वन महोत्सव में मंत्री केदार कश्यप का पर्यावरण संकल्प : ‘एक पेड़, एक जीवन’ का दिया संदेश

रायपुर, 3 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ में वन संरक्षण और पर्यावरण संवर्धन को जनभागीदारी से जोड़ने की दिशा में गुरुवार को कोंडागांव जिले के विश्रामपुरी (बड़ेराजपुर) में वनमंडल स्तरीय वन महोत्सव-2026 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री  केदार कश्यप ने मैंदा प्रजाति का पौधा रोपकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

इस अवसर पर वन मंत्री ने ‘एक पेड़, एक जीवन’ का संकल्प दिलाते हुए प्रत्येक परिवार से कम से कम एक पौधा लगाने और उसकी नियमित देखभाल करने का आह्वान किया।

‘एक पेड़ मां के नाम’ को जनआंदोलन बनाने की अपील

श्री केदार कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को जनआंदोलन बनाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमं विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में वन संरक्षण, हरित क्षेत्र के विस्तार और जनभागीदारी आधारित पर्यावरण संवर्धन के लिए प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने विद्यार्थियों से पौधों की जिम्मेदारी लेने तथा प्रत्येक शासकीय संस्थान में हरित परिसर विकसित करने का आग्रह किया।

कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, विद्यार्थियों और ग्रामीणों ने ‘हमारा संकल्प—एक पेड़, एक जीवन; हरित भारत, स्वस्थ भारत’ की शपथ ली। पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता का संदेश देने के लिए पौधों को राखी भी बांधी गई।

बस्तर में विकास और शांति के नए दौर पर जोर

वन मंत्री ने कहा कि बस्तर विकास और शांति के नए दौर में प्रवेश कर रहा है। उन्होंने कहा कि लघु वनोपजों के संग्रहण एवं प्रसंस्करण के माध्यम से वनवासियों की आय बढ़ाने की दिशा में सरकार लगातार कार्य कर रही है।

उन्होंने नागरिकों से वृक्षों की कटाई रोकने और अधिक से अधिक पौधे लगाने की अपील की। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।

हितग्राहियों को आर्थिक सहायता और वन संरक्षण में योगदान के लिए सम्मान

वन महोत्सव के दौरान विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत हितग्राहियों को आर्थिक सहायता भी वितरित की गई।

राज मोहिनी देवी अनुदान योजना के अंतर्गत तीन हितग्राहियों को 2.30 लाख रुपये तथा प्रतिभाशाली छात्रवृत्ति योजना के तहत छह छात्राओं को 1.20 लाख रुपये की सहायता प्रदान की गई।

इसके अलावा तेंदूपत्ता संग्रहण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले संग्राहकों को प्रोत्साहन राशि दी गई। वन संरक्षण में उल्लेखनीय योगदान देने वाली आठ संयुक्त वन प्रबंधन समितियों और 11 वन कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

विद्यार्थियों और ग्रामीणों की रही सक्रिय भागीदारी

वन महोत्सव में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ वन और वनवासियों से जुड़े विषयों पर भी जोर दिया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थी, ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।

इस अवसर पर केशकाल विधायक नीलकंठ टेकाम, जिला पंचायत अध्यक्ष  रीता सोरी, वन मंडलाधिकारी  दिव्या गौतम और जिला पंचायत सीईओ अविनाश भोई सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, विद्यार्थी एवं ग्रामीण उपस्थित थे।

पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने का संदेश

वन महोत्सव के माध्यम से छत्तीसगढ़ में वृक्षारोपण को केवल औपचारिक अभियान के बजाय वृक्षों के संरक्षण और उनकी जिम्मेदारी से जोड़ने का संदेश दिया गया। ‘एक पेड़, एक जीवन’ का संकल्प इसी सोच को आगे बढ़ाने की पहल है, जिसमें पौधा लगाने के साथ उसके संरक्षण और संवर्धन पर भी जोर दिया गया।

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