छत्तीसगढ़ में कोचिंग सेंटरों पर कसेगा नियमन का शिकंजा, विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए बनेगा नया कानून

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  • Nov 07, 2026
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20 या अधिक विद्यार्थियों वाले कोचिंग संस्थानों का पंजीकरण अनिवार्य करने का प्रस्ताव, फीस वापसी से लेकर मानसिक स्वास्थ्य परामर्श और 24 घंटे हेल्पलाइन तक की व्यवस्था

रायपुर, 7 नवंबर 2026।

छत्तीसगढ़ में कोचिंग सेंटरों के संचालन को पारदर्शी, सुरक्षित और जवाबदेह बनाने के लिए राज्य सरकार नया कानून लाने की तैयारी कर रही है। उच्च शिक्षा विभाग ने छत्तीसगढ़ कोचिंग सेंटर (नियंत्रण एवं विनियमन) विधेयक 2026 का प्रारूप तैयार किया है। इसके जरिए कोचिंग संस्थानों में अनुशासन, गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण और विद्यार्थियों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रावधान किए गए हैं।

उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार विद्यार्थियों को सुरक्षित, सकारात्मक और तनावमुक्त शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि कोचिंग संस्थानों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य, सुरक्षा और अभिभावकों के हितों की रक्षा सरकार की प्राथमिकता है।

मंत्री के अनुसार, प्रस्तावित विधेयक से कोचिंग संस्थानों की जवाबदेही बढ़ेगी और विद्यार्थियों को अनावश्यक शैक्षणिक दबाव, मनमानी फीस तथा अन्य समस्याओं से राहत मिलेगी।

20 या अधिक विद्यार्थियों वाले सेंटरों का पंजीकरण अनिवार्य

विधेयक के प्रारूप में 20 या इससे अधिक विद्यार्थियों वाले कोचिंग सेंटरों का पंजीकरण अनिवार्य करने का प्रस्ताव है। पंजीकरण की वैधता पांच वर्ष रखने के साथ शुल्क संबंधी पारदर्शिता और पाठ्यक्रम बीच में छोड़ने पर फीस वापसी के प्रावधान भी शामिल हैं। इसके अलावा छात्रावासों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है।

विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए परामर्श व्यवस्था, उत्पीड़न संबंधी शिकायतों के निराकरण और 24 घंटे हेल्पलाइन शुरू करने का प्रस्ताव है।

राज्य और जिला स्तर पर बनेगी निगरानी व्यवस्था

विधेयक के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्यस्तरीय प्राधिकरण और जिला मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में जिला समितियों के गठन का प्रावधान किया गया है। नियमों का उल्लंघन करने पर 10 हजार से 5 लाख रुपये तक की शास्ति लगाने तथा गंभीर मामलों में कोचिंग सेंटर का पंजीकरण निरस्त करने की व्यवस्था प्रस्तावित है।

सात दिनों में आमंत्रित किए गए सुझाव

उच्च शिक्षा विभाग ने विधेयक के प्रारूप को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जनहितकारी बनाने के लिए अभिभावकों, शिक्षाविदों, युवाओं, हितधारकों और आम नागरिकों से सात दिनों के भीतर सुझाव एवं अभिमत मांगे हैं।

विधेयक का प्रारूप उच्च शिक्षा विभाग के पोर्टल पर उपलब्ध कराया जाएगा। इच्छुक नागरिक अपने सुझाव che-higheredu.cg@gov.in पर ईमेल के माध्यम से भेज सकते हैं। प्राप्त सुझावों के आधार पर प्रारूप को और बेहतर बनाने की दिशा में विचार किया जाएगा।

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