सिंहस्थ कुंभ 2027 की तैयारियों का शंखनाद, धर्मध्वज ग्राम परिक्रमा में उमड़े श्रद्धालु

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  • Oct 29, 2026
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नासिक के रामकुंड पर भव्य गोदावरी महाआरती, साधु-संतों और श्रद्धालुओं की उपस्थिति में धर्मध्वज परिक्रमा संपन्न

Gen Z और Gen Alpha की सहभागिता, भारतीय संस्कृति के साथ आधुनिक विज्ञान और तकनीक के समन्वय की दिखी झलक

नासिक।

नासिक-त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ कुंभ पर्व 2027 के शुभारंभ की तैयारियों के बीच पंचवटी स्थित पवित्र रामकुंड पर भव्य ‘धर्मध्वज ग्राम परिक्रमा’ का आयोजन किया गया। ध्वजारोहण समारोह की पूर्व संध्या पर आयोजित इस धार्मिक एवं सांस्कृतिक महोत्सव में बड़ी संख्या में साधु-संतों और श्रद्धालुओं ने भाग लिया। ढोल-ताशों की गूंज, शंखनाद और धर्मध्वज के जयघोष से पंचवटी क्षेत्र भक्तिमय हो उठा।

श्रीमद् रामानंदाचार्य नरेंद्राचार्य जी महाराज की गरिमामयी उपस्थिति में निकली परिक्रमा में विभिन्न अखाड़ों के साधु-संतों और धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं ने सहभागिता की। आयोजन के माध्यम से सनातन परंपरा, भारतीय संस्कृति और राष्ट्रसेवा के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।

श्रीमद् रामानंदाचार्य नरेंद्राचार्य जी महाराज की प्रेरणा तथा श्री गंगा गोदावरी पंचकोटी पुरोहित संघ, कुंभ मेला प्राधिकरण और नासिक महानगरपालिका के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह परिक्रमा तपोवन स्थित मोदी मैदान से प्रारंभ हुई। शोभायात्रा पंचवटी, संत गाडगे महाराज चौक, नेहरू चौक, मेनरोड और रविवार कारंजा होते हुए गोदावरी तट स्थित रामकुंड पहुंची। मार्ग में लोगों ने धर्मध्वज का पूजन किया और ‘धर्मो रक्षति रक्षितः’ का उद्घोष किया।

नई पीढ़ी के सामने भारतीय ज्ञान और आधुनिक तकनीक का संगम

परिक्रमा का प्रमुख आकर्षण रामानंदाचार्य दक्षिण पीठ-नाणीजधाम के नेतृत्व में प्रस्तुत की गई झांकियां रहीं। इनमें प्राचीन वेदज्ञान, योग, ध्यान और भारतीय नैतिक मूल्यों को दर्शाया गया। साथ ही Gen Z और Gen Alpha यानी नई पीढ़ी की भूमिका को भी प्रदर्शित किया गया।

झांकियों के माध्यम से बताया गया कि युवा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), आधुनिक विज्ञान और तकनीक को अपनाते हुए राष्ट्रसेवा में किस प्रकार योगदान दे सकते हैं। प्रस्तुतियों में भारतीय परंपरा और आधुनिक तकनीकी विकास के समन्वय का संदेश दिया गया।

राष्ट्रहित और समाजसेवा से जुड़े कार्यों की झलक

महोत्सव में आध्यात्मिक प्रेरणा से संचालित विभिन्न सामाजिक एवं जनकल्याणकारी गतिविधियों को भी प्रदर्शित किया गया। इनमें प्रमुख रूप से—

  • स्वास्थ्य एवं जीवनदान: निःशुल्क एम्बुलेंस सेवा, रक्तदान शिविर और देहदान-अंगदान के प्रति जागरूकता।
  • समाज प्रबोधन एवं पर्यावरण: व्यसनमुक्ति अभियान, आपदा प्रबंधन, पौधारोपण, नदी स्वच्छता और जल संरक्षण।
  • संस्कृति एवं स्वावलंबन: गौसेवा तथा निर्धन परिवारों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास।

इन गतिविधियों के माध्यम से समाज को सेवा, पर्यावरण संरक्षण, स्वावलंबन और सामाजिक सहभागिता का संदेश दिया गया।

रामकुंड पर भव्य गोदावरी महाआरती से भक्तिमय हुआ वातावरण

धर्मध्वज ग्राम परिक्रमा का समापन गोदावरी तट स्थित रामकुंड पर हुआ। इसके बाद मां गोदावरी की भव्य महाआरती आयोजित की गई। आरती के दौरान साधु-संतों और श्रद्धालुओं ने मां गोदावरी के जयकारे लगाए। दीपों और मंत्रोच्चार से पूरा परिसर भक्तिमय हो उठा।

मुख्य ध्वजारोहण समारोह की पूर्व संध्या पर आयोजित इस महोत्सव ने नासिक में सिंहस्थ कुंभ 2027 को लेकर धार्मिक और सांस्कृतिक उत्साह का वातावरण तैयार किया।

 

 

 


 

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