए कई पहल की हैं। इनका उद्देश्य व्यापार में सुगमता बढ़ाने के साथ उपभोक्ता संरक्षण को मजबूत करना है। बैठक में इन प्रयासों को अंतरराष्ट्रीय अनुभवों के साथ साझा करने का अवसर मिलेगा।


भारतीय उद्योगों को वैश्विक बाजार में मिल सकती है बढ़त
बैठक से भारतीय निर्माताओं को अंतरराष्ट्रीय मापन मानकों, अनुरूपता मूल्यांकन की आवश्यकताओं और ओआईएमएल प्रमाणन प्रणाली की बेहतर जानकारी मिलने की उम्मीद है। इससे गुणवत्तापूर्ण उत्पाद तैयार करने और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच आसान बनाने में मदद मिल सकती है।
मापन संबंधी आवश्यकताओं में सामंजस्य बढ़ने से व्यापार की तकनीकी बाधाएं घटाने और जहां संभव हो, परीक्षण तथा प्रमाणन की दोहराव वाली प्रक्रियाओं से बचने में भी मदद मिलेगी। उपभोक्ताओं के लिए सटीक और विश्वसनीय मापन जरूरी है, क्योंकि इससे लेन-देन में निष्पक्षता, वस्तुओं की सही मात्रा की घोषणा और उत्पादों व सेवाओं के प्रति भरोसा मजबूत होता है।


1955 में हुई थी ओआईएमएल की स्थापना
अंतरराष्ट्रीय विधिक मापन संगठन (ओआईएमएल) एक अंतर-सरकारी संस्था है, जिसकी स्थापना 1955 में विधिक मापन प्रक्रियाओं में वैश्विक सामंजस्य को बढ़ावा देने के लिए की गई थी। संगठन व्यापार, उद्योग, स्वास्थ्य सेवा, सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण में इस्तेमाल होने वाले मापन उपकरणों के लिए अंतरराष्ट्रीय सिफारिशें, मानक और संबंधित दस्तावेज विकसित करता है।अंतरराष्ट्रीय विधिक मापन समिति (सीआईएमएल), ओआईएमएल की तकनीकी और प्रशासनिक गतिविधियों का मार्गदर्शन करने वाली प्रमुख निर्णयकारी संस्था है। इसकी वार्षिक बैठक नीतिगत मुद्दों, तकनीकी विकास और अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर विचार-विमर्श का वैश्विक मंच उपलब्ध कराती है।
नई दिल्ली में होने वाला यह आयोजन विश्वसनीय मापन प्रणालियों, निष्पक्ष व्यापार और उपभोक्ता विश्वास को बढ़ावा देने के साथ भारत की अंतरराष्ट्रीय भागीदारी को मजबूत करेगा। यह विकसित भारत 2047 के लक्ष्य के अनुरूप तकनीकी नवाचार, नियामक सुधार और वैश्विक सहयोग में भारत के योगदान को सामने रखने का अवसर भी होगा।

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