नमन करता हूं मैं उनको…

नमन करता हूं मैं उनको, जिन्होंने आजादी लाई।
नमन करता हूं उनको भी, जिन्होंने जान गंवाई।।

तिरंगे की रक्षा कर, तिरंगे में सो गए।
शहीद होकर वो सभी, अमर हो गए।।

माँ का प्यारा था वो, था प्रियतमा का सुहाग।
सहारा था पिता का वो, और था घर का चिराग।।

माँ का रणबांकुरा, माँ की खातिर लड़ा।
एक की छोड़ गोद, वो दूसरी में पड़ा।।

दे गए हैं हमें, देश की आन बान।
फर्ज़ अपना भी है, अब ना कमने दे शान।।

एकता से गढ़े, हम नया हिंदुस्तान।
एक होकर रखें, इस देश का मान।।।

       
~ आयुष द्विवेदी "आयु"

Disclaimer : इस लेख/रचना में व्यक्त विचार लेखक के निजी विचार हैं। हर तरह के वाद, विवाद के लिए लेखक व्यक्तिगत तौर पर जिम्मेदार हैं।