वह शिक्षक कहलाता है… 

रहे परिस्थिति चाहे जैसी, जीना हमें सिखाता है।

रहें अडिग हम संघर्षों में, काबिल हमें बनाता है।।

 

अज्ञानमयी अंधकार से, ज्ञान की ओर ले जाता है।

शून्य से वह अनंत तक का, हमको मार्ग दिखाता है।।

 

युद्धक्षेत्र में वह अर्जुन और वीर शिवाजी बनाता है।

ज्ञानक्षेत्र में तुलसी, सूर और विवेकानंद बनाता है।।

 

शस्त्र, शास्त्र और संस्कार का पाठ हमें पढ़ाता है।

करें प्रगति हम हर क्षेत्र में, इस योग्य हमें बनाता है।।

 

देकर शिष्य को शुभाशीष, वह जीवन सफल बनाता है।

जीवन में जो लाए प्रकाशपुंज, वह शिक्षक कहलाता है।।

 

~ आयुष द्विवेदी✍🏻

 

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