शहडोल में सीएम मोहन ने बांटा 9.77 लाख तेंदूपत्ता संग्राहकों को बोनस, जिले को ₹462 करोड़ के 134 विकास कार्यों की सौगात

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  • Oct 25, 2026
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शहडोल में 9.77 लाख तेंदूपत्ता संग्राहकों को ₹22.89 करोड़ बोनस

 हाथियों से प्रभावित परिवारों को मिलेंगे पक्के मकान

इंडोर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, निजी विश्वविद्यालय और स्टील फैक्ट्री की घोषणा

 

 जनजातीय विद्यार्थियों को अब 12 महीने मिलेगी छात्रवृत्ति

शहडोल | 25 अक्टूबर 2026
तेंदूपत्ता संग्राहकों को बोनस, जनजातीय परिवारों को पक्के मकान और युवाओं के लिए शिक्षा व रोजगार के नए अवसर—मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को शहडोल में विकास और जनकल्याण से जुड़ी कई घोषणाएं कीं। उन्होंने तेंदूपत्ता संग्रहण वर्ष 2024 के 9 लाख 77 हजार 696 पात्र संग्राहकों को 22 करोड़ 89 लाख रुपये से अधिक की बोनस राशि वितरित की। साथ ही जिले को 462 करोड़ रुपये के 134 विकास कार्यों की सौगात दी, जिनमें लोकार्पण और भूमिपूजन शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि हाथियों के उत्पात से जिन लोगों के मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें वन विभाग पक्के मकान बनाकर देगा और नए घरों में फेंसिंग भी कराई जाएगी।

पांच जिलों के संग्राहकों को मिला बोनस

शहडोल संभागीय मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सतना और सीधी जिलों के छह जिला वनोपज सहकारी यूनियनों के हजारों तेंदूपत्ता एवं अन्य वनोपज संग्राहक शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि तेंदूपत्ता संग्रहण लाखों वनवासी परिवारों की आजीविका का आधार है। सरकार का प्रयास है कि मेहनतकश परिवारों को उनके अधिकार का पूरा लाभ समय पर मिले।
उन्होंने कहा कि बोनस और लाभांश की राशि ग्रामीण तथा वन क्षेत्रों के परिवारों को आर्थिक रूप से मजबूत करेगी। सरकार तेंदूपत्ता संग्राहकों को बोनस, किसानों को भावांतर भुगतान और किसान सम्मान निधि तथा लाड़ली बहनों को प्रोत्साहन राशि देकर समाज के विभिन्न वर्गों के कल्याण के लिए काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने 22.14 करोड़ रुपये की लागत से बने वन मंडलाधिकारी कार्यालय का लोकार्पण किया और विभिन्न शासकीय योजनाओं के पात्र हितग्राहियों को हितलाभ वितरित किए।

शहडोल में इंडोर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और गीता भवन

मुख्यमंत्री ने शहडोल में अत्याधुनिक सुविधाओं वाला इंडोर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाने की घोषणा की। सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजनों के लिए गीता भवन भी बनाया जाएगा। उन्होंने निजी निवेश एवं सहभागिता से शहडोल में नई निजी यूनिवर्सिटी स्थापित करने की घोषणा की।
उच्च शिक्षा के विस्तार पर उन्होंने कहा कि शंभूनाथ शुक्ल विश्वविद्यालय के कॉलेज को सहशिक्षा व्यवस्था के अनुरूप किया जाएगा, ताकि छात्र-छात्राएं एक साथ पढ़ सकें। नए महाविद्यालय की मांग पर भी उन्होंने यह बात कही कि विद्यार्थियों को स्थानीय स्तर पर बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।
जयसिंहनगर विधानसभा क्षेत्र के गोहपारू में शहडोल-रीवा मुख्य मार्ग से महाविद्यालय और औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र तक सड़क बनाई जाएगी। उमरिया जिले में जर्जर आवागमन मार्ग के स्थान पर मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम (एमपीआरडीसी) नई सड़क बनाएगा।

स्टील फैक्ट्री से 4 हजार लोगों को रोजगार की उम्मीद

मुख्यमंत्री ने बताया कि शहडोल में जल्द ही लौह अयस्क आधारित स्टील फैक्ट्री शुरू होने वाली है। इससे 4,000 से अधिक लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। उद्योग की स्थापना से स्थानीय अर्थव्यवस्था और आर्थिक गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद है।
उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में शहडोल में फॉरेस्ट जू एवं रेस्क्यू सेंटर विकसित किया जाएगा। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के आसपास रेस्क्यू जू सेंटर बनाने की योजना का भी उल्लेख किया। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए होम स्टे बनाने वालों को सरकार की ओर से दो लाख रुपये की अतिरिक्त सहायता देने की बात कही।
धान उत्पादक जिन किसानों ने फसल बेचने के लिए पंजीयन नहीं कराया है, उनके लिए पंजीयन पोर्टल फिर से खोल दिया गया है।

