भोपाल में आचार्य समयसागर जी महाराज से मिले डॉ. मोहन भागवत, सामाजिक और राष्ट्रहित के विषयों पर हुआ संवाद

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  • Oct 29, 2026
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चातुर्मास स्थल पर लगभग एक घंटे तक रहे संघ सरसंघचालक, सेवा, शिक्षा, स्वावलंबन और भारतीय संस्कृति के संरक्षण से जुड़े प्रकल्पों पर हुई चर्चा

आचार्य विद्यासागर जी महाराज का किया भावपूर्ण स्मरण, निर्माणाधीन जिनालय का भी किया अवलोकन

भोपाल।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने भोपाल में वर्षायोग चातुर्मास कर रहे आचार्य श्री 108 समयसागर जी महाराज के दर्शन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर उन्होंने आचार्य श्री के चरणों में श्रीफल समर्पित किया। लगभग एक घंटे तक चातुर्मास स्थल पर रहे डॉ. भागवत ने आचार्य श्री के साथ सामाजिक, आध्यात्मिक और राष्ट्रहित से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की।

आचार्य श्री के सान्निध्य में हुए संवाद में समाज सेवा, शिक्षा, स्वावलंबन, जीवदया और भारतीय संस्कृति के संरक्षण से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श हुआ। इस दौरान भोपाल में निर्माणाधीन जिनालय का भी अवलोकन किया गया।

सेवा, स्वावलंबन और संस्कारों से जुड़े प्रकल्पों पर चर्चा

संवाद के दौरान आचार्य श्री से प्रेरित विभिन्न सेवा एवं जनकल्याणकारी प्रकल्पों की जानकारी साझा की गई। इनमें दयोदय गौशाला को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास, हथकरघा केंद्रों के माध्यम से श्रमिकों को रोजगार और स्वावलंबन से जोड़ने की पहल, प्रतिभास्थली शिक्षण संस्थान, आयुर्वेदिक चिकित्सालय तथा देश के विभिन्न स्थानों पर निर्मित हो रहे भव्य पाषाण जिनालय प्रमुख रहे।

इन प्रकल्पों के माध्यम से जीवदया, भारतीय ज्ञान परंपरा, संस्कारयुक्त शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, श्रम की गरिमा और धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण जैसे उद्देश्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है।

आचार्य विद्यासागर जी महाराज का किया भावपूर्ण स्मरण

संवाद के दौरान डॉ. मोहन भागवत ने परम पूज्य आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज का भावपूर्ण स्मरण किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ स्थित चंद्रगिरि तीर्थ में आचार्य श्री के अंतिम दर्शन से जुड़ी अपनी स्मृतियां भी साझा कीं।

आचार्य विद्यासागर जी महाराज का जीवन त्याग, तपस्या, करुणा, स्वदेशी, स्वावलंबन और मानव कल्याण के आदर्शों का उदाहरण रहा है। उनके द्वारा प्रेरित सेवा कार्य आज भी समाज को सकारात्मक दिशा देने में योगदान दे रहे हैं।

शॉल, श्रीफल और तिलक से किया स्वागत

भोपाल जैन समाज के प्रमुख पदाधिकारियों और अन्य सदस्यों की उपस्थिति में डॉ. मोहन भागवत का शॉल, श्रीफल और तिलक लगाकर स्वागत किया गया।

आचार्य श्री समयसागर जी महाराज के सान्निध्य में हुआ यह संवाद आध्यात्मिक चेतना, सामाजिक सेवा, स्वावलंबन और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता का प्रेरक अवसर रहा।

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