गेल ओमवेट को याद करो। अमेरिका से आई, भारत की नागरिकता ली, तथाकथित दलित आंदोलन के नाम पर यहीं शादी की, और जिंदगी भर भारत में जाति को हथियार बनाकर हिंदू समाज को तोड़ने का थ्योरी लिखती रही। बाहर से चेहरा - गरीबों की मसीहा, अंदर से एजेंडा ब्रेकिंग इंडिया और डिस्मेंटल हिंदुत्व का है।

ज्यां द्रेज़ उसी का दूसरा वर्जन है, बस पैकेजिंग नई है।

बेल्जियम से आया, भारत की नागरिकता ली 2002 में, यहीं शादी की - बेला भाटिया से, जो खुद नक्सल बेल्ट मे काम करने वाली एक्टिविस्ट है। फिर झारखंड के गांव में झोपड़ी डाल ली। फटा कुर्ता, साइकिल, नंगे पैर। ताकि कोई सवाल ही न पूछे - कि भाई तेरा खर्चा चलता कहाँ से है?

किताबें बिकती नहीं, नौकरी करता नहीं, खेती करता नहीं। फिर भी दिल्ली से रांची, रांची से हार्वर्ड, हार्वर्ड से लंदन तक के टिकट, सेमिनार, होटल, वकील सबका पैसा कहाँ से आता है?

यहीं पर एम्मा रोथ्सचाइल्ड वाला जिगरी दोस्त वाला नेटवर्क काम आता है। यह अमर्त्य सेन की बीवी एम्मा का पालतू दोस्त है।

अमर्त्य सेन के साथ रहो तो हार्वर्ड बुलावा भेजता है। हार्वर्ड बुलावा भेजता है, तो फोर्ड फाउंडेशन, रोथ्सचाइल्ड फाउंडेशन जैसी तिजोरियां खुलती हैं। वही पैसा फिर भारत में एनजीओ बनकर आता है, आंदोलन खड़ा होता है, और हर आंदोलन का आखिरी नारा एक ही होता है - भारत का स्टेट गरीबों का दुश्मन है, हिंदुत्व गरीबों का दुश्मन है।

गेल ओमवेट ने जाति के नाम पर तोड़ा, द्रेज़ गरीबी के नाम पर तोड़ रहा है।

तरीका क्या है इसे समझते हैं। पहले एक विदेशी को भारतीय बनाओ। फिर उससे भारतीयों को ही सिखाओ कि तुम्हारा धर्म, तुम्हारी व्यवस्था कितनी खराब है। फिर उसी रिपोर्ट को विदेश में ले जाकर भारत को बदनाम करो कि देखो यहाँ ह्यूमन राइट्स का उल्लंघन हो रहा है। और उसी बदनामी पर अगली फंडिंग ले आओ।

ये गरीबी हटाने का मॉडल नहीं है, ये गरीबी बचाकर रखने का मॉडल है। गरीब रहेगा तो द्रेज़ की दुकान चलेगी, द्रेज़ की दुकान चलेगी तो सेन के सेमिनार चलेंगे, सेन के सेमिनार चलेंगे तो रोथ्सचाइल्ड सर्कल में भारत को लेकर चिंता जताई जाती रहेगी।

इसी को डिस्मेंटल हिंदुत्व और ब्रेकिंग इंडिया का इकोसिस्टम कहते हैं। चेहरा देसी, खर्चा विदेशी, और निशाना सिर्फ एक - हिंदू समाज को अपराधबोध में डुबोकर रखो।

एक बात और स्पष्ट कर दूं ज्यां द्रेज़ का 'मनरेगा फूड राइट' का किस्सा सिर्फ़ मुखौटा है। यह नंगे पैर रहने का नाटक करता है और दो लाख का गैजेट लेकर चलता है।

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