विचारपुर में ₹5.10 करोड़ से खेल सुविधाओं का विस्तार

फुटबॉल के लिए प्रसिद्ध शहडोल जिले के विचारपुर गांव में 5.10 करोड़ रुपये की लागत से खेल अधोसंरचना विकसित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्र में फुटबॉल सहित विभिन्न खेलों के प्रति युवाओं की रुचि को देखते हुए खिलाड़ियों को अभ्यास और प्रतियोगिताओं की तैयारी के लिए सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
उन्होंने शहडोल में करीब 150 करोड़ रुपये की लागत से 34 हाईस्कूल भवनों के निर्माण और जनजातीय कन्या छात्रावासों के भूमिपूजन का उल्लेख किया। मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप और विद्यालयों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को स्कूटी देने जैसी योजनाओं से युवाओं को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

जनजातीय विद्यार्थियों को अब 12 महीने छात्रवृत्ति

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि पात्र जनजातीय विद्यार्थियों को अब 10 महीने के बजाय पूरे 12 महीने छात्रवृत्ति दी जाएगी। इससे उन्हें सालभर पढ़ाई जारी रखने में आर्थिक सहायता मिलेगी।
उन्होंने कहा कि जनजातीय अंचलों में शिक्षा, आवास, सड़क, पेयजल, खेल और रोजगार के अवसरों का विस्तार सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। प्रदेश में 85 हजार से अधिक पदों पर भर्ती की जा चुकी है और आगामी समय में एक लाख नई भर्तियां करने की दिशा में काम किया जाएगा।

17 हजार परिवारों को आवास, 28 हजार तक पानी पहुंचाने के कार्य

मुख्यमंत्री ने शहडोल क्षेत्र में लगभग 17 हजार परिवारों को आवास उपलब्ध कराने, 65 किलोमीटर सड़क निर्माण और 28 हजार परिवारों तक जल पहुंचाने से जुड़े कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि प्रत्येक पात्र परिवार को योजनाओं का लाभ मिले और ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाएं मजबूत हों।
उन्होंने मुख्यमंत्री बस सेवा का उल्लेख करते हुए कहा कि बेहतर सड़क संपर्क और सार्वजनिक परिवहन से ग्रामीण तथा दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को आवागमन में सुविधा मिलती है। पट्टा-पावती वाली भू-संपत्तियों की पक्की रजिस्ट्री नि:शुल्क उपलब्ध कराने की पहल का भी जिक्र किया।

डेयरी कारोबार के लिए ₹10 लाख की सहायता

मुख्यमंत्री ने 25 गायों के साथ डेयरी स्थापित करने की प्रस्तावित योजना का उल्लेख किया। इसके तहत 40 लाख रुपये की परियोजना में सरकार की ओर से 10 लाख रुपये की सहायता देने की व्यवस्था बताई गई। इससे पशुपालकों को डेयरी व्यवसाय अपनाने और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि तेंदूपत्ता संग्राहकों को बोनस, किसानों को भावांतर भुगतान और किसान सम्मान निधि तथा लाड़ली बहनों को आर्थिक सहायता देने जैसी योजनाएं समाज के विभिन्न वर्गों को संबल प्रदान कर रही हैं।

सड़क हादसे में मदद करने वालों को भी प्रोत्साहन

मुख्यमंत्री ने सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों को समय पर अस्पताल पहुंचाने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि संबंधित योजना के तहत घायल के उपचार के लिए डेढ़ लाख रुपये तक की सहायता और घायल को अस्पताल पहुंचाने वाले मददगार को 25 हजार रुपये देने की व्यवस्था है।

जनप्रतिनिधियों ने गिनाईं जिले की संभावनाएं

कार्यक्रम में सांसद हिमाद्री सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में गरीब कल्याण तथा जनजातीय परिवारों के हित में योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि तेंदूपत्ता बोनस से संग्राहकों की मेहनत का आर्थिक लाभ सीधे उन तक पहुंच रहा है।
जयसिंहनगर विधायक मनीषा सिंह ने तेंदूपत्ता संग्राहकों के योगदान का उल्लेख करते हुए बोनस और अन्य सुविधाओं को उनके परिश्रम के सम्मान की पहल बताया। शहडोल विधायक ने जिले में प्राकृतिक सौंदर्य, नदियों के संगम और धार्मिक स्थलों की मौजूदगी का जिक्र करते हुए पर्यावरण अनुकूल पर्यटन विकसित करने की संभावनाएं बताईं।

प्रदर्शनी का अवलोकन, कलाकारों और विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों की छायाचित्र प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इसमें जनकल्याणकारी योजनाओं, वनोपज संग्रहण एवं विपणन, कृषि, जनजातीय संस्कृति, पारंपरिक बीजों, स्थानीय कला-हस्तशिल्प, शिक्षा और तकनीकी प्रशिक्षण से संबंधित गतिविधियां प्रदर्शित की गईं।
राजस्व विभाग ने स्वामित्व योजना पर आधारित प्रदर्शनी लगाई, जिसमें योजना के लाभ और क्रियान्वयन की जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री ने मेधावी विद्यार्थियों और काष्ठ कलाकारों का उत्साहवर्धन किया तथा उनके कार्यों की सराहना की।
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार, राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष रामलाल रौतेल, विधायक जयसिंह मरावी, शरद कोल और बिसाहूलाल सिंह, शहडोल जिला पंचायत अध्यक्ष प्रभा मिश्रा, उमरिया जिला पंचायत अध्यक्ष अनुजा पटेल, अमरकंटक विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष राजेंद्र भारती, वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में तेंदूपत्ता संग्राहक उपस्थित रहे।

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