दमोह को 6,500 करोड़ से अधिक की सड़क परियोजनाओं की सौगात, 337 करोड़ से बनेगा मेडिकल कॉलेज

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  • Oct 12, 2026
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दमोह-कटनी और दमोह-सागर मार्ग होंगे फोरलेन, बांदकपुर में 10 करोड़ से जागेश्वर नाथ लोक का निर्माण

रानी दमयंती पुरातत्व संग्रहालय के कायाकल्प पर 20 करोड़ खर्च होंगे, नौरादेही में चीतों से पर्यटन को मिलेगी रफ्तार

दमोह, 12 अक्टूबर 2026। दमोह और बुंदेलखंड में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्यटन विकास को नई गति देने की तैयारी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दमोह-कटनी और दमोह-सागर मार्ग को फोरलेन बनाने सहित 6,500 करोड़ रुपये से अधिक की संयुक्त लागत वाली सड़क परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश के सभी जिलों में बेहतर कनेक्टिविटी और बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। दमोह में 337.30 करोड़ रुपये की लागत से मेडिकल कॉलेज शुरू होने जा रहा है, जबकि बांदकपुर स्थित देव श्री जागेश्वर नाथ लोक के पहले चरण पर 10 करोड़ और रानी दमयंती पुरातत्व संग्रहालय के नए स्वरूप पर 20 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने सोमवार को भोपाल स्थित मुख्यमंत्री निवास के संवाद भवन में दमोह लोकसभा क्षेत्र के नागरिकों, विभिन्न संगठनों और जनप्रतिनिधियों के अभिनंदन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं।
76.83 किलोमीटर मार्ग होगा फोरलेन, बनेंगे चार बायपास
मुख्यमंत्री ने कहा कि दमोह-सागर और दमोह-कटनी मार्गों को फोरलेन करने की मंजूरी दी गई है। दमोह-सागर के बीच मौजूदा 76.83 किलोमीटर मार्ग को लगभग 2,000 करोड़ रुपये की लागत से चार लेन में बदला जाएगा। इस परियोजना में चार बायपास भी बनाए जाएंगे। दोनों जिला मुख्यालयों के बीच बेहतर सड़क संपर्क से आवागमन सुगम होगा और व्यापार, कृषि तथा अन्य आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा मड़ियादो-रजपुरा और मड़ियादो-बनार-किशनगढ़ मार्गों का निर्माण किया जाएगा। दमोह-बांदकपुर मार्ग सहित तीन रेल ओवरब्रिज (आरओबी) का काम भी जल्द पूरा करने की दिशा में काम चल रहा है।
सड़कें बनेंगी रोजगार और समृद्धि का रास्ता
मुख्यमंत्री ने कहा कि अच्छी सड़कें केवल वाहनों के आवागमन का साधन नहीं, बल्कि विकास की आधारशिला हैं। इनसे किसानों को उपज मंडियों तक पहुंचाने, विद्यार्थियों को स्कूल-कॉलेज जाने और मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में सुविधा मिलती है। बेहतर संपर्क से निवेश, व्यापार, रोजगार और पर्यटन की संभावनाएं भी बढ़ती हैं। सरकार का लक्ष्य है कि हर क्षेत्र में अच्छी सड़कें, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं और रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध हों। विकास का लाभ समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बुंदेलखंड की धरती वीरता और आल्हा-ऊदल की शौर्यगाथाओं के लिए जानी जाती है। सागर और दमोह क्षेत्र के प्रमुख आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक केंद्र हैं। यहां पर्यटन, कृषि, व्यापार और उद्योग के विकास की व्यापक संभावनाएं हैं। राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प के अनुरूप समृद्ध मध्यप्रदेश बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
337.30 करोड़ का मेडिकल कॉलेज, छह विकासखंडों में सांदीपनि विद्यालय
मुख्यमंत्री ने बताया कि दमोह जिले में 337.30 करोड़ रुपये की लागत से मेडिकल कॉलेज शुरू होने जा रहा है। जिले के छह विकासखंडों में सांदीपनि विद्यालयों का निर्माण तेजी से चल रहा है और काम पूरा होने के करीब है। जिले में सड़क और ओवरब्रिज निर्माण के साथ शहरी विकास की योजनाओं पर भी काम किया जा रहा है। सिंग्रामपुर में मंत्रिपरिषद की बैठक आयोजित की जा चुकी है। कृषि क्षेत्र को समृद्ध बनाने के लिए विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं और जल जीवन मिशन के माध्यम से भी जिले में सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।
जागेश्वर नाथ लोक और संग्रहालय से बढ़ेगा पर्यटन
बांदकपुर में देव श्री जागेश्वर नाथ लोक के पहले चरण का निर्माण 10 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। वहीं, रानी दमयंती पुरातत्व संग्रहालय को नया स्वरूप देने के लिए 20 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों के विकास से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को लाभ होगा। नौरादेही स्थित वीरांगना अवंतीबाई लोधी राष्ट्रीय उद्यान में चीतों का रहवास क्षेत्र बनने से भी पर्यटन और क्षेत्रीय विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। यह मध्यप्रदेश में चीतों का तीसरा रहवास क्षेत्र है। इसके अलावा करीब 280 करोड़ रुपये की लागत से तीन सिंचाई परियोजनाओं का काम चल रहा है, जिन्हें जल्द पूरा करने का लक्ष्य है।
दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए उन्नत पशुपालन पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश को दुग्ध उत्पादन में देश में प्रथम स्थान पर लाने के उद्देश्य से सरकार उन्नत पशुपालन को प्रोत्साहित कर रही है। इसके लिए जिलों में उन्नत नस्ल के पशुओं की स्पर्धाएं आयोजित कर पशुपालकों को पुरस्कृत करने की पहल की गई है। कार्यक्रम में सांसद राहुल सिंह लोधी ने स्वागत भाषण दिया। संस्कृति राज्य मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी, पूर्व मंत्री जयंत मलैया और रामकृष्ण कुसमरिया सहित दमोह क्षेत्र के जनप्रतिनिधि और नागरिक उपस्थित रहे।

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