प्रधानमंत्री कृषि धन-धान्य योजना के क्रियान्वयन में दंतेवाड़ा देश का सर्वश्रेष्ठ जिला

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  • Oct 12, 2026
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राष्ट्रीय स्तर पर मिला प्रतिष्ठित सम्मान, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने दी बधाई

कृषि सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी के प्रशासनिक नेतृत्व और विभागीय समन्वय से मिली उपलब्धि, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदान किया पुरस्कार

दंतेवाड़ा, 12 अक्टूबर 2026।

कृषि विकास, किसान कल्याण और ग्रामीण समृद्धि के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ ने राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। भारत सरकार की प्रधानमंत्री कृषि धन-धान्य योजना के उत्कृष्ट क्रियान्वयन के लिए दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा जिले को देशभर में ‘सर्वश्रेष्ठ जिला’ के राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान राज्य सरकार की किसान हितैषी नीतियों, कृषि क्षेत्र में नवाचार, प्रशासनिक नेतृत्व और मैदानी स्तर पर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को दर्शाता है।

केंद्रीय कृषि मंत्री ने प्रदान किया राष्ट्रीय सम्मान

नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन एवं पुरस्कार वितरण समारोह में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दंतेवाड़ा जिले को यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किया। जिले की ओर से कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव और उप संचालक कृषि सूरज कुमार पंसारी ने संयुक्त रूप से सम्मान ग्रहण किया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दी बधाई

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस उपलब्धि पर दंतेवाड़ा जिले के किसानों, जिला प्रशासन और कृषि विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सम्मान छत्तीसगढ़ के मेहनतकश अन्नदाताओं के परिश्रम, शासन की किसान कल्याणकारी नीतियों और प्रशासनिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प के अनुरूप कृषि को आधुनिक, लाभकारी और समृद्धि का आधार बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। विशेष रूप से आदिवासी बहुल बस्तर अंचल में कृषि विकास के क्षेत्र में मिली यह उपलब्धि पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है।

किसान कल्याण और आधुनिक कृषि पर जोर

कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री रामविचार नेताम ने भी दंतेवाड़ा को राष्ट्रीय पुरस्कार मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए किसानों और कृषि विभाग की पूरी टीम को बधाई दी।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, कृषि उत्पादकता में वृद्धि करने, उन्नत कृषि तकनीकों का विस्तार करने और पारंपरिक खेती को आधुनिक संसाधनों से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। दंतेवाड़ा की सफलता बताती है कि सुनियोजित प्रयासों, विभागीय समन्वय और किसानों की सक्रिय भागीदारी से वनांचल एवं आदिवासी क्षेत्रों में भी कृषि विकास को नई दिशा दी जा सकती है।

कृषि सचिव के नेतृत्व और विभागीय समन्वय की अहम भूमिका

प्रदेश में कृषि योजनाओं के प्रभावी संचालन, नियमित समीक्षा और विभागीय समन्वय को मजबूत बनाने में कृषि उत्पादन आयुक्त एवं सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी के प्रशासनिक नेतृत्व की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उनके मार्गदर्शन में कृषि विभाग द्वारा योजनाओं के परिणामोन्मुख क्रियान्वयन, नवाचारों को प्रोत्साहन और अंतिम छोर के किसानों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

दंतेवाड़ा को मिला यह सम्मान राज्य स्तर पर प्रभावी मार्गदर्शन और जिला स्तर पर योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के समन्वित प्रयासों का उदाहरण है।

दूरस्थ गांवों के किसानों तक पहुंचाया योजनाओं का लाभ

प्रधानमंत्री कृषि धन-धान्य योजना के तहत दंतेवाड़ा जिले के दूरस्थ वनांचल गांवों में रहने वाले लघु एवं सीमांत किसानों तक कृषि योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए विशेष प्रयास किए गए। पारंपरिक कृषि पद्धतियों के साथ आधुनिक तकनीकों के समन्वय, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन, जैविक एवं प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन और कृषि आदानों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में काम किया गया।

जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में कृषि, उद्यानिकी, पंचायत एवं ग्रामीण विकास सहित विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित किया गया। क्लस्टर आधारित गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन, प्रसंस्करण और बाजार से जुड़ाव पर भी जोर दिया गया। इन प्रयासों से किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण और ग्रामीण आजीविका को मजबूत बनाने में मदद मिली।

किसानों और मैदानी अमले को दिया श्रेय

राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त करने के बाद कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने इस उपलब्धि का श्रेय जिले के मेहनती किसानों, कृषि विभाग के मैदानी अमले और विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों को दिया। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन आधुनिक कृषि तकनीकों, प्राकृतिक खेती और किसानों की आजीविका को बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयास करता रहेगा।

दंतेवाड़ा जिले को मिला यह राष्ट्रीय सम्मान बस्तर अंचल के साथ-साथ पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि है। यह प्रदेश के अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणास्रोत है और कृषि विकास, किसान सशक्तिकरण तथा आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था के निर्माण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को रेखांकित करता है।

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