साय कैबिनेट के बड़े फैसले : मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं NIPUN मिशन के लिए 500 करोड़, 33 जिलों में उद्यमिता केंद्र और 100 इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब

युवाओं को रोजगार से उद्यमिता तक नई उड़ान, निर्यात को मिलेगी रफ्तार

 

 

सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत, दूसरी सेवाओं और उच्च पदों के लिए आयु सीमा 38 से बढ़कर 45 वर्ष

रायपुर, 9 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ में युवाओं के लिए रोजगार, कौशल विकास और उद्यमिता के नए रास्ते खोलने के साथ राज्य की अर्थव्यवस्था को राष्ट्रीय और वैश्विक बाजार से जोड़ने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय महानदी भवन में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में ‘मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं NIPUN मिशन’, ‘छत्तीसगढ़ निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30’ और नवा रायपुर में नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (NSTI) की स्थापना सहित कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

कैबिनेट के फैसलों में सरकारी एवं संबद्ध संस्थाओं में कार्यरत कर्मचारियों को भी बड़ी राहत मिली है। अब अन्य शासकीय सेवाओं और उच्च पदों के लिए आवेदन करने की निर्धारित अधिकतम आयु सीमा 38 वर्ष से बढ़ाकर 45 वर्ष किए जाने को मंजूरी दी गई है। वहीं दुर्ग में आधुनिक जिला न्यायालय भवन के निर्माण का रास्ता भी साफ हो गया है।

500 करोड़ से चलेगा मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं NIPUN मिशन

राज्य सरकार ने युवाओं को जॉब-सीकर से जॉब-क्रिएटर बनाने और छत्तीसगढ़ को स्टार्टअप, नवाचार तथा नई तकनीक आधारित उद्योगों का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए ‘मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं NIPUN मिशन’ को मंजूरी दी है। मिशन के लिए आगामी पांच वर्षों में 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

मिशन के तहत प्रदेश के सभी 33 जिलों में उद्यमिता विकास केंद्र, 100 इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब और 5 इंडस्ट्री एक्सीलेंस सेंटर स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही NIPUN JOB Engine के माध्यम से उद्योगों की जरूरत के अनुरूप युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर औपचारिक रोजगार से जोड़ा जाएगा।

सरकार का उद्देश्य युवाओं को केवल नौकरी पाने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाने का है। इससे स्टार्टअप और नवाचार के लिए प्रदेश में अनुकूल वातावरण तैयार होने के साथ नई तकनीक आधारित उद्योगों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

निर्यात को नई उड़ान देगी 2026-30 की नीति

छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए मंत्रिपरिषद ने ‘छत्तीसगढ़ निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30’ को भी मंजूरी दी है। नीति के जरिए प्रदेश में मजबूत निर्यात इकोसिस्टम और लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने पर जोर रहेगा।

कृषि और औद्योगिक क्षेत्र के मूल्य संवर्धित उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके अलावा ई-कॉमर्स, व्यापार मेलों और प्रदर्शनियों के जरिए राज्य के उद्यमियों एवं निर्यातकों की अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक सीधी पहुंच बढ़ाई जाएगी।

नई नीति का लक्ष्य छत्तीसगढ़ के निर्यात में गुणात्मक और मात्रात्मक वृद्धि के साथ प्रदेश को राष्ट्रीय और वैश्विक बाजारों से अधिक मजबूती से जोड़ना है।

नवा रायपुर में 200 करोड़ का NSTI, हर साल 4 हजार प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण

कौशल विकास के क्षेत्र में भी कैबिनेट ने महत्वपूर्ण फैसला लिया है। नवा रायपुर अटल नगर में नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (NSTI) की स्थापना के लिए ग्राम तेंदुवा में 10 एकड़ भूमि निःशुल्क आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। यह भूमि भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमशीलता निदेशालय को दी जाएगी।

करीब 200 करोड़ रुपये की लागत से विकसित होने वाले इस संस्थान में आधुनिक शैक्षणिक, प्रशासनिक और छात्रावास सुविधाएं होंगी। यहां दीर्घकालीन पाठ्यक्रमों में हर वर्ष 1,000 तथा अल्पकालीन कार्यक्रमों में 3,000 प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण दिया जा सकेगा।

संस्थान में उद्योगों की वर्तमान जरूरतों के अनुरूप आधुनिक तकनीकी एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे युवाओं के लिए उन्नत कौशल प्रशिक्षण, इंटर्नशिप और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे। साथ ही नवा रायपुर को कौशल एवं तकनीकी शिक्षा के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी।

सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत, आयु सीमा 45 वर्ष

मंत्रिपरिषद ने राज्य शासन के स्थायी एवं अस्थायी शासकीय सेवकों के साथ निगम-मंडल, स्वशासी संस्थाओं के कर्मचारियों, संविदाकर्मियों और नगर सैनिकों के लिए भी अहम निर्णय लिया है।

इन कर्मचारियों के लिए अन्य शासकीय सेवाओं और उच्च पदों पर आवेदन करने की अधिकतम आयु सीमा 38 से बढ़ाकर 45 वर्ष करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इससे पहले से सरकारी अथवा संबद्ध संस्थाओं में कार्यरत कर्मचारियों को करियर में आगे बढ़ने और उच्च पदों पर अवसर प्राप्त करने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा।

इस संबंध में राज्य शासन की ओर से एकीकृत स्थायी दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।

दुर्ग में बनेगा आधुनिक जिला न्यायालय परिसर

मंत्रिपरिषद ने दुर्ग जिला न्यायालय के नवीन भवन के निर्माण के लिए ग्राम तितुरडीह में बीआईटी कॉलेज के समीप 4 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराने को भी मंजूरी दी है।

इसके लिए भिलाई इस्पात संयंत्र के नाम दर्ज भूमि के बदले ग्राम पाहंदा, तहसील पाटन में 5.024 हेक्टेयर शासकीय भूमि भिलाई इस्पात संयंत्र को दी जाएगी। दोनों भूखंडों का वर्तमान मूल्य लगभग समान बताया गया है।

इस निर्णय से दुर्ग में आधुनिक और सुव्यवस्थित जिला न्यायालय परिसर के निर्माण का रास्ता साफ होगा तथा जिले की न्यायिक अधोसंरचना को मजबूती मिलेगी।

कैबिनेट के फैसलों का व्यापक असर

बुधवार को लिए गए इन फैसलों में एक ओर जहां युवाओं के रोजगार, कौशल, स्टार्टअप और उद्यमिता पर जोर दिया गया है, वहीं दूसरी ओर निर्यात के जरिए राज्य की आर्थिक क्षमता बढ़ाने, सरकारी कर्मचारियों के लिए अवसरों का विस्तार करने और न्यायिक अधोसंरचना मजबूत करने की दिशा भी तय की गई है। कुल मिलाकर कैबिनेट के निर्णयों में युवा शक्ति, कौशल, उद्योग, निर्यात और संस्थागत अधोसंरचना को विकास के अगले चरण का आधार बनाने का संकेत मिलता है।

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