जनजातीय युवाओं को रोजगार और उद्यमिता का सहारा, राउरकेला केंद्र से 600 से अधिक लाभान्वित

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  • Oct 22, 2026
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तीन केंद्रीय संस्थाओं के बीच त्रिपक्षीय समझौता, कौशल प्रशिक्षण से स्वरोजगार को बढ़ावा

 जनजातीय कार्य मंत्रालय ने केंद्र को उत्कृष्टता केंद्र का दर्जा दिया


राउरकेला, 22 अक्टूबर 2026। अनुसूचित जनजाति के युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़ने के लिए ओडिशा के राउरकेला स्थित आजीविका व्यवसाय इनक्यूबेशन केंद्र को तीन केंद्रीय संस्थाओं के सहयोग से और मजबूत किया जाएगा। इसके लिए 22 अक्टूबर को जनजातीय कार्य मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम (एनएसटीएफडीसी), सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसआईसी) तथा इस्पात मंत्रालय के अंतर्गत भारतीय इस्पात प्राधिकरण लिमिटेड के राउरकेला इस्पात संयंत्र के बीच त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। वर्ष 2018 में स्थापित इस केंद्र को जनजातीय कार्य मंत्रालय ने उत्कृष्टता केंद्र के रूप में मान्यता दी है। यहां से अब तक 600 से अधिक विद्यार्थी प्रशिक्षण लेकर बेकरी, मशरूम की खेती, ब्यूटी पार्लर और सिलाई जैसे व्यवसाय शुरू कर चुके हैं।

कौशल से स्वरोजगार तक की तैयारी

केंद्र का उद्देश्य स्थानीय अनुसूचित जनजाति के युवाओं को प्रशिक्षण, कौशल विकास और उद्यमिता संबंधी मार्गदर्शन देकर स्थायी आजीविका के अवसर उपलब्ध कराना है। इसके माध्यम से युवाओं का आत्मविश्वास बढ़ाने, उत्पादकता सुधारने और उन्हें अपना उद्यम स्थापित करने के लिए तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है। इसके लिए व्यावसायिक कौशल के साथ विपणन, ब्रांडिंग और वित्तीय प्रबंधन की बुनियादी जानकारी देना भी जरूरी माना गया है, ताकि प्रशिक्षु अपने काम को टिकाऊ व्यवसाय में बदल सकें।

छह क्षेत्रों में प्रशिक्षण, आगे भी जारी रहेंगे पाठ्यक्रम

चालू वर्ष में केंद्र में सहायक ब्यूटीशियन, स्वरोजगार दर्जी, टैली एवं लेखांकन सहित सहायक कंप्यूटर ऑपरेटर, सहायक इलेक्ट्रीशियन, ब्रेड एवं बेकरी निर्माण और मशरूम की खेती जैसे पाठ्यक्रम शामिल हैं। पहले यहां वेल्डिंग प्रौद्योगिकी, फर्नीचर निर्माण, सोया दूध निष्कर्षण, टोफू पैकेजिंग, ब्यूटीशियन और ब्रेड-बेकरी निर्माण में भी प्रशिक्षण दिया गया है। केंद्र संभावित प्रशिक्षुओं के बीच जागरूकता बढ़ाने और उन्हें प्रशिक्षण से जोड़ने का काम कर रहा है।

तीन मंत्रालयों और संस्थाओं का साझा प्रयास

इस पहल में तीन मंत्रालयों के अधीन संस्थाएं मिलकर काम कर रही हैं। राउरकेला इस्पात संयंत्र केंद्र के लिए स्थान उपलब्ध कराएगा। संयंत्र और मशीनरी की स्थापना सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय की एस्पायर योजना के अंतर्गत की गई है। केंद्र के नियमित खर्च का वहन जनजातीय कार्य मंत्रालय से मिलने वाले अनुदान के माध्यम से राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम करता है। इस समन्वित व्यवस्था का लक्ष्य प्रशिक्षण को वित्तीय सहयोग और उद्यम स्थापना के अवसरों से जोड़ना है।

प्रशिक्षुओं और अधिकारियों के साथ समीक्षा

कार्यक्रम में जनजातीय कार्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव और राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक टी. रौमुआन पाइट उपस्थित रहे। निगम की ओर से कंपनी सचिव कुंज बिहारी, परियोजना एवं सीएसआर की सहायक महाप्रबंधक बिस्मिता दास और पूर्वी क्षेत्र के मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक सुनील साहू शामिल हुए। राउरकेला इस्पात संयंत्र की ओर से टीएस एवं सीएसआर के मुख्य महाप्रबंधक तपनकुमार जी. कानेकर और सीएसआर के उप महाप्रबंधक आर.एस. बोरा उपस्थित थे। राष्ट्रीय कौशल विकास निगम की ओर से तकनीकी प्रशिक्षण एवं विकास वर्टिकल तथा एसबीयू प्रमुख और वरिष्ठ महाप्रबंधक ओ.पी. सिंह तथा मुख्य प्रबंधक मार्कंडेय कुमार ने भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षुओं और संकाय सदस्यों के साथ संवाद सत्र आयोजित किया गया। केंद्र के कामकाज, प्रशिक्षणार्थियों की भर्ती, मौजूदा प्रशिक्षण मॉड्यूल के संचालन और विद्यार्थियों की प्रगति पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने प्रशिक्षण व्यवस्था को प्रभावी बनाने और अधिक युवाओं को इससे जोड़ने के लिए आगे की रणनीति पर भी विचार-विमर्श किया।

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