दुनिया को जोड़ने से आगे, अब तकनीक गढ़ेगा भारत : आईएमसी 2026 में दिखेगी डिजिटल ताकत

  • Admin
  • Oct 05, 2026
  • 29,007 views

8 अक्टूबर को प्रधानमंत्री मोदी करेंगे उद्घाटन; 1.5 लाख से अधिक लोगों के जुटने की उम्मीद, 500+ प्रदर्शक-भागीदार, 600+ स्टार्टअप और 900+ विचारक होंगे शामिल

नई दिल्ली, 5 अक्टूबर। कभी दुनिया की दूरसंचार तकनीक का बड़ा बाजार रहा भारत अब उसी तकनीक को विकसित करने, बनाने और दुनिया तक पहुंचाने की दिशा में तेज कदम बढ़ा रहा है। इस बदलती तस्वीर की ताकत और महत्वाकांक्षा इंडिया मोबाइल कांग्रेस (आईएमसी) 2026 में दिखाई देगी। ‘स्केल विदाउट बाउंड्रीज’ की थीम के साथ 8 अक्टूबर से द्वारका स्थित यशोभूमि में शुरू होने वाला यह आयोजन भारत के दूरसंचार विस्तार, डिजिटल परिवर्तन और बढ़ते वैश्विक तकनीकी नेतृत्व का बड़ा मंच बनेगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 8 अक्टूबर को आईएमसी 2026 का उद्घाटन करेंगे। आयोजन में 1.5 लाख से अधिक लोगों, 500 से ज्यादा प्रदर्शकों एवं भागीदारों, 600 से अधिक स्टार्टअप्स और 900 से ज्यादा विचारकों के शामिल होने की उम्मीद है। चार दिनों के इस वैश्विक तकनीकी मंच पर 2,000 से अधिक तकनीकी उपयोग के मामले, 120 से ज्यादा सत्र और 700 से अधिक निवेशक बैठकें होंगी।

उद्घाटन से पहले केंद्रीय संचार एवं उत्तर पूर्व क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने सोमवार को यशोभूमि पहुंचकर अंतिम तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने प्रदर्शनी क्षेत्र का निरीक्षण किया, स्टार्टअप्स और प्रदर्शकों से बातचीत की तथा दूरसंचार विभाग, सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया और साझीदार एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठकें कीं। मीडिया से बातचीत में उन्होंने आईएमसी के 10वें संस्करण की व्यापकता और वैश्विक महत्व को रेखांकित किया।

सिंधिया ने कहा कि भारतीय दूरसंचार कनेक्टिविटी की क्षमता और उपलब्धियों के साथ अब तकनीक के नए क्षितिज तलाशे जा रहे हैं। आईएमसी में हजारों प्रदर्शक, सैकड़ों कंपनियां और नए उत्पाद दिखाई देंगे। भारत की दिशा अब स्पष्ट है—सेवा प्रदाता राष्ट्र से उत्पादक राष्ट्र बनने की ओर।

101 करोड़ ब्रॉडबैंड ग्राहक, 99.9% जिलों तक 5जी

भारत का दूरसंचार क्षेत्र जिस पैमाने पर विस्तार कर चुका है, उसका अंदाजा आंकड़ों से लगाया जा सकता है। देश में 101 करोड़ ब्रॉडबैंड ग्राहक और 10 करोड़ से अधिक इंटरनेट ग्राहक हैं। 5जी सेवाएं 99.9 प्रतिशत जिलों तक पहुंच चुकी हैं और देश की 85 प्रतिशत आबादी 5जी के दायरे में है।

गांव भी इस डिजिटल विस्तार से पीछे नहीं हैं। देश के 98.7 प्रतिशत गांवों में 4जी कनेक्टिविटी उपलब्ध हो चुकी है। यह केवल नेटवर्क विस्तार नहीं, बल्कि डिजिटल अर्थव्यवस्था, ऑनलाइन सेवाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के लिए तैयार हो रही नई आधारभूत संरचना है।

दुनिया के पांच देशों में भारत, जिसके पास अपना 4जी स्टैक

दूरसंचार के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में भारत ने एक बड़ी छलांग लगाई है। भारत स्वदेशी 4जी स्टैक विकसित करने वाला दुनिया का पांचवां देश बन गया है।

यह उपलब्धि भारत की उस क्षमता का प्रमाण है जिसमें देश उन्नत दूरसंचार तकनीक का केवल उपयोग नहीं कर रहा, बल्कि उसके डिजाइन, विकास और कार्यान्वयन में भी अपनी ताकत स्थापित कर रहा है। आईएमसी 2026 इसी स्वदेशी तकनीकी क्षमता को वैश्विक निवेशकों, कंपनियों और तकनीकी समुदाय के सामने प्रस्तुत करेगा।

6जी, एआई और क्वांटम—भविष्य की तकनीक पर सीधा फोकस

आईएमसी 2026 में चर्चा केवल आज की कनेक्टिविटी तक सीमित नहीं रहेगी। तीसरा अंतरराष्ट्रीय 6जी संगोष्ठी भविष्य की संचार तकनीक पर केंद्रित होगा। सीटीओ और सीईओ गोलमेज सम्मेलन में दूरसंचार के बदलते वैश्विक परिदृश्य पर मंथन होगा।

