मोरन नदी पर 5.91 करोड़ से बनेगा उच्चस्तरीय पुल, बलरामपुर मुख्यालय की दूरी 15 किमी घटेगी

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  • Oct 18, 2026
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कपिलदेवपुर-बसेरा मार्ग पर पुल निर्माण से 12 से 15 गांवों के 15 से 20 हजार ग्रामीणों को होगा लाभ, महाअष्टमी पर मंत्री रामविचार नेताम ने किया भूमिपूजन

बलरामपुर, 18 अक्टूबर 2026। 

नवरात्रि की महाअष्टमी पर चलगली क्षेत्र के ग्रामीणों को बड़ी सौगात मिली है। जनजातीय कार्य मंत्री रामविचार नेताम ने ग्राम कपिलदेवपुर में मोरन नदी पर बनने वाले उच्चस्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग का विधिवत भूमिपूजन किया। कपिलदेवपुर-बसेरा मार्ग पर बनने वाले इस पुल के लिए 5 करोड़ 91 लाख 4 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति मिली है। पुल निर्माण पूरा होने के बाद क्षेत्र के 12 से 15 गांवों के 15 से 20 हजार ग्रामीणों को जिला मुख्यालय बलरामपुर पहुंचने के लिए लगभग 15 किलोमीटर कम दूरी तय करनी पड़ेगी।

लोक निर्माण विभाग के सेतु संभाग, अंबिकापुर द्वारा बनाए जाने वाले इस पुल से क्षेत्र में आवागमन की सुविधा बेहतर होगी। लंबे समय से पुल की कमी के कारण ग्रामीणों को होने वाली परेशानियों से राहत मिलने की उम्मीद है। इससे स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और रोजगार के अवसरों तक पहुंच भी आसान होगी।

144 मीटर लंबा और 8.40 मीटर चौड़ा होगा पुल

मोरन नदी पर बनने वाला उच्चस्तरीय पुल 144 मीटर लंबा और 8.40 मीटर चौड़ा होगा। इसमें 24-24 मीटर के छह स्पैन बनाए जाएंगे। पुल की संरचना को मजबूत बनाने के लिए पाइल फाउंडेशन तकनीक अपनाई जाएगी। इसके दोनों छोरों पर कुल 271 मीटर लंबा पहुंच मार्ग भी बनाया जाएगा।

पुल और पहुंच मार्ग के निर्माण से कपिलदेवपुर-बसेरा मार्ग पर आवागमन अधिक सुविधाजनक होगा। ग्रामीणों को जिला मुख्यालय तक पहुंचने के लिए लंबा रास्ता तय नहीं करना पड़ेगा। विशेष रूप से आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने और विद्यार्थियों तथा कामकाजी लोगों की आवाजाही में सहूलियत मिलेगी।

चलगली से रामानुजगंज सड़क को भी मिली स्वीकृति

भूमिपूजन कार्यक्रम में मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि महाअष्टमी के शुभ अवसर पर क्षेत्रवासियों को यह महत्वपूर्ण सौगात मिली है। पुल के अभाव में ग्रामीणों को लंबे समय से कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। निर्माण पूरा होने के बाद स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार से जुड़ी सुविधाओं तक उनकी पहुंच आसान होगी।

उन्होंने बताया कि चलगली से रामानुजगंज सड़क निर्माण को स्वीकृति मिल चुकी है। निविदा प्रक्रिया पूरी होते ही इसका निर्माण शुरू किया जाएगा। इसके अलावा चलगली को बलरामपुर और वाड्रफनगर से बेहतर सड़क संपर्क के माध्यम से जोड़ने की कार्ययोजना पर भी जनप्रतिनिधियों के समन्वय से काम किया जा रहा है।

ग्रामीण अधोसंरचना मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता

मंत्री नेताम ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार और अधोसंरचना को मजबूत करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से गांवों में सीसी सड़कें बनाई जा रही हैं और पंचायतों में आवश्यकतानुसार विकास कार्य कराए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि जिन विद्यालयों में छात्राओं के लिए अलग शौचालय की सुविधा नहीं है, वहां प्राथमिकता के आधार पर शौचालय निर्माण कराया जा रहा है। इसके साथ ही मुक्तिधाम निर्माण की योजना भी तैयार की गई है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में आवश्यक सुविधाओं का विस्तार हो सके।

महतारी वंदन योजना से महिलाओं को आर्थिक संबल

मंत्री ने महतारी वंदन योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके तहत माताओं और बहनों के खातों में हर महीने एक हजार रुपये अंतरित किए जा रहे हैं। इससे महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में मदद मिल रही है।

उन्होंने किसानों से आधुनिक एवं वैज्ञानिक खेती अपनाने और दुग्ध उत्पादन तथा पशुपालन को व्यावसायिक गतिविधियों के रूप में विकसित कर आय बढ़ाने का आह्वान किया। साथ ही स्व-सहायता समूहों के माध्यम से सब्जी उत्पादन, मुर्गी पालन, बकरी पालन और ‘ड्रोन दीदी’ जैसी पहलों से आत्मनिर्भर बन रही महिलाओं के प्रयासों की सराहना की।

कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, ग्रामीणजन और संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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