ब्रिक्स सांस्कृतिक महोत्सव-2026 में हुआ छह देशों की सांस्कृतिक विरासत का प्रदर्शन

भोपाल, 6 अगस्त 2026

भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता-2026 के अंतर्गत संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा रवींद्र भवन, भोपाल में ब्रिक्स सांस्कृतिक महोत्सव-2026 का आयोजन किया गया। ब्रिक्स सांस्कृतिक कार्य समूह की तीसरी बैठक के दूसरे दिन आयोजित इस महोत्सव में ब्रिक्स सदस्य एवं सहभागी देशों के कलाकारों ने अपनी पारंपरिक प्रस्तुतियों के माध्यम से समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रदर्शन किया।

महोत्सव की थीम “सर्वे भवन्तु सुखिनः” रही, जो वैश्विक शांति, सद्भाव और सामूहिक कल्याण के भारतीय दर्शन को अभिव्यक्त करती है। यह आयोजन भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता-2026 की थीम “लचीलेपन, नवाचार, सहयोग और निरंतरता के लिए निर्माण” के अनुरूप विभिन्न देशों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।

कार्यक्रम का शुभारंभ प्रतिभागी देशों की सांस्कृतिक परेड से हुआ, जिसमें बेलारूस, ब्राजील, इंडोनेशिया, रूस, संयुक्त अरब अमीरात और भारत के प्रतिनिधिमंडलों ने भाग लिया।

बेलारूस के कलाकारों ने पारंपरिक लोकगीतों और लोकनृत्यों की प्रस्तुति दी। ब्राजील की ओर से एफ्रो-ब्राजीलियाई परंपरा ‘कैपोएरा’ का प्रदर्शन किया गया, जिसमें मार्शल आर्ट, नृत्य, संगीत और एक्रोबैटिक्स का अनूठा समन्वय देखने को मिला।

इंडोनेशिया के कलाकारों ने बालीनीज स्वागत नृत्य ‘पुष्पांजलि’ तथा प्रसिद्ध जावानीस नृत्य-नाटिका ‘द लीजेंड ऑफ रोरो जोंगरांग’ का मंचन किया। रूस के कलाकारों ने पारंपरिक रूसी वाद्ययंत्रों पर संगीतमय प्रस्तुति देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया।

संयुक्त अरब अमीरात के कलाकारों ने अमीराती और अरब संगीत परंपराओं की प्रस्तुति दी। वहीं भारत की ओर से ‘मारू रंग - राजस्थान की विरासत’ कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया, जिसमें घूमर, चरी, कालबेलिया और भवाई जैसे लोकनृत्यों के माध्यम से राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाया गया।

कार्यक्रम का समापन ग्रैंड फिनाले के साथ हुआ, जिसमें सभी देशों के कलाकार एक मंच पर आए और सांस्कृतिक एकता, आपसी सम्मान तथा वैश्विक सद्भाव का संदेश दिया। महोत्सव ने कला और संस्कृति के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय सहयोग को सुदृढ़ बनाने तथा विभिन्न देशों के लोगों के बीच आपसी जुड़ाव को मजबूत करने की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।

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