अमेरिकी राजदूत के बयान से तिलमिलाया पाकिस्तान…!!

जम्मू कश्मीर।

अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर 19 अगस्त को जम्मू-कश्मीर दौरे पर थे। उन्होंने यहां मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से भी मुलाकात की। इस दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने जम्मू-कश्मीर को भारत का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। उनका बयान दुनियाभर की मीडिया में सुर्खियां बना, और इसके साथ ही इस्लामाबाद की बौखलाहट का कारण भी।

अमेरिकी राजदूत के बयान से जम्मू-कश्मीर पर पिछले आठ दशकों से चलाए जा रहे पाकिस्तानी झूठ का घड़ा फूट गया।

सर्जियो गोर के बयान के बाद पाकिस्तान ने इस्लामाबाद में अमेरिकी दूतावास की प्रभारी नताली बेकर को तलब कर अपना विरोध दर्ज कराया। हालांकि, इससे ज्यादा वो कुछ कर भी नहीं सकता था।

पाकिस्तान या दुनिया का कोई भी देश अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कुछ भी कहे, लेकिन भारत का रुख प्रारंभ से ही स्पष्ट है। जम्मू-कश्मीर भारत का हिस्सा था, है और रहेगा। और जो अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा, वो ऐतिहासिक तथ्य है।

सर्जियो गोर ने श्रीनगर में मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा था कि – “यह भारत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। मैं यहां पर पहली बार आया हूं। यह बहुत गर्मजोशी भरा है, दौरा बहुत अच्छा रहा और हम इस रिश्ते को आगे बढ़ाने के लिए उत्सुक हैं।”

‘हमारा मानना है कि इस इलाके को और सुरक्षित बनाने के लिए नई दिल्ली ने कुछ शानदार कदम उठाए हैं। इसलिए हम जम्मू-कश्मीर के लिए जारी अमेरिकी ट्रैवल एडवाइजरी को डाउनग्रेड करने पर विचार कर सकते हैं।’

पाकिस्तान के लिए झटका क्यों?

दरअसल, हाल के दिनों में पाकिस्तान अमेरिका का करीबी होने का नाटक करता रहा है। ईरान-इजरायल युद्ध के बीच जबरन तथाकथित शांति दूत बनने के बहाने ही सही। ये बात अलग है कि दोनों ही देश पाकिस्तान की किसी भी भूमिका को नकार चुके हैं। ऐसे में अमेरिकी राजदूत के बयान से तिलमिलाना तो बनता है।

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