महतारी सदन से ग्रामीण महिलाओं को मिली सुविधा, अब सुरक्षित जगह पर हो रहीं बैठकें

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  • Oct 28, 2026
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लखनपुर के ग्राम पुहपुटरा में 24.70 लाख रुपये से बना भवन, महिला स्व-सहायता समूहों को आजीविका गतिविधियां बढ़ाने में मिल रही मदद

सरगुजा, 28 अक्टूबर 2026। 

ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने और महिला स्व-सहायता समूहों की गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए संचालित महतारी सदन योजना गांवों में उपयोगी साबित हो रही है। सरगुजा जिले के आकांक्षी विकासखंड लखनपुर के ग्राम पुहपुटरा में 24 लाख 70 हजार रुपये की लागत से निर्मित महतारी सदन ने महिलाओं को बैठक और सामूहिक गतिविधियों के लिए सुरक्षित एवं सुविधाजनक स्थान उपलब्ध कराया है।

पहले गांव की महिलाओं को बैठक करने के लिए कभी किसी सदस्य के घर तो कभी पेड़ों की छांव का सहारा लेना पड़ता था। अब महतारी सदन में वे नियमित रूप से एकत्रित होकर समूह की गतिविधियों, आजीविका के अवसरों और स्वरोजगार की संभावनाओं पर खुलकर चर्चा कर रही हैं।

24.70 लाख रुपये की लागत से हुआ निर्माण

ग्राम पुहपुटरा में महतारी सदन का निर्माण वित्तीय वर्ष 2024-25 में स्वीकृत योजना के तहत कराया गया है। भवन में बैठने की समुचित व्यवस्था, शौचालय सहित आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं। इससे गांव के विभिन्न महिला स्व-सहायता समूहों को नियमित बैठकें आयोजित करने और सामूहिक गतिविधियों का संचालन करने में सहूलियत मिल रही है।

अब महिलाएं बेझिझक रख पा रही हैं अपनी बात

लक्ष्य महिला स्व-सहायता समूह की अध्यक्ष बिंदेश्वरी राजवाड़े ने बताया कि समूह गठन के शुरुआती दिनों में बैठक के लिए कोई निश्चित स्थान नहीं था। कभी किसी सदस्य के घर तो कभी पेड़ के नीचे बैठक करनी पड़ती थी। सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की आवाजाही और भीड़ के कारण महिलाएं अपनी समस्याओं और आजीविका से जुड़े विषयों पर खुलकर चर्चा नहीं कर पाती थीं।

उन्होंने बताया कि महतारी सदन बनने से यह समस्या दूर हो गई है। अब समूह की महिलाएं सुरक्षित और सुविधाजनक स्थान पर एकत्रित होकर अपने विचार साझा करती हैं तथा आजीविका गतिविधियों को आगे बढ़ाने की योजना बनाती हैं। बैठने और शौचालय जैसी आवश्यक सुविधाओं से उन्हें काफी राहत मिली है। राजवाड़े ने इस सुविधा के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।

समूह की बैठकों का संचालन हुआ आसान

ग्राम पुहपुटरा की ज्योति महिला स्व-सहायता समूह की सचिव गीता शर्मा ने बताया कि महतारी सदन बनने से पहले बैठक आयोजित करने में कई तरह की कठिनाइयां आती थीं। महिलाओं को किसी सदस्य के घर जाना पड़ता था, जिससे कई बार संबंधित परिवार को भी असुविधा होती थी। सभी सदस्यों के एक साथ बैठने के लिए पर्याप्त जगह मिलना भी मुश्किल होता था।

उन्होंने कहा कि अब गांव के विभिन्न महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्याएं एक ही स्थान पर बैठक कर सकती हैं। बैठने की पर्याप्त व्यवस्था, शौचालय और अन्य सुविधाओं से समूह की गतिविधियों का संचालन आसान हो गया है। शर्मा ने महतारी सदन को समूह की महिलाओं के लिए बड़ी सौगात बताते हुए मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया।

सामूहिक निर्णय और आजीविका गतिविधियों को मिल रहा बढ़ावा

महतारी सदन अब ग्रामीण महिलाओं के आपसी संवाद, सामूहिक निर्णय और आजीविका गतिविधियों का केंद्र बन रहा है। यहां महिलाएं समूह की कार्ययोजना तैयार करने, स्वरोजगार की संभावनाओं पर विचार करने और आर्थिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए एकजुट हो रही हैं।

गांव के महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्याओं के अनुसार, महतारी सदन बनने से बैठक स्थल की पुरानी समस्या दूर हुई है। व्यवस्थित वातावरण मिलने से महिलाएं आत्मविश्वास के साथ अपनी बात रख पा रही हैं और समूह की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं।

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