कल्चरल मार्क्सवाद पर बिलासपुर में आयोजित हुआ ब्रेनस्टॉर्मिंग सत्र

कल्चरल मार्क्सवाद अध्ययन समूह, बिलासपुर द्बारा वर्तमान परिस्थितियों में 'कल्चरल मार्क्सवाद’ विषय पर एक विशेष ब्रेन स्टॉर्मिंग सत्र (अध्ययन रिपोर्ट) का आयोजन अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय, बिलासपुर में किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में क्षेत्र प्रचार प्रमुख श्री कैलाश चंद्र जी, क्षेत्र साहित्य प्रमुख श्री विश्वजीत जी, इसके साथ ही सुंदरलाल शर्मा मुक्त विवि के कुलपति डॉ. सारस्वत जी, अटल बिहारी वाजपेयी विवि के कुलपति डॉ. एलपी पटेरिया जी मंचासीन रहे।

इसका उद्देश्य कल्चरल मार्क्सवाद के विभिन्न पहलुओं की वर्तमान स्थिति था, जिस पर विषय विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, शोधार्थियों, नीति-निर्माताओं, अधिवक्ताओं, प्रबुद्धजनों सहित छत्तीसगढ़ प्रांत के अन्य वरिष्ठजनों ने मार्गदर्शन दिया।

कार्यक्रम वर्तमान समय में समझ में व्याप्त अराजकता टकराव पर केंद्रित रही जिसे कल्चरल मार्क्सवाद का प्रभाव माना गया है। मन, आत्मा और शरीर का मिलन ही विवाह है। हमारे समाज में जो किसी समाज विरोधी कार्य करने से बहिष्कृत किया जाता था उसे ही इंटरकास्ट कहा जाता था। लेकिन यदि किसी का मन, विचार आत्मा मिलती है, तब विवाह हो सकता है। आगामी समय में भी इन विषयों को विश्व विद्यालय स्तर पर अध्ययन कराना जाना चाहिए ताकि समाज किसी नेरेटिव से भ्रमित ना हो।

इसके साथ ही अध्ययन रिपोर्ट प्रस्तुत करने वालों में डॉक्टर गीता सिंह जी शिक्षा जगत से, कला एवं मनोरंजन से श्री देवेंद्र जी, कानूनविद श्री गौरव सिंघल जी, शिक्षा अनुसंधान से  शोधार्थी श्रीमती शीलू साहू जी ने अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का समापन अटल विहारी विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. तारणीश गौतम जी ने आभार व्यक्त कर किया। मंच संचालन श्रीमती शीलू साहू जी ने किया।

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