आईएसआई समर्थित शहजाद भट्टी नेटवर्क का भंडाफोड़; 253 हिरासत में, 200 से अधिक गिरफ्तार

नई दिल्ली।

सुरक्षा एजेंसियों ने स्वतंत्रता दिवस से पहले आईएसआई-समर्थित शहजाद भट्टी नेटवर्क (SBN) के खिलाफ बहु-राज्यीय कार्रवाई कर आतंकी सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। सीमा-पार आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत 14 राज्यों में 253 लोग हिरासत में लिए गए हैं और नेटवर्क के खिलाफ 80 से अधिक एफआईआर और 200+ गिरफ्तारियां की गई हैं।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि सरकार ने स्वतंत्रता दिवस से पहले ISI समर्थित आतंकी समूह ‘शहज़ाद भट्टी नेटवर्क’ को खत्म कर दिया और 200 से ज़्यादा सदस्यों को गिरफ़्तार कर उसके खतरनाक हमलों के मंसूबों को नाकाम कर दिया।

भारतीय सुरक्षा बलों ने 14 राज्यों में अलग-अलग जगह पर एक साथ ऑपरेशन चलाकर इस नेटवर्क को ध्वस्त किया, जो आतंकवाद के प्रति भारत की ‘ज़ीरो-टॉलरेंस’ नीति का एक बेहतरीन उदाहरण है।

आईएसआई से फंड पाने वाले इस समूह के पास से भारी मात्रा में सामग्री बरामद की गई, जिसमें IED, पाकिस्तान ऑर्डनेंस फैक्ट्री के निशान वाले ग्रेनेड, पिस्तौल, ज़िंदा कारतूस और जासूसी के लिए इस्तेमाल होने वाले CCTV कैमरे शामिल थे। यह नेटवर्क कई आतंकी गतिविधियों में शामिल था।

शहजाद भट्टी नेटवर्क (SBN) पाकिस्तान स्थित, आईएसआई द्वारा समर्थित आतंकी सिंडिकेट है जो भारत में ग्रेनेड, IED और पेट्रोल बम हमलों तथा टारगेटेड किलिंग में शामिल है। स्थानीय सहयोगियों को पैसे देकर पुलिस, रक्षा और धार्मिक स्थलों की रेकी करवाता था और जासूसी के लिए CCTV कैमरे लगवाता था।

स्वतंत्रता दिवस के आसपास नेटवर्क से जुड़ी संभावित गड़बड़ियों को रोकने के लिए 12 अगस्त को राज्य पुलिस बलों के साथ रियल-टाइम खुफिया जानकारी साझा करने वाली प्रणाली के जरिए समन्वित बहु-राज्यीय अभियान चलाया गया। इसमें 14 राज्यों में 253 लोगों को हिरासत में लिया गया – उत्तर प्रदेश (62), हरियाणा (52), दिल्ली (51), पंजाब (44), राजस्थान (15), महाराष्ट्र (8), उत्तराखंड (5), कर्नाटक, गुजरात और बिहार (3-3) तथा तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और केरल (2-2)। साथ ही दिल्ली और कर्नाटक में नई FIR भी दर्ज की गई हैं।

अब तक SBN के खिलाफ 80 से अधिक FIR और 200+ गिरफ्तारियां दर्ज की जा चुकी हैं। ये मामले UAPA, BNS, आर्म्स एक्ट, NDPS एक्ट और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत दर्ज हैं।

सुरक्षा एजेंसियों ने दोहराया कि भारत सरकार की सीमा-पार आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति है और नेटवर्क को देशभर में खत्म करने के लिए समन्वित कार्रवाई जारी रहेगी।

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