जे.पी. नड्डा ने किया इंडिया केम-2026 का उद्घाटन, मुंबई में निवेश और वैश्विक साझेदारी पर बड़ा मंथन

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  • Oct 22, 2026
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भाव्या योजना से तीन समर्पित रसायन पार्क विकसित करने की तैयारी

 200 से अधिक प्रदर्शक और 8 हजार से ज्यादा कारोबारी आगंतुक जुटे


मुंबई, 22 अक्टूबर 2026। भारत का रसायन उद्योग वर्ष 2030 तक 300 अरब डॉलर और 2040 तक एक ट्रिलियन डॉलर का आकार हासिल कर सकता है। इस लक्ष्य को गति देने, वैश्विक निवेश आकर्षित करने और भारत को रसायन एवं पेट्रोकेमिकल विनिर्माण का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए मुंबई में 14वें इंडिया केम-2026 की शुरुआत हुई। केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री जे.पी. नड्डा ने तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी और सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए कहा कि सरकार उद्योग को अनुकूल कारोबारी माहौल उपलब्ध करा रही है। उन्होंने भाव्या रसायन योजना को क्षेत्र में बड़े बदलाव का आधार बताते हुए कहा कि इसके तहत विश्वस्तरीय और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में सक्षम रसायन विनिर्माण केंद्र विकसित किए जाएंगे।

बंदरगाह, रेल और सड़क से जुड़ेंगे रसायन पार्क

भाव्या योजना के तहत तीन समर्पित रसायन पार्क विकसित करने की पहल की गई है। इन केंद्रों में बंदरगाहों, रेलवे, हवाई अड्डों और सड़कों से बेहतर संपर्क तथा एकीकृत मूल्य शृंखला पर जोर रहेगा। केंद्रीय मंत्री ने उद्योग जगत और राज्य सरकारों से योजना को सफल बनाने के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया। उनके अनुसार, विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में मजबूत रसायन एवं पेट्रोकेमिकल उद्योग की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। वर्ष 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य हासिल करने में यह क्षेत्र घरेलू उद्योगों के साथ बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लिए भी नए अवसर पैदा कर सकता है।

प्रधानमंत्री का संदेश: वैश्विक आपूर्ति शृंखला में बढ़ाएं भागीदारी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संदेश में कहा कि कारोबार सुगमता के प्रयासों और भारत के बढ़ते मुक्त व्यापार समझौता नेटवर्क से निवेश तथा अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच के नए अवसर खुल रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि भारतीय रसायन निर्माता इन अवसरों का लाभ उठाकर वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं में अपनी भागीदारी मजबूत करेंगे। प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि इंडिया केम-2026 सार्थक विचार-विमर्श और ऐसी रणनीतिक साझेदारियों को बढ़ावा देगा, जो रसायन उद्योग के दीर्घकालिक विकास में योगदान देंगी।

महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और ओडिशा ने निवेशकों को दिया न्योता

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को अपने राज्यों में रसायन एवं पेट्रोकेमिकल क्षेत्र की निवेश संभावनाओं का लाभ उठाने के लिए आमंत्रित किया। फडणवीस ने कहा कि रसायन उद्योग महाराष्ट्र के लिए महत्वपूर्ण है और इससे लगभग तीन लाख लोगों को रोजगार मिलता है। उन्होंने बताया कि राज्य कारोबार सुगमता और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप निवेश-अनुकूल नीतियों पर काम कर रहा है। मध्य प्रदेश और ओडिशा के मुख्यमंत्रियों ने भी अपनी निवेश-अनुकूल नीतियों तथा उपलब्ध औद्योगिक बुनियादी ढांचे को निवेशकों के सामने रखा।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा कि रसायन और पेट्रोकेमिकल उद्योग बुनियादी जरूरतें पूरी करने तथा जीवन की गुणवत्ता सुधारने में अहम भूमिका निभाता है। उन्होंने उद्योग जगत से सरकार की प्रोत्साहन योजनाओं और उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने की अपील की। रसायन एवं पेट्रोकेमिकल विभाग के सचिव तेजवीर सिंह ने बताया कि सम्मेलन में विभिन्न उपक्षेत्रों पर केंद्रित चर्चाओं के जरिए उद्योग के विकास और भविष्य की रणनीति पर विचार होगा। अगले दो दिनों के संवाद से कारोबार-से-कारोबार संपर्क और सहयोग को व्यवस्थित मंच मिलने की उम्मीद है।

200 से अधिक प्रदर्शक, 8 हजार कारोबारी आगंतुक

रसायन एवं पेट्रोकेमिकल विभाग और भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ (फिक्की) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस सम्मेलन में उद्योग प्रतिनिधि, नीति निर्माता, निवेशक, शोधकर्ता और अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागी शामिल हो रहे हैं। ‘एडवांटेज भारत: उभरता वैश्विक रसायन केंद्र’ विषय पर आयोजित कार्यक्रम में 200 से अधिक भारतीय और विदेशी प्रदर्शक, आठ हजार से अधिक कारोबारी आगंतुक तथा 50 प्रमुख भारतीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारी भाग ले रहे हैं। जापान इस आयोजन का साझेदार देश है, जबकि महाराष्ट्र, गुजरात, ओडिशा, मध्य प्रदेश, बिहार, आंध्र प्रदेश और उत्तर प्रदेश साझेदार राज्य हैं। जापान, अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, यूरोपीय संघ के देशों, लैटिन अमेरिका, दक्षिण कोरिया और आसियान देशों के प्रतिनिधि भी इसमें शामिल हो रहे हैं।

युवा नवाचार को उद्योग से जोड़ने की पहल

इंडिया केम-2026 के 14वें संस्करण में पहली बार इंडिया केम यूथ इनोवेशन चैलेंज को प्रमुख पहल के रूप में शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों, युवा नवोन्मेषकों और उभरते उद्यमियों को रसायन एवं पेट्रोकेमिकल उद्योग की जरूरतों से जोड़ना तथा उद्योग की चुनौतियों के लिए शोध-आधारित और व्यावहारिक समाधान विकसित करने को प्रोत्साहित करना है। उद्घाटन सत्र में फिक्की और अर्न्स्ट एंड यंग (ईवाई) की संयुक्त ज्ञान रिपोर्ट भी जारी की गई।

अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी में तकनीक और उपकरणों का प्रदर्शन

नड्डा ने नेस्को स्थित बॉम्बे एग्जिबिशन सेंटर में अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया और विभिन्न स्टॉलों का दौरा कर उद्योग प्रतिनिधियों से बातचीत की। प्रदर्शनी में रसायन, पेट्रोकेमिकल, प्रक्रिया संयंत्रों की मशीनों और उपकरणों सहित अनेक उत्पादों, तकनीकों तथा सेवाओं को प्रदर्शित किया गया है। आयोजन का उद्देश्य वैश्विक विशेषज्ञता को भारत की विनिर्माण क्षमता, निवेश संभावनाओं और सतत औद्योगिक विकास की प्रतिबद्धता से जोड़ना है। सम्मेलन के माध्यम से वैश्विक साझेदारियों को मजबूत करने, निवेश के नए अवसर तलाशने और भारत को उभरते वैश्विक रसायन केंद्र के रूप में स्थापित करने पर जोर दिया जा रहा है।

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