देश के रक्षकों के सम्मान और कल्याण का संकल्प, देवघर में उपराष्ट्रपति का सैनिकों को नमन

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  • Oct 11, 2026
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उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने देवघर में सैन्य संपर्क मेले का किया दौरा, बोले—“हमारे सैनिक हमेशा राष्ट्र के साथ खड़े रहे हैं, हमें भी उनके और उनके परिवारों के साथ खड़ा होना चाहिए”
एक ही मंच पर पेंशन, चिकित्सा, दस्तावेज और शिकायतों के समाधान की सुविधा; झारखंड की सैन्य सेवा और बलिदान की परंपरा को किया नमन


देवघर : 10 अक्टूबर 2026। उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने पूर्व सैनिकों, वीर नारियों और उनके परिजनों के कल्याण को राष्ट्रीय जिम्मेदारी बताते हुए कहा कि देश की रक्षा में सैनिकों ने हमेशा राष्ट्र का साथ दिया है। अब राष्ट्र का दायित्व है कि वह सैनिकों और उनके परिवारों के साथ मजबूती से खड़ा रहे। उन्होंने यह बात झारखंड के देवघर में भारतीय सेना और जिला प्रशासन के सहयोग से आयोजित ‘सैन्य संपर्क मेला—सदैव आपके साथ’ में कही। संथाल परगना क्षेत्र के पूर्व सैनिकों, वीर नारियों और उनके आश्रितों को कल्याणकारी सेवाएं उपलब्ध कराने तथा उनकी शिकायतों के समाधान के उद्देश्य से मेले का आयोजन किया गया।
पूर्व सैनिकों का अनुभव राष्ट्र निर्माण की ताकत
उपराष्ट्रपति ने पूर्व सैनिकों के बलिदान और राष्ट्र के प्रति उनके योगदान को नमन करते हुए उन्हें देश की अमूल्य धरोहर बताया। उन्होंने कहा कि पूर्व सैनिकों का अनुभव युवाओं का मार्गदर्शन कर सकता है और उनका नेतृत्व राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। वीर नारियों के योगदान को भी उन्होंने विशेष रूप से रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि सीमा पर तैनात प्रत्येक सैनिक के पीछे उसका परिवार खड़ा रहता है, जो सैन्य सेवा की जिम्मेदारियों और बलिदान को साझा करता है। राष्ट्र को सैनिकों और उनके परिवारों के योगदान को कभी नहीं भूलना चाहिए।
झारखंड की धरती ने दिए अनेक वीर सपूत
झारखंड के राज्यपाल के रूप में अपने कार्यकाल को याद करते हुए राधाकृष्णन ने राज्य की गौरवशाली सैन्य और देशभक्ति परंपरा का उल्लेख किया। उन्होंने परमवीर चक्र विजेता लांस नायक अल्बर्ट एक्का को श्रद्धांजलि अर्पित की। साथ ही भगवान बिरसा मुंडा, तिलका मांझी, सिद्धू-कान्हू और नीलांबर-पितांबर जैसे आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि झारखंड की धरती पर देशभक्ति और राष्ट्रसेवा की भावना पीढ़ियों से लोगों को प्रेरित करती रही है।
एक रैंक, एक पेंशन और कल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख
उपराष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूर्व सैनिकों की लंबे समय से लंबित ‘एक रैंक, एक पेंशन’ की मांग पूरी किए जाने का उल्लेख किया। उन्होंने पूर्व सैनिकों और वीर नारियों के लिए संचालित विभिन्न कल्याणकारी पहलों की चर्चा करते हुए मेले में उपलब्ध एकल-खिड़की व्यवस्था की सराहना की। इस व्यवस्था के माध्यम से पेंशन संबंधी सहायता, चिकित्सा सुविधाएं, दस्तावेजी सेवाएं और शिकायतों के समाधान जैसी सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई गईं। उन्होंने इसे जरूरतमंद लाभार्थियों तक सेवाएं पहुंचाने का प्रभावी उदाहरण बताया।
सेना से लेकर स्वास्थ्य संस्थानों तक, एक मंच पर सेवाएं
राधाकृष्णन ने कहा कि सशस्त्र बलों, नागरिक प्रशासन, वित्तीय संस्थानों, स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं और कल्याणकारी एजेंसियों की संयुक्त भागीदारी राष्ट्र की सेवा करने वालों की देखभाल के प्रति साझा प्रतिबद्धता दर्शाती है। उन्होंने ‘सदैव आपके साथ’ को केवल मेले का विषय न मानकर निरंतर राष्ट्रीय संकल्प बनाने का आह्वान किया, ताकि पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को हमेशा सम्मान, सहयोग और देखभाल मिलती रहे।
हथियारों के प्रदर्शन से स्वास्थ्य जांच और पेंशन सहायता तक
उपराष्ट्रपति ने मेले में लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया। इनमें हथियारों और सैन्य उपकरणों का प्रदर्शन, आपदा राहत सुविधाएं, पूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना (ईसीएचएस) की सेवाएं, चिकित्सा जांच और रक्तदान शिविर, महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता कार्यक्रम, राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) की गतिविधियां तथा पेंशन संबंधी सेवाएं शामिल थीं। उन्होंने मेले में आए पूर्व सैनिकों, लाभार्थियों और अन्य लोगों से बातचीत भी की।
सेना, जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की सराहना
उपराष्ट्रपति ने इस पहल के आयोजन के लिए भारतीय सेना और देवघर जिला प्रशासन को बधाई दी। उन्होंने सांसद निशिकांत दुबे के प्रयासों की सराहना की और सशस्त्र बल समुदाय के कल्याण में योगदान देने वाले संस्थानों तथा एजेंसियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार, केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव, सांसद निशिकांत दुबे और आदित्य साहू, 111 एरिया के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल पवन चड्ढा, बाबा बैद्यनाथ मेडिकल ट्रस्ट की अध्यक्ष अनामिका गौतम, भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारी, नागरिक प्रशासन के प्रतिनिधि, पूर्व सैनिक, वीर नारियां और उनके परिजन उपस्थित रहे।

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