फिल्म निर्माण केवल कमाई का माध्यम नहीं, भारतीय संस्कृति और सद्भाव का सशक्त माध्यम बने : विनोद कुमार

महाकौशल फिल्म सोसाइटी की स्क्रिप्ट राइटिंग कार्यशाला में नवोदित राइटर्स ने सीखी पटकथा लेखन की बारीकियां

जबलपुर। महाकौशल फिल्म सोसाइटी के तत्वावधान में नवोदित एवं उभरते फिल्म राइटरों को फिल्म लेखन की बारीकियों से परिचित कराने के उद्देश्य से स्क्रिप्ट राइटिंग कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में फिल्म निर्माण एवं लेखन में रुचि रखने वाले प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विनोद कुमार ने कहा कि फिल्म निर्माण का उद्देश्य केवल आर्थिक लाभ तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि भारतीय संस्कृति एवं दर्शन, सामाजिक सद्भाव और महिला सशक्तीकरण जैसे विषयों को भी प्रभावी ढंग से सामने लाने का माध्यम बनना चाहिए। 

कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रशांत कर्मवीर ने की। उन्होंने कहा कि महाकौशल क्षेत्र की प्रतिभाओं को अवसर देने के लिए भविष्य में भी इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

कार्यशाला के मुख्य प्रशिक्षक आनंद परमार ने प्रतिभागियों को कहानी की संकल्पना से लेकर प्रभावी पटकथा निर्माण तक के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि फिल्म में नायक और खलनायक के विभिन्न स्वरूप, कहानी के महत्वपूर्ण 23 बिंदु, अप्रत्याशित एवं अकल्पनीय घटनाओं के माध्यम से दर्शकों में आश्चर्य बनाए रखना तथा फिल्म की गति निर्धारित करना जैसे विषय पटकथा लेखन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि एक अच्छी फिल्म की नींव मजबूत कहानी और प्रभावी पटकथा पर टिकी होती है।

कार्यशाला में स्क्रीनप्ले की संरचना, पात्र निर्माण, दृश्य लेखन, संवाद लेखन, पटकथा की भाषा एवं सिनेमाई प्रस्तुति जैसे विषयों पर भी मार्गदर्शन दिया गया। प्रतिभागियों को व्यावहारिक अभ्यास के माध्यम से अपने विचारों और कल्पनाओं को पटकथा के रूप में विकसित करने का अवसर मिला।

प्रतिभागियों छाया चौकसे, पी. चंद्रवंशी, आशुतोष शर्मा सहित अन्य प्रतिभागियों ने कार्यशाला को उपयोगी बताते हुए कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम लगातार आयोजित होते रहने चाहिए।

 

महाकौशल फिल्म सोसाइटी का उद्देश्य क्षेत्र की फिल्म निर्माण एवं लेखन प्रतिभाओं को प्रोत्साहित कर उन्हें ऐसा मंच उपलब्ध कराना है, जहां वे अपनी रचनात्मक क्षमता को निखार सकें और फिल्म उद्योग की आवश्यकताओं को समझ सकें। संस्था द्वारा भविष्य में फिल्म लेखन, निर्देशन, अभिनय एवं फिल्म निर्माण से जुड़े प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाने की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम के अंत में अंजनी ज्योतिषी ने आभार व्यक्त किया। आयोजन में नीरज अग्रवाल, सुशील मोदी, प्रवीण, नवीन, राजेश शर्मा, राजीव सिंह सहित अन्य सहयोगियों का उल्लेखनीय योगदान रहा।

 

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