सेमीकंडक्टर और कोर कंपोनेंट आपूर्ति शृंखला, एआई युग के लिए टेलीकॉम स्टैक, दूरसंचार उत्पाद विनिर्माण, सैटेलाइट कम्युनिकेशन, 5जी से आय सृजन, टेलीकॉम-क्वांटम अभिसरण, 5जी इनोवेशन हैकाथॉन, स्टार्टअप वर्ल्ड कप और साइबर सुरक्षा शिखर सम्मेलन जैसे कार्यक्रम तकनीक के अगले दौर की दिशा तय करने पर केंद्रित होंगे।

समावेशिता, कौशल विकास और रोजगार सृजन को भी आयोजन के प्रमुख विषयों में शामिल किया गया है।

निवेशकों की नजर में भारतीय स्टार्टअप

आईएमसी 2026 तकनीकी प्रदर्शन के साथ-साथ निवेश का भी बड़ा केंद्र बनेगा। 300 से अधिक निवेशक, इनक्यूबेटर, एक्सीलेटर और वेंचर कैपिटल फर्म इसमें भाग लेने की उम्मीद है। इनके साथ 700 से अधिक निवेशक बैठकें होंगी।

इसका सीधा लाभ स्टार्टअप्स और तकनीकी उद्यमों को मिलने की संभावना है। उन्हें वैश्विक पूंजी, मार्गदर्शन और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच बनाने का अवसर मिलेगा।

एक मंच पर सरकार, उद्योग और तकनीकी दुनिया

आईएमसी में मुख्य भाषणों के साथ गोलमेज सम्मेलन, पैनल चर्चाएं, कार्यशालाएं, हैकाथॉन, प्रदर्शनियां, शोकेस, द्विपक्षीय बैठकें और पूर्ण सत्र होंगे। सरकार, उद्योग, शिक्षण एवं शोध संस्थान, स्टार्टअप्स और तकनीकी नवप्रवर्तक एक ही मंच पर अपने अनुभव और संभावनाएं साझा करेंगे।

‘इन्वेस्टिंग इन द नेक्स्ट बिलियन डिजिटल कनेक्शन’ विषय पर मंत्रिस्तरीय कार्यक्रम और ‘द सॉवरेन इन्फ्लेक्शन एंड द फ्यूचर ऑफ टेलीकॉम’ विषय पर सीईओ गोलमेज सम्मेलन आयोजन के प्रमुख आकर्षण होंगे।

इसके अलावा एआई फॉर गुड, साइबर सिक्योरिटी समिट, 6जी सिंपोजियम, स्टार्टअप वर्ल्ड कप इंडिया 2026, 5जी नेटवर्क के लिए एआई एजेंटों पर आईटीयू बिल्ड-ए-थॉन, एआई सेफ्टी इंडिया-यूके पैनल और रोबोटिक्स फॉर यूथ चैलेंज भी आयोजित किए जाएंगे।

2,000 तकनीकी उपयोग के मामले बताएंगे भविष्य का रास्ता

आईएमसी 2026 में 2,000 से अधिक तकनीकी उपयोग के मामले प्रदर्शित किए जाएंगे। 120 से अधिक सत्र व्यवसायों, नीति निर्माताओं, शोधकर्ताओं और तकनीकी नवप्रवर्तकों को विचारों के आदान-प्रदान और नई साझेदारियों के अवसर देंगे।

500 से अधिक प्रदर्शक और भागीदार, 600 से ज्यादा स्टार्टअप तथा 900 से अधिक विचारकों की भागीदारी इस आयोजन को केवल प्रदर्शनी नहीं, बल्कि वैश्विक तकनीकी संवाद का बड़ा मंच बनाएगी।

कनेक्टिविटी से नेतृत्व तक भारत की नई कहानी

भारत की डिजिटल यात्रा अब केवल अधिक लोगों को इंटरनेट से जोड़ने की कहानी नहीं है। 101 करोड़ ब्रॉडबैंड ग्राहक, 99.9 प्रतिशत जिलों तक 5जी, 98.7 प्रतिशत गांवों तक 4जी और स्वदेशी 4जी स्टैक उस परिवर्तन की तस्वीर पेश करते हैं जिसमें भारत डिजिटल तकनीक का बड़ा उपभोक्ता होने से आगे बढ़कर उसके निर्माण और विकास में अपनी भूमिका मजबूत कर रहा है।

आईएमसी 2026 इसी बदलाव को वैश्विक मंच पर सामने रखेगा। ‘स्केल विदाउट बाउंड्रीज’ की थीम में भारत की अगली महत्वाकांक्षा साफ दिखाई देती है—कनेक्टिविटी की पहुंच बढ़ाना, तकनीक में आत्मनिर्भर बनना और भारतीय नवाचार को वैश्विक बाजार तक पहुंचाना।

यही वजह है कि इस बार इंडिया मोबाइल कांग्रेस केवल दूरसंचार का आयोजन नहीं, बल्कि डिजिटल भारत से तकनीकी नेतृत्व की ओर बढ़ते देश की शक्ति-प्रदर्शनी के रूप में देखा जा रहा है।

सम्बन्धित खबरें