नारी के सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन से बनेगा समृद्ध छत्तीसगढ़ : सीएम विष्णुदेव साय

रायपुर, 30 अगस्त। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि नारी शक्ति के सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक स्वावलंबन से ही समृद्ध एवं विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार किया जा सकता है। महिलाओं को सम्मान, समान अवसर, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता प्रदान करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। उन्होंने कहा कि जब एक बेटी पढ़ती है तो एक पीढ़ी शिक्षित होती है और जब महिला आत्मनिर्भर बनती है तो पूरा परिवार आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ता है।

मुख्यमंत्री रविवार को राजधानी स्थित पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय परिसर के अटल बिहारी वाजपेयी सभागृह में छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग द्वारा आयोजित ‘नारी शक्ति सम्मान समारोह’ को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने चिकित्सा, शिक्षा, खेल, साइबर सुरक्षा, पत्रकारिता, कला-संस्कृति, कृषि, महिला उद्यमिता, सामाजिक सेवा और महिला सुरक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिलाओं को सम्मानित किया। उन्होंने समारोह पर आधारित ब्रोशर का विमोचन भी किया।

सम्मानित महिलाएं बेटियों के लिए प्रेरणास्रोत

मुख्यमंत्री ने सम्मानित महिलाओं को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने परिश्रम, प्रतिभा, साहस और संकल्प के बल पर विभिन्न क्षेत्रों में विशिष्ट पहचान बनाई है। उनकी उपलब्धियां व्यक्तिगत सफलता तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे उन हजारों बेटियों के लिए प्रेरणा हैं, जो अपने सपनों को पूरा करने के लिए आगे बढ़ रही हैं।

उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी को शक्ति, करुणा, सृजन और संस्कार का आधार माना गया है। राज्य सरकार इसी सांस्कृतिक भावना को अपनी योजनाओं और नीतियों के माध्यम से धरातल पर उतारने का प्रयास कर रही है।

महिला आयोग न्याय के साथ जागरूकता का माध्यम बने

मुख्यमंत्री ने राज्य महिला आयोग की नवनियुक्त अध्यक्ष डॉ. ममता साहू को बधाई देते हुए कहा कि उनके सामाजिक एवं सार्वजनिक जीवन के अनुभव, कानून की समझ और उच्च शिक्षा का लाभ आयोग के कामकाज में मिलेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि आयोग महिलाओं को न्याय दिलाने, उनके अधिकारों की रक्षा करने और जरूरतमंद महिलाओं तक कानूनी सहायता पहुंचाने में प्रभावी भूमिका निभाएगा।

साय ने कहा कि महिला आयोग की भूमिका केवल शिकायतों के निराकरण तक सीमित नहीं होनी चाहिए। आयोग को गांवों, कस्बों और जनजातीय एवं दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचकर महिलाओं को उनके कानूनी और संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक करना चाहिए।

68 लाख से अधिक महिलाओं को मिल रही महतारी वंदन की राशि

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन को मजबूत करने के लिए महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की 68 लाख से अधिक महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। योजना की 31 किस्तें महिलाओं के खातों में अंतरित की जा चुकी हैं।

उन्होंने कहा कि यह सहायता महिलाओं के आत्मसम्मान और आत्मविश्वास को मजबूत करने के साथ उन्हें अपने निर्णय स्वयं लेने में भी सक्षम बना रही है। महिलाएं इस राशि का उपयोग घरेलू जरूरतों, बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य और स्वरोजगार से जुड़ी गतिविधियों में कर रही हैं।

13.85 लाख से अधिक महिलाएं बनीं ‘लखपति दीदी’

साय ने कहा कि स्व-सहायता समूहों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की महिलाएं आर्थिक आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम कर रही हैं। प्रदेश में 13 लाख 85 हजार से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं। महिलाएं सिलाई-कढ़ाई, कृषि, वनोपज आधारित गतिविधियों, लघु उद्योग और स्वरोजगार के साथ ड्रोन संचालन जैसे आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में भी आगे बढ़ रही हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य अधिक से अधिक महिलाओं को कौशल, पूंजी, बाजार और तकनीक से जोड़कर उद्यमिता के अवसर उपलब्ध कराना है।

2026 ‘महतारी गौरव वर्ष’ के रूप में मनाया जा रहा

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2026 को ‘महतारी गौरव वर्ष’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। यह वर्ष प्रदेश की मातृशक्ति के योगदान को सम्मान देने और उनके लिए नए अवसर सृजित करने को समर्पित है।

उन्होंने बताया कि सरस्वती साइकिल योजना के माध्यम से बालिकाओं की शिक्षा को प्रोत्साहित किया जा रहा है। ‘मेरी बेटी, मेरा अभिमान’ पहल के तहत प्रदेश में 6,671 बालिका शौचालयों के निर्माण की स्वीकृति दी गई है। वहीं महिला स्व-सहायता समूहों को प्रशिक्षण, बैठकों और आर्थिक गतिविधियों के लिए सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 481 महतारी सदनों का निर्माण किया जा रहा है।

महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन से मजबूत हो रहा आर्थिक आधार

साय ने कहा कि महिलाओं के आर्थिक अधिकारों को मजबूत करने के लिए उनके नाम पर जमीन और संपत्ति के पंजीयन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। महिलाओं के नाम संपत्ति होने से उनका आर्थिक आधार मजबूत होता है और परिवार में उनकी निर्णय क्षमता बढ़ती है।

उन्होंने कहा कि नारी सशक्तिकरण केवल सरकारी योजनाओं का विषय नहीं है। इसके लिए समाज की सोच और व्यवस्था में भी सकारात्मक बदलाव आवश्यक है। बेटियों को बेहतर शिक्षा, युवतियों को रोजगार एवं उद्यमिता के अवसर तथा महिलाओं को सुरक्षा, सम्मान और त्वरित न्याय उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।

नारी शक्ति के बिना विकास संभव नहीं : तोखन साहू

केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा कि महिला आयोग पीड़ित और जरूरतमंद महिलाओं के लिए आशा, विश्वास और न्याय का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने डॉ. ममता साहू को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में आयोग महिलाओं के अधिकारों के संरक्षण और उत्थान के लिए प्रभावी कार्य करेगा।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि महिलाओं की सक्रिय भागीदारी के बिना परिवार, समाज और राष्ट्र का समग्र विकास संभव नहीं है। उन्होंने डॉ. ममता साहू को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं देते हुए आयोग से महिलाओं को त्वरित और संवेदनशील न्याय दिलाने की दिशा में काम करने की अपेक्षा जताई।

महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग के 25 वर्ष पूर्ण होने पर रजत उत्सव दिवस मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना सहित विभिन्न योजनाओं से प्रदेश की महिलाओं के आत्मविश्वास और स्वाभिमान को मजबूती मिली है।

कार्यक्रम में राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, विधायक पुरंदर मिश्रा, विधायक मोतीलाल साहू, रायपुर महापौर मीनल चौबे, अंबिकापुर महापौर मंजूषा भगत सहित विभिन्न निगम-मंडल एवं आयोगों के अध्यक्ष, संतजन, जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं।

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