सेवा संकल्प अभियान के सफल आयोजन के लिए कलेक्टर ने दिये आवश्यक दिशा-निर्देश

सेवा संकल्प अभियान के सफल आयोजन के लिए कलेक्टर ने दिये आवश्यक दिशा-निर्देश

सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों पर कलेक्टर की सीधी निगरानी, गुणवत्तापूर्ण निराकरण के निर्देश

शिकायत का निपटारा औपचारिकता नहीं, नागरिक की संतुष्टि से तय हो- कलेक्टर

लंबित शिकायतों पर कलेक्टर सख्त, कहा -लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं

जनसमस्याओं के समाधान से लेकर सुघ्घर छत्तीसगढ़ की तैयारी तक, कलेक्टर ने की विस्तृत समीक्षा

समय सीमा की बैठक संपन्न

बलरामपुर, 07 अगस्त 2026/ 

समय सीमा की बैठक में कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर 2026 तक चलने वाले सेवा संकल्प अभियान के सफल क्रियान्वयन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। जिला पंचायत सीईओ डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी द्वारा कार्यक्रम की रूप रेखा के संबंध में बिन्दुवार जानकारी दी गई। बैठक में कलेक्टर ने सेवा संकल्प अभियान के विषय वस्तु को ध्यान में रखते हुए कैलेण्डर आधारित कार्ययोजना बनाने के निर्देश संबंधित को दिये। इसके साथ ही जिला स्तरीय क्रियान्वयन की रूपरेखा को लेकर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। उन्होंने सभी संबंधित विभाग के अधिकारियों को आपसी समन्वय स्थापित करने की बात कही। 25 वर्षाे के जनसेवा व विकसित भारत 2047 के सामूहिक संकल्प से जिले के ज़्यादा से ज्यादा नागरिक जुड़ें, इस हेतु सेवा संकल्प अभियान का बेहतर प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर द्वारा बैठक में सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त आवेदनों के निराकरण की विभागवार समीक्षा की। उन्होंने लोक निर्माण, कृषि, खाद्य, श्रम, राजस्व एवं पंचायत विभाग से निराकृत प्रकरणों की सीधी जानकारी लेते हुए कहा कि निराकरण की गति के साथ उसकी गुणवत्ता और नागरिकों से मिलने वाला फीडबैक भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने अधिकारियों को स्वयं मॉनिटरिंग करने तथा प्रकरण बंद होने के बाद आवेदकों से संपर्क कर वास्तविक राहत की पुष्टि करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायत का निपटारा केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि शिकायतकर्ता की संतुष्टि के आधार पर होना चाहिए।
कलेक्टर ने समय-सीमा से बाहर लंबित प्रकरणों का बिंदुवार विश्लेषण करते हुए संबंधित विभागों को शिकायतों के मूल कारणों की पहचान कर स्थायी समाधान की दिशा में कार्य करने को कहा। समीक्षा के दौरान उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आम नागरिक समाधान की उम्मीद से हेल्पलाइन तक पहुंचता है, इसलिए जनसमस्याओं के निराकरण में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने विभाग प्रमुखों को अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय कर ड्यूटी निर्धारित करने के निर्देश दिए, ताकि कोई भी प्रकरण अनावश्यक रूप से लंबित न रहे। उन्होंने कहा कि सीएम हेल्पलाइन शासन और आमजन के बीच संवाद का महत्वपूर्ण माध्यम है और प्रत्येक शिकायत को बेहतर सेवा में बदलना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
बैठक में राज्य शासन के प्रस्तावित सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान की जिला स्तरीय तैयारियों की भी समीक्षा की गई। प्रगति की निगरानी एकीकृत सुघ्घर छत्तीसगढ़ डैशबोर्ड से होगी, जिस पर ग्राम स्तर तक योजनाओं की स्थिति और शेष हितग्राहियों की जानकारी उपलब्ध रहेगी। कलेक्टर ने डैशबोर्ड पर अद्यतन प्रविष्टि सुनिश्चित करने की हिदायत संबंधितों को देते हुए कहा कि इसकी नियमित समीक्षा होगी और लापरवाही मिलने पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।
बैठक में विकास कार्यों की प्रगति और शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा भी की गई। कलेक्टर ने एनआरएलएम के अधिकारियों को महिला सशक्तिकरण की दिशा में ठोस पहल करते हुए स्व-सहायता समूहों की महिलाओं की आर्थिक प्रगति को स्थायित्व देने के निर्देश दिए। साथ ही मुख्यमंत्री जन शिकायत, मुख्यमंत्री जन चौपाल, पीएमओ पोर्टल एवं कलेक्टर कार्यालय में प्राप्त जन समस्याओं और मांगों की जांच कर त्वरित निराकरण करने की बात कही।
बैठक में अपर कलेक्टर आर.एस. लाल, प्रमोद गुप्ता, आर.एन. पाण्डेय, सर्व अनुविभागीय अधिकारी तथा जिला स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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