समय के साथ नित्य नूतन तकनीक को अपनाते हुए आगे बढ़ना आवश्यक – गोविंद जी महंत

​विद्या भारती की अखिल भारतीय प्रचार विभाग एवं अभिलेखागार बैठक प्रारम्भ

नोएडा। 

विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के अखिल भारतीय प्रचार विभाग एवं अभिलेखागार की दो दिवसीय बैठक नोएडा स्थित भाऊराव देवरस सरस्वती विद्या मंदिर में प्रारंभ हुई। बैठक के उद्घाटन सत्र में अखिल भारतीय संगठन मंत्री गोविंद जी महंत, दक्षिण मध्यक्षेत्र संगठन मंत्री एवं प्रभारी प्रचार विभाग सुधाकर जी रेड्डी, अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य ललित बिहारी गोस्वामी, अखिल भारतीय प्रचार विभाग संयोजक डॉ. रामकुमार भावसार तथा अखिल भारतीय अभिलेखागार के संयोजक राजेंद्र जी बघेल की उपस्थिति रही।

उद्घाटन सत्र में मुख्य वक्ता गोविंद जी महंत ने कहा कि समय निरंतर परिवर्तनशील है। विद्या भारती 1952 से शिक्षा और राष्ट्र निर्माण के क्षेत्र में निरंतर कार्यरत है। आज के समय में आधुनिक संचार माध्यमों और नित्य नूतन तकनीक को अपनाते हुए संगठन के विचारों को समाज के व्यापक वर्ग तक पहुंचाना हमारी जिम्मेदारी है। विद्या भारती का ध्येय केवल विद्यालय संचालित करना नहीं, बल्कि “मातृ देवो भव, पितृ देवो भव, राष्ट्र देवो भव” के भाव से युक्त राष्ट्रभक्त नागरिकों का निर्माण करना है।

उन्होंने कहा कि हमारे चिंतन, इतिहास और योगदानकर्ताओं के अभिलेखों का वैज्ञानिक संरक्षण आवश्यक है, ताकि आने वाली पीढ़ियां अपनी गौरवशाली परंपरा से जुड़ सकें। जो सत्य है, वही स्थायी और चिरंतन है; प्रचार विभाग का दायित्व इसी सत्य और उपलब्धियों को समाज के सामने प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना है।

राष्ट्रव्यापी ‘वंदे मातरम् अभियान’

बैठक की भूमिका रखते हुए सुधाकर जी रेड्डी ने बताया कि देशभर में विद्या भारती द्वारा ‘वंदे मातरम् अभियान’ चलाया जाएगा। ‘अमृत उत्सव’ को ध्यान में रखते हुए यह दो दिवसीय बैठक आयोजित की गई है, जिसमें संगठन की गतिविधियों को जन-जन तक पहुंचाने की रणनीति तैयार की जा रही है।

​दो दिवसीय बैठक के दौरान प्रचार विभाग एवं अभिलेखागार के कार्यों की समीक्षा, आगामी कार्य योजनाओं, तकनीकी माध्यमों के प्रभावी उपयोग तथा विद्या भारती की कार्यपद्धति को समाज में प्रसारित करने के विषयों पर गहन मंथन किया जा रहा है।

 

 

 

 

 


 

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