जल परियोजनाओं में देरी बर्दाश्त नहीं, जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल ने दिए काम पूरा करने के निर्देश

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  • Oct 27, 2026
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27 अक्टूबर 2026 | नई दिल्ली
जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल ने बाढ़ प्रबंधन, फरक्का बैराज और केन-बेतवा लिंक परियोजना की समीक्षा की; 35 पायलट क्लस्टरों, ब्रह्मपुत्र की योजनाओं और चार लघु सिंचाई जनगणनाओं की प्रगति भी परखी
केंद्र सरकार ने जल संसाधन और नदी विकास से जुड़ी परियोजनाओं में तेजी लाने और तय समय-सीमा में काम पूरा करने पर जोर दिया है। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल ने 26 अक्टूबर को विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में परियोजनाओं की राह में आ रही बाधाओं की पहचान कर उनका शीघ्र समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने राज्यों के साथ समन्वय मजबूत करने, लिए गए निर्णयों पर प्रभावी कार्रवाई और कामकाज की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में जल शक्ति राज्य मंत्री राज भूषण चौधरी भी उपस्थित रहे।
बाढ़ प्रबंधन से फरक्का बैराज तक की समीक्षा
जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग के विभागाध्यक्षों ने बैठक में अपनी परियोजनाओं, योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति का ब्यौरा दिया। बाढ़ प्रबंधन प्रभाग और सीमावर्ती क्षेत्र कार्यक्रम के तहत चल रहे कार्यों की समीक्षा की गई। फरक्का बैराज परियोजना में बैराज के गेट बदलने, कटाव रोकने के उपायों और इनके क्रियान्वयन में आ रही चुनौतियों पर भी चर्चा हुई।
केन-बेतवा लिंक और 35 पायलट क्लस्टरों पर नजर
बैठक में राष्ट्रीय जल मिशन की प्राथमिक पहलों के साथ कमान क्षेत्र विकास एवं जल प्रबंधन के आधुनिकीकरण की स्थिति पर विचार किया गया। इस कार्यक्रम के अंतर्गत 35 पायलट क्लस्टरों में चल रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा हुई। केन-बेतवा लिंक परियोजना में लिंक नहर और दौधन बांध की स्थिति भी परखी गई।
ब्रह्मपुत्र की योजनाओं और सिंचाई जनगणना की समीक्षा
ब्रह्मपुत्र बोर्ड की ओर से मास्टर प्लान और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने की प्रगति पर चर्चा हुई। बेसिन प्रबंधन-I एवं II, ब्रह्मपुत्र-बराक नदी संबंधी मामलों और राष्ट्रीय जल विकास एजेंसी के कामकाज की भी समीक्षा की गई। लघु सिंचाई सांख्यिकी कार्यक्रम के तहत जारी चार जनगणनाओं की प्रगति तथा राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान के प्रमुख कार्यक्रमों, गतिविधियों और निर्धारित लक्ष्यों का आकलन किया गया।
समीक्षा में फरक्का बैराज परियोजना, राष्ट्रीय जल मिशन, बाढ़ प्रबंधन प्रभाग, कमान क्षेत्र विकास एवं जल प्रबंधन के आधुनिकीकरण, बेसिन प्रबंधन, केन-बेतवा लिंक परियोजना प्राधिकरण, ब्रह्मपुत्र बोर्ड और संबंधित संगठनों के कार्यों को शामिल किया गया।
अधिकारियों को प्रभावी कार्रवाई के निर्देश
पाटिल ने कहा कि परियोजनाओं की प्रगति में बाधा बनने वाले कारणों को चिह्नित कर जल्द दूर किया जाए, ताकि काम निर्धारित समय में पूरा हो सके। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों और संबंधित प्रभागों एवं संगठनों के प्रमुखों को बैठक में लिए गए निर्णयों पर प्रभावी अनुवर्ती कार्रवाई करने तथा उनके क्रियान्वयन की करीबी निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने तय समय-सीमा के भीतर अपेक्षित परिणाम हासिल करने पर विशेष जोर दिया।

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