शहरों में नागरिक सुविधाओं और विकास कार्यों में लाएं तेजी : मुख्यमंत्री साय

नालंदा परिसर के निर्माण में तेजी, 38 नगरीय निकायों में स्वीकृत, 31 का काम जारी

चार प्रमुख शहरों में 240 ई-बसें चलाने की तैयारी, अमृत मिशन के लंबित कार्य मिशन मोड में पूरे करने के निर्देश

रायपुर, 8 सितंबर 2026।  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि शहरों का विकास केवल अधोसंरचना निर्माण तक सीमित नहीं होना चाहिए। नागरिकों को स्वच्छता, शुद्ध पेयजल, बेहतर सड़क, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था और सुगम सार्वजनिक परिवहन जैसी मूलभूत सुविधाएं गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध तरीके से मिलनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को नगरीय निकायों में संचालित योजनाओं और विकास कार्यों की नियमित निगरानी करते हुए सभी स्वीकृत कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री मंगलवार को मंत्रालय महानदी भवन में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा स्वीकृत विकास कार्यों का वास्तविक लाभ समय पर नागरिकों तक पहुंचे, यह अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। निर्माण कार्यों में अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा। कार्यों में तेजी के साथ गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान देना होगा।

38 नगरीय निकायों में नालंदा परिसर, 31 का निर्माण जारी

मुख्यमंत्री ने युवाओं को अध्ययन के लिए आधुनिक और सुविधायुक्त वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाए जा रहे सेंट्रल लाइब्रेरी सह रीडिंग जोन ‘नालंदा परिसर’ की प्रगति की समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि तीन वित्तीय वर्षों में प्रदेश के 38 नगरीय निकायों में नालंदा परिसर निर्माण की स्वीकृति दी गई है। इनमें 31 परिसरों का निर्माण कार्य वर्तमान में प्रगतिरत है।

मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन परिसरों में तेजी लाकर उन्हें शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने परिसरों में प्रस्तावित सीटों और उपलब्ध सुविधाओं की भी जानकारी ली तथा रायपुर में निर्माणाधीन नालंदा परिसर की प्रगति की समीक्षा की।

नागरिक-केंद्रित और सुनियोजित हों शहर

मुख्यमंत्री ने नगरोत्थान योजना की समीक्षा करते हुए भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर शहरी अधोसंरचना विकसित करने पर जोर दिया। योजना के तहत प्रदेश के 14 नगर निगमों में मुख्य सड़कों के चौड़ीकरण, बाईपास, फ्लाईओवर, सर्विस लेन और अंडरपास सहित यातायात संबंधी अधोसंरचना विकसित की जा रही है।

उन्होंने अपनी पूर्व घोषणाओं के तहत स्वीकृत नगरीय विकास कार्यों की प्रगति की जानकारी लेते हुए उन्हें समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए। वहीं, सतत, संगठित और नागरिक-केंद्रित विकास के लिए शुरू की गई ‘आदर्श शहर समृद्धि योजना’ के तहत 32 नगरीय निकायों का चयन किया गया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में इसके लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और साफ-सफाई जैसी बुनियादी सेवाओं की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में रायपुर के प्रदर्शन की सराहना

बैठक में 15वें वित्त आयोग के अनटाइड एवं टाइड ग्रांट से कराए जा रहे विकास कार्यों की भी समीक्षा हुई। अधिकारियों ने बताया कि इन निधियों से सड़क, नाली, प्रकाश व्यवस्था, जल प्रदाय, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और वायु गुणवत्ता सुधार से संबंधित कार्य किए जा रहे हैं।

अधिकारियों के अनुसार, स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में रायपुर ने 189 अंक हासिल कर देश में छठा स्थान प्राप्त किया है। राज्य स्तरीय वार्ड रैंकिंग-2026 में रायपुर के वार्ड क्रमांक 46 ने 30 हजार से अधिक आबादी वाली श्रेणी और वार्ड क्रमांक 30 ने 10 हजार से 30 हजार आबादी वाली श्रेणी में स्थान हासिल किया।

मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि के लिए विभाग और नगर निगम की टीम को बधाई दी। उन्होंने शहरों में हरित क्षेत्र बढ़ाने, नए उद्यान विकसित करने और कम वृक्षों वाले क्षेत्रों की पहचान कर व्यापक स्तर पर पौधरोपण करने के निर्देश दिए।

हर नगरीय निकाय में अपशिष्ट प्रसंस्करण पर जोर

मुख्यमंत्री ने शहरी ठोस अपशिष्ट के वैज्ञानिक प्रबंधन पर जोर देते हुए प्रत्येक नगरीय निकाय में अपशिष्ट प्रसंस्करण के लिए प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित करने की दिशा में काम करने को कहा।

पात्र परिवारों को जल्द मिले प्रधानमंत्री आवास

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 1.0 और 2.0 की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने स्वीकृत आवासों, निर्माण की स्थिति, आवंटन और व्यवस्थापन की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आवासों के आवंटन एवं व्यवस्थापन की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए, ताकि पात्र परिवारों को जल्द पक्के आवास का लाभ मिल सके।

चार शहरों में 240 ई-बसें चलाने की तैयारी

प्रधानमंत्री ई-बस सेवा की तैयारियों की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और कोरबा में कुल 240 ई-बसों के संचालन की तैयारी की जा रही है। इसके लिए आवश्यक अधोसंरचना संबंधी कार्य मार्च 2027 से पहले पूरा कर ई-बस सेवा शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।

मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित निर्माण एवं अधोसंरचना कार्यों को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ई-बस सेवा से नागरिकों को आधुनिक और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन मिलेगा तथा पर्यावरण-अनुकूल शहरी परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।

नागरिकों की शिकायतों का हो त्वरित समाधान

मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में नगरीय प्रशासन से संबंधित शिकायतों और उनके निराकरण की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को शिकायतों का संवेदनशीलता के साथ त्वरित और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने प्रॉपर्टी टैक्स के पुनरीक्षण तथा नगरीय निकायों के विद्युत देयकों की भी जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने निकायों को बिजली बिलों का नियमित रूप से प्रतिमाह भुगतान सुनिश्चित करने को कहा।

नगरीय निकायों को आर्थिक रूप से सुदृढ़ और आत्मनिर्भर बनाने के लिए उन्होंने राजस्व एवं कर संकलन बढ़ाने पर भी जोर दिया। उन्होंने बेहतर कर संकलन करने वाले नगरीय निकायों को प्रोत्साहित एवं सम्मानित करने की व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए।

अमृत मिशन की धीमी प्रगति पर नाराजगी

अमृत मिशन 2.0 की समीक्षा के दौरान अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में शत-प्रतिशत पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। अमृत मिशन के लंबित कार्यों को मिशन मोड में लेकर तेजी से पूरा किया जाए।

मुख्यमंत्री ने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के निर्माण में उच्च गुणवत्ता और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर जोर दिया। उन्होंने स्लम रिडेवलपमेंट और लैंड मोनेटाइजेशन की दिशा में भी योजनाबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए।

8 नगरीय निकायों में 800 करोड़ से सीबीजी प्लांट

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि स्वच्छ एवं सतत ईंधन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदेश के 8 नगरीय निकायों में करीब 800 करोड़ रुपये की लागत से कम्प्रेस्ड बायो गैस (सीबीजी) प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरी विकास से जुड़ी सभी योजनाओं का परिणाम धरातल पर स्पष्ट रूप से दिखाई देना चाहिए। उन्होंने योजनाओं की नियमित समीक्षा, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की सतत निगरानी और सभी स्वीकृत कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।

बैठक में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संचालक नीलेश महादेव क्षीरसागर, मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिव प्रभात मलिक, सूडा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुमित अग्रवाल सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

सम्बन्धित खबरें