सड़क पर घायल गोवंश दिखे तो तुरंत पहुंचेगी रेस्क्यू टीम, 24 घंटे चलेगा वाहन : डिप्टी सीएम विजय शर्मा

डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने सुनीं 

गौ सेवकों की समस्याएं

 

पशु चिकित्सालय को बड़े परिसर में शिफ्ट करने पर मंथन

 किसानों से अधिक से अधिक पैरादान की अपील

 

कबीरधाम, 10 सितंबर 2026। सड़क पर विचरण करने वाले बीमार और घायल पशुओं के रेस्क्यू से लेकर उपचार और उनके सुरक्षित ठिकाने तक की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने गुरुवार को कबीरधाम जिला कार्यालय में गौ सेवकों और अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने जिले में पशु रेस्क्यू व्यवस्था को प्रभावी बनाने के साथ रेस्क्यू वाहन को 24 घंटे संचालित करने के निर्देश दिए।

बैठक में शर्मा ने गौ सेवकों से उनके सेवा कार्य के दौरान आने वाली समस्याओं की जानकारी ली और पशुओं के संरक्षण एवं उपचार व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सुझाव मांगे। उन्होंने कहा कि गौ सेवक दिन-रात बीमार और घायल पशुओं के रेस्क्यू तथा उपचार के लिए काम कर रहे हैं। उनके सेवा कार्य को व्यवस्थित सहयोग और बेहतर संपर्क व्यवस्था उपलब्ध कराई जानी चाहिए।

जहां ज्यादा जरूरत, वहां पर्याप्त डॉक्टरों की तैनाती

उप मुख्यमंत्री ने पशुपालन विभाग के चिकित्सकों, सहायक चिकित्सकों और उपलब्ध मानव संसाधन की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने चिकित्सकों की पदस्थापना और अलग-अलग क्षेत्रों में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं की समीक्षा की। जिन क्षेत्रों में पशुओं के उपचार की अधिक आवश्यकता है, वहां पर्याप्त चिकित्सकीय अमला उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

उन्होंने सभी चिकित्सकों की बैठक लेकर पशुओं के उपचार और रेस्क्यू के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने को भी कहा।

रेस्क्यू वाहन 24 घंटे उपलब्ध रखने के निर्देश

शर्मा ने जिले में उपलब्ध पशु रेस्क्यू वाहन की व्यवस्था की समीक्षा करते हुए इसे चौबीसों घंटे संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटना में घायल अथवा बीमार पशु की सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीम तत्काल मौके पर पहुंचे। इसके लिए जिम्मेदारी और संपर्क व्यवस्था स्पष्ट रखने को कहा गया।

बड़े परिसर में इलाज और विश्राम की सुविधा पर विचार

बैठक में स्वर्ण जयंती परिसर का निरीक्षण कर वहां पशु चिकित्सालय को स्थानांतरित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। शर्मा ने अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और गौ सेवकों से परिसर का निरीक्षण कर आवश्यक व्यवस्थाओं की जानकारी तैयार करने को कहा।

उन्होंने कहा कि बड़े और व्यवस्थित परिसर में बीमार एवं घायल पशुओं के उपचार, देखभाल और विश्राम के लिए बेहतर व्यवस्था विकसित की जा सकती है। यहां सुरक्षित स्थान, खुला क्षेत्र और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा सकता है।

पैरा जलाने के बजाय गोवंश को दान करने की अपील

पशुओं के लिए पर्याप्त चारे की व्यवस्था को लेकर भी बैठक में चर्चा हुई। उप मुख्यमंत्री ने आसपास के गांवों के किसानों से संपर्क कर अधिक से अधिक पैरादान के लिए प्रेरित करने को कहा। उन्होंने फसल अवशेष को जलाने के बजाय गोवंश के लिए दान करने की अपील की। इससे पशुओं के लिए चारे की उपलब्धता के साथ पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी।

उन्होंने गौ सेवकों से वीडियो और अन्य प्रचार माध्यमों के जरिए किसानों को पैरादान के लिए जागरूक करने को कहा।

दुर्घटना वाले मोड़ों पर बेरिकेडिंग का सुझाव

सड़कों पर बैठे पशुओं को दुर्घटनाओं से बचाने के लिए दुर्घटना संभावित स्थानों और अत्यधिक मोड़ वाले क्षेत्रों को चिन्हांकित करने पर भी चर्चा हुई। ऐसे स्थानों पर आवश्यकता के अनुसार बेरिकेडिंग अथवा अन्य सुरक्षा उपाय करने का सुझाव दिया गया। साथ ही वाहन चालकों को इन स्थानों पर सावधानी बरतने के लिए जागरूक करने पर जोर दिया गया।

बैठक में गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष विशेषर पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, उपाध्यक्ष कैलाश चंद्रवंशी, कलेक्टर तुलिका प्रजापति, पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र कुमार यादव, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक अग्रवाल, अपर कलेक्टर नरेन्द्र पैकरा सहित जनप्रतिनिधि, गौ सेवक और संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

सम्बन्धित खबरें