वनांचल के बच्चों को मिलेंगी बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं, परसा में बनेंगे प्राथमिक और माध्यमिक शाला के नए भवन

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  • Oct 24, 2026
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डीएमएफ से 33.90 लाख रुपये की स्वीकृति, प्राथमिक शाला के लिए 14.30 लाख और माध्यमिक शाला के लिए 19.60 लाख रुपये मंजूर

रायगढ़, 24 अक्टूबर 2026।

रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ विकासखंड के वनांचल क्षेत्र में शिक्षा सुविधाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओ.पी. चौधरी की पहल पर ग्राम पंचायत बैरागी के आश्रित ग्राम परसा में प्राथमिक और माध्यमिक शाला के नए भवनों का निर्माण किया जाएगा। जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) से दोनों भवनों के लिए कुल 33 लाख 90 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य शासन दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर जोर दे रहा है। नए स्कूल भवन बनने से परसा के बच्चों को पढ़ाई के लिए बेहतर और सुविधायुक्त वातावरण मिलेगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के अवसर मजबूत होंगे और विद्यार्थियों को स्थानीय स्तर पर बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

प्राथमिक शाला के लिए 14.30 लाख, माध्यमिक शाला के लिए 19.60 लाख रुपये मंजूर

नवीन प्राथमिक शाला भवन के निर्माण के लिए 14 लाख 30 हजार रुपये तथा नवीन माध्यमिक शाला भवन के लिए 19 लाख 60 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं। दोनों निर्माण कार्यों को उच्च प्राथमिकता में रखा गया है। यह स्वीकृति डीएमएफ शासी परिषद की 11 मई 2026 को आयोजित बैठक में लिए गए निर्णय के अनुरूप जारी की गई है। निर्माण कार्यों की जिम्मेदारी जनपद पंचायत धरमजयगढ़ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को सौंपी गई है।

डीएमएफ के माध्यम से खनन प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है। परसा में स्कूल भवनों का निर्माण इसी उद्देश्य के तहत किया जाएगा, जिससे वनांचल क्षेत्र के बच्चों को शिक्षा के लिए बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।

निर्माण की गुणवत्ता और समय-सीमा पर रहेगी निगरानी

जिला प्रशासन ने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता बनाए रखने और निर्धारित समय-सीमा का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। निर्माण शुरू होने से पहले, कार्य के दौरान और निर्माण पूरा होने के बाद स्थल के फोटो लेना अनिवार्य होगा। साथ ही, कार्यस्थल पर सूचना फलक लगाया जाएगा, जिसमें योजना का नाम, स्वीकृत राशि तथा निर्माण शुरू होने और पूरा होने की तिथि का उल्लेख रहेगा।

निर्माण एजेंसी को प्रत्येक माह की 5 तारीख तक कार्य की प्रगति रिपोर्ट डीएमएफ को भेजनी होगी। निर्माण कार्य स्वीकृत राशि के भीतर ही पूरा करना अनिवार्य होगा। इन व्यवस्थाओं के माध्यम से निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और पारदर्शिता पर निगरानी रखी जाएगी।

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