घुसपैठ और अन्य कारणों से unnatural demographic change किसी भी राष्ट्र के वर्तमान व भविष्य के लिए बड़ी चुनौती

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  • Sep 20, 2026
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“भारत में जनसांख्यिकीय परिवर्तन” विषय पर चर्चा और संगोष्ठी का आयोजन

नई दिल्ली, 19 सितंबर 2026।

केशव पुस्तकालय द्वारा आयोजित व्याख्यानमाला की श्रृंखला में “भारत में जनसांख्यिकीय परिवर्तन” विषय पर चर्चा और संगोष्ठी का आयोजन किया गया। भारत में जनसांख्यिकीय परिवर्तन के विषय पर मुख्य वक्ता कमलेश सिंह जी (सह-संयोजक, हिन्दू जागरण मंच) रहे। संगोष्ठी में शोधकर्ताओं (रिसर्च स्कॉलर्स), प्रोफेसरों, विद्यार्थियों एवं अनेक महाविद्यालयों के गणमान्य व्यक्तियों ने सहभागिता की।

संगोष्ठी में कमलेश सिंह जी द्वारा लिखित पुस्तक “Demographic Change of Bharat” का विमोचन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख नरेंद्र ठाकुर जी ने उपस्थित गणमान्य अतिथियों के समक्ष किया। विमोचन के उपरांत पुस्तक की मूल विषय-वस्तु और इसके सामाजिक-राष्ट्रीय महत्व पर भी विस्तार से चर्चा हुई। संगोष्ठी एवं वार्ता की कड़ी को आगे बढ़ाते हुए, मुख्य वक्ता कमलेश सिंह जी ने “भारत में जनसांख्यिकीय परिवर्तन के दूरगामी परिणामों के बारे में विस्तार से उल्लेख किया”।

उन्होंने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने 15 अगस्त 2025 को High-powered demography mission की घोषणा की थी, जिसके पश्चात एक High-Level Committee का गठन किया गया है। जस्टिस प्रकाश प्रभाकर नावलेकर (सेवानिवृत्त) की अध्यक्षता में बनी समिति में जनगणना आयुक्त के साथ दो अन्य सदस्य हैं। मुख्य वक्ता ने कहा कि Demographic change हमारी संप्रभुता के साथ ही राष्ट्रीय सुरक्षा, कानून व्यवस्था, सामाजिक संरचना में गंभीर बदलाव और जनजातीय समाज के संरक्षण से जुड़ी एक गंभीर समस्या है। उन्होंने कहा कि यह समिति अवैध प्रवास और अन्य असामान्य कारणों से पूरे भारत में हो रहे Demographic changes का व्यापक मूल्यांकन करेगी।

धार्मिक एवं सामाजिक समुदायों के स्तर पर असामान्य जनसंख्या परिवर्तन के pattern का विश्लेषण तथा इसका सुनियोजित और समयबद्ध समाधान आवश्यक है। अवैध घुसपैठ और अन्य असामान्य कारणों से देश के विभिन्न हिस्सों में होने वाले जनसांख्यिकीय परिवर्तनों के वैज्ञानिक रूप से आकलन की आवश्यकता है ताकि उचित नीति, विधायी और प्रशासनिक उपाय किए जा सकें।

उन्होंने कहा कि घुसपैठ और अन्य कारणों से unnatural demographic change किसी भी राष्ट्र के वर्तमान व भविष्य के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती है। वर्ष 1951 की जनगणना में हिन्दू आबादी 84 प्रतिशत थी, जबकि मुस्लिम आबादी 9.8 प्रतिशत थी। 1971 में हिन्दू आबादी 82 प्रतिशत और मुस्लिम आबादी 11 प्रतिशत हो गई। 1991 में हिन्दू आबादी 81 प्रतिशत और मुस्लिम आबादी 12.2 प्रतिशत हो गई। 2011 में हिन्दू आबादी 79 प्रतिशत और मुस्लिम आबादी 14.2 प्रतिशत हो गई। इस प्रकार, हिन्दू आबादी में उल्लेखनीय कमी देखने को मिलती है।

जनसांख्यकी में परिवर्तन कम जन्म दर के साथ ही घुसपैठ के कारण हुआ है। जब भारत का विभाजन हुआ तो धर्म के आधार पर हमारे दोनों ओर पाकिस्तान का गठन हुआ जो बाद में बांग्लादेश और पाकिस्तान के रूप में विभाजित हो गया। दोनों ओर से अवैध घुसपैठ के कारण जनसंख्या में इतना बड़ा परिवर्तन हुआ। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में अवैध घुसपैठ के कारण जनसंख्या में असंतुलन हुआ है।

कमलेश सिंह जी ने वार्ता के दौरान भारत विभाजन की विभीषिका को दर्शाने वाले कई चित्र भी दिखाए। उन्होंने कहा कि Special Intensive Revision (SIR) राजनीतिक विषय नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय विषय है। घुसपैठिए हमारी मतदाता सूची में शामिल हो जाते हैं, तो देश की राजनीतिक निर्णय का हिस्सा बन जाते हैं, इस समस्या का समाधान पाना राष्ट्र हित में है। अंत में वन्दे मातरम के साथ